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बुधवार, 23 जून 2010

एआईई की राज्य प्रधान सहित 150 वर्करों पर मामला दर्ज



-सडक़ पर जाम लगाकर यूनियन वर्करों को खुदकुशी के लिये उकसाया था
बठिंडा। मंगलवार की रात एआईई अध्यापकों का प्रशासन से इस बात को लेकर समझौता हुआ कि उन पर दायर सभी मामले पुलिस वापिस ले लेगी लेकिन धरना सामाप्त होने के बाद बुधवार को पुलिस ने सडक़ पर जाम लगाकर एआईई यूनियन वर्करों को आत्महत्या के लिये उकसाने व आत्महत्या का प्रयास करने केञ् मामले में यूनियन की प्रदेश प्रधान स्वर्णा देवी सहित यूनियन के 150 मेंबरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उक्त मामला थाना नहियांवाला के एसआई गुरप्रीत सिंह के बयानों पर दर्ज किया गया है। एसआई गुरप्रीत सिंह मुख्य अफसर थाना नहियांवाला ने बताया कि एआईई यूनियन के वर्करों ने बठिंडा-अमृतसर जीटी रोड़ पर धरना देकर नारेबाजी की। यह ही नहीं आरोपियों ने नारेबाजी कर गांव भोखड़ा में बनी पानी की टंकी पर चढे़ यूनियन मेंबरों को आत्महत्या का प्रयास करने के लिये उकसाया। वर्करों की ओर से लगाये गये जाम से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने यूनियन की प्रधान स्वर्णा देवी, मंजीत कौर, राखी रानी, बिमला देवी, जसवीर सिंह, कमल शर्मा, शेर सिंह, सुखजीवन सिंह, शेर खां, हरजिंदर सिंह, संदीप कौर, कुलविंदर कौर, प्रदीप कौर, आशु शर्मा, मंजीत कौर, बिमला सहित 150 अज्ञात वर्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दूसरी तरफ एआईई अध्यापकों की यूनियन की प्रधान स्वर्णा देवी का कहना है कि प्रशासन एक तरफ उनकी मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दे रहा है वही उनके कार्यकर्ताओं पर केञ्स दायर किए जा रहे हैं। इससे प्रशासन मामले को हल करने की बजाय उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रहा है, इसे किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें बुधवार की सुबह 11 बजे बैठक के लिए बुलाया था लेकिन इसके बाद सांय तीन बजे का समय दिया गया लेकिन इस दौरान भी प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें बैठक के लिए नहीं बुलाया है। इस बाबत यूनियन कार्यकर्ता जब डीसी गुरकृतकृपाल सिंह से मिले तो उन्होंने कहा कि जब भी मुख्यमंत्री से उनकी मांगों को लेकर बात होगी वह उन्हें सूचित कर बैठक के लिए बुला लेंगे।  

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