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मंगलवार, 22 जून 2010

गर्मी से दो की मौत

बठिंडाः बठिंडा डबवाली रोड पर बठिंडा से 30 किलोमीटर की दूरी पर डूमवाली एक खेत में एक नौजवान की लाश पड़ी होने की सूचना सहारा जन सेवा के वर्करों को फोन पर मिली। जिसके तुंरत बाद संसथा के वर्कर एम्बुलैंस सेवा सहित घटना स्थल में पहुंचे। इसकी सूचना संसथा वर्करों ने पुलिस को दी। जिसके पश्चात पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में संस्था वर्कञ्रों ने लाश को पोसटमार्टम के लिए बठिंडा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। मृतक व्यक्ति की शिनाख्त राकेश कुमार वासी डबवाली के तौर पर हुई। इस सबंध में संस्था वर्करों ने बताया कि मृतक व्यक्ति की मौत गर्मी के कारण हुई है। इसी तरह एक अन्य मामले में बठिंडा बादल रोड पर दो दिन पहले एक बेसहारा व्यक्ति की जो सडक़ पर बेहोश पड़ा था। जिसकी सूचना सहारा जन सेवा के वर्करों को मिलते ही संस्था वर्करों ने घटना स्थल में पहुंच कर बेहोश व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन कुछ समय बाद भी व्यक्ति की हालत में कोई सुधार न होने के चलते बेसहारा व्यक्ति की गर्मी के कारण मौत  हो गई।
@Post By Punjab Ka Sach 

बिजली की चोरी रोकना पड़ी महंगा


बठिंडा। स्थानीय फूल मंडी के वासी को अपने पड़ोसी को बिजली की चोरी करने से रोकना काफी मंहगा पड़ गया। आरोपी व्यक्ति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर शिकायतकर्ता पर गंडासे से हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया। इस मामले में फूल पुलिस ने घायल व्यक्ति के बयान के आधार पर पांच आरोपियों पर आईपीसी की धारा 341, 324, 323, 427, 149, 148 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी हैं। गौर हो कि पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की है। जानकारी अनुसार पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में रजिंद्र सिंह पुत्र अवतार सिंह वासी बुर्ज गिल ने बताया कि विगत दिवस को उसका दोस्त गुरतेज सिंह पुत्र महिंद्र सिंह अपने ड्राईवर के साथ घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान आरोपी गुरबाज सिंह, सिंकदर सिंह पुत्र सुरजीत सिंह, कमल सिंह पुत्र सिकंञ्दर सिंह, अमृत पाल सिंह पुत्र गुरबाज सिंह, जसकरण सिंह पुत्र जसवंत सिंह वासी बुर्ज गिल ने उसके ऊपर गढ़से व अन्य हथियार से हमला कर उसे व उसके ड्राईवर को गंभीर रुप से घायल कर घटनास्थल से फरार हो गए। रजिंद्र सिंह ने बताया कि उक्त आरोपी इस बात को लेकर गुरतेज सिंह से रंजिश रखते थे कि उक्तञ् आरोपी बिजली की कुंडी लगाकर अपनी मोटर चलते थे और गुरतेज सिंह उन्हें इसे करने से रोकता था। इसी रंजिश का बदला लेने की नीयत से उक्त आरोपियों ने उसके ऊपर जानलेव हमला किया हैं। वहीं सदर पुलिस के दी शिकायत में गुरविंद्रर सिंह पुत्र हरबंस सिंह वासी दिओण ने बताया कि विगत दिवस को वह अपने मोटरसाईकिल पर सवार होकर घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान तीन मोटरसाईकिल पर सवार तीन अज्ञात लोग उसके पास आए और मोटरसाईकिल रोक उसके साथ मारपीट कर घटनास्थल से फरार हो गये। पुलिस ने अज्ञात तीन लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी हैं। 


चैक बाउंस के आरोप में एक व्यक्ति पर मामला दर्ज 
बठिंडा। सिविल लाईन पुलिस ने चैक बांऊस होने के मामले में एक व्यक्ति पर मामला दर्ज किया हैं। पुलिस ने आरोपी व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दायर कर कार्रवाई शुरु कर दी हैं। जानकारी अनुसार पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में भूपेस शर्मा पुत्र वैद प्रकाश वासी सिविल कलोनी ने बताया कि उसने आरोपी नीरज कुमार पुत्र मोहन लाल गोयल वासी गणेश बस्ती से 12 लाख 50 हजार रुपये की रकम लेनी थी। जिसके तहत उक्त आरोपी ने उसे उसके नाम 12 लाख 50 हजार रुपये की कीमत वाला चैक दे दिया। जब उसने उक्त चैक बैंक में जमा करवा तो बैंक द्वारा उक्त चैंक बाउंस कर दिया गया। भूपेस कुमार ने बताया कि उक्त आरोपी को पता था कि उसके खाते में किसी भी प्रकार की रकम नहीं हैं, यहां सब कुछ जानते हुए भी उक्त आरोपी नीरज कुमार ने उसके साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपी नीरज कुमार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया हैं। 

झोलाछापा डाक्टर नशीली दवाईयां सहित गिरफ्तार 
बठिंडा। जिला पुलिस द्वारा नशे विरोधी शुरु किए अभियान के तहत कैनाल पुलिस व सदर पुलिस ने तीन व्यक्तियों को नशीली दवाईयां व भुक्की सहित गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने उक्त आरोपियों पर आईपीसी की धारा एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी हैं। जानकारी अनुसार एसआई हरनेक सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली की आरोपी संजू कुमार पुत्र सुरजीत सिंह वासी परसराम नगर अपने आप को डाक्टर बताकर लोगों को दवाईयां की आड़ में नशीली दवाईयां बेचने का कारोबार करता हैं। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संजू कुमार की दुकान में छापेमारी कर 280 पारवन स्पास कैप्सूल बरामद किए। इस दौरान आरोपी संजू कुमार घटनास्थल से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने मोहन सिंह को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी तरफ सदर थाना पुलिस ने गश्त के दौरान आरोपी जसपाल सिंह उर्फ पाला सिंह  को छह किलो भुक्की चूरा पोस्त सहित गिरफ्तार कर लिया। नथाना पुलिस ने भी गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर बलजिंद्र सिंह शर्मा पुत्र ओम प्रकाश शर्मा को नशीली दवाईयां सहित गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने आरोपी बलजिंद्र सिंह पर मामला दर्ज कर लिया हैं। 

घर के सामने से कार चोरी
बठिंडा। विगत दिवस को किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय माडल टाऊन से एक कार चोरी कर ली हैं। इस संबंध में सिविल लाईन पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति पर चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी हैं। जानकारी अनुसार पुलिस को दी शिकायत में विपन कुमार पुत्र ज्ञान चंद वासी माडल टाऊन ने बताया कि विगत दिवस को उसने अपनी कार नंबर पीबी 08 जैडए -5438 अपने घर के सामने पार्क की थी, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस ने कार के मालिक के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

सट्टा लगाते हुए एक काबू 
बठिंडा। कोटफत्ता पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक व्यक्ति को सट्टा लगाते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी व्यक्ति पर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया हैं। जानकारी अनुसार हवलदार लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली की आरोपी जनक राज वासी कोटशमीर सट्टा लगवाने का कार्य कर रहा हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी कर आरोपी लक्ष्मण सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
@Post By Punjab Ka Sach 

पानी की डिग्गी में दो अध्यापकों ने लगाई छलांग हालत गंभीर



-प्रशासन की मौजूदगी में खेला गया मौत का खेल, प्रबंध रहे नाकाफी
-पिछले 24 घंटे से चढे़ है पानी की टैंकी पर, प्रशासन नहीं कर रहा बातचीत 
                                                                                   फोटो : बब्बल
बठिंडा। जिला प्रशासन की मौजूदगी में अलटरनेटिव इनोवैटिक एजूकेशन (एआईई) के दो अध्यापकों ने मौत का खेल खेल दिया। इसमें दोनों महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। अध्यापकों ने एक घंटा पहले ही सभी को सूचित किया कि वह पानी की टंकी में चढ़कर आत्मदाह करेगी या फिर स्वयं को साथ लगती पानी की डिग्गी में छलांग लगा देगी। इसके बावजूद प्रशासन ने किसी तरह की पुख्ता व्यवस्था नहीं की जिसमें देखते ही देखते दो अध्यापिकाओं ने पानी की टैंकी से छलांग लगा दी। यही नहीं पानी की टैंकी पर चढ़ी अध्यापक यूनियन की प्रधान स्वार्णारानी नींचे कूञ्दकर आत्महत्या करने की धमकी दी रही है। उसे लगभग सात लोगों ने टैंकी के ऊपर पकड़ कर रखा हुआ है। इससे पहले अध्यापकों की चेतावनी के बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान थाना नहियावाला थाना प्रभारी ही मौके पर मौजूद थे जबकि सुबह के समय एसपी सीटी कुछ मिनट वहां रुके व पुलिस कर्मचारियों से बात कर वापिस लौट गए। इस दौरान न तो एबूलेस की व्वस्था थी और न ही किसी तरह का नेंट व अन्य राहत सामान वहां रखा गया। पानी की डिग्गी में डूबे दोनों अध्यापकों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन के पास किसी तरह की व्यवस्था नहीं थी जबकि नहियावाला थाना प्रभारी गुरप्रीत सिंह ने पानी की डिग्गी में छलांग लगाई लेकिन वह एक अध्यापक को बाहर निकालने में सफल हो सके। इसके बाद आसपास के दूसरे लोगों ने दूसरी महिला को बाहर निकाला। दोनों महिलाओं को तैरना नहीं आता था। जानकारी अनुसार मंगलवार की सुबह एआईई अध्यापक पहले से ज्यादा आक्रोशित नजर आ रहे थे। इसके चलते उन्होंने जिला प्रशासन को पहले ही चेतावनी दी कि अगर उन्होंने निरसता की नीति नहीं छोड़ी व उनकी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई तो वह आत्महत्या करने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाएंगे। इसके बावजूद प्रशासन ने उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया व मामले को हलके में लिया। इसके बाद छह के करीब अध्यापक यूनियन की प्रधान स्वर्णारानी व राजरानी के साथ पानी की टैंकी में चढ़ गए। इसमें मंजीत कौर वासी सरदूलगढ़ मानसा और विमला रानी वासी गुरहरसहाय फिरोजपुर ने पानी की टैंकी में छलांग लगा दी। दोनों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से मौके पर किसी तरह की एबूलेंस की व्यवस्था न होने से जीप में डालकर दोनों अध्यापकों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद प्रशासन की नींद खुली और सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे व उन्होंने मामले में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया। फिलहाल दोनों अध्यापकों की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।

प्रशासन की निरसता से एआईई अध्यापकों का आ बढ़ा
-20 घंटे बाद प्रशासन की नींद खुली, सुरक्षा के लिहाज से इंतजाम किए
                                                                                  फोटो बब्बल 
बठिंडा। अलटरनेटिव इनोवैटिक एजूकेशन (एआईई) का विरोध प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन 20 घंटे बाद हरकत में आया। इससे पहले जिला प्रशासन उनके प्रदर्शन को लगातार हलके में ले रहा था, जिसके चलते अध्यापकों की तरफ से दी जा रही चेतावनी को नजरअंदाज किया जा रहा था। मंगलवार को दोपहर एक बजे के बाद एआईई अध्यापकों का आक्रञेश चरम पर पहुंच गया व उन्होंने प्रशासन से आरपार की जंग लड़ने का ड्डैञ्सला ले लिया। इस दौरान चंडीगढ़ गई यूनियन की प्रधान स्वर्णा देवी भी मौके पर पहुंच गई। उनके आते ही सभी प्रदर्शनकारियों में नई जान ड्डूंञ्क गई। स्वर्णा देवी स्वयं टैंकी पर चढे़ अध्यापकों के पास पहुंच गई और उसने नीचे छलांग लगाने की कोशिश की। उनके इरादों को भांपते हुए दूसरे साथियों ने उसे पकड़ लिया। लगभग एक घंटे तक उसे सात के करीब अध्यापकों ने पकडे़ रखा इसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके तुरंत बाद ही पानी की टैंकी के नीचे प्रदर्शन कर रही अध्यापिकाओं ने साथ में बनी पानी की डिग्गियों की तरफ रुख करना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मात्र 15 के करीब सुरक्षा कर्मचारी मौजूद थे जबकि थाना स्तर का अधिकारी उनसे बात कर रहा था। जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी इस दौरान उनसे मिलने व उनकी बात सुनने के लिए नहीं पहुंचा। प्रशासन की नजरअंदाज करने की नीति के चलते ही प्रदर्शनकारी आक्रञ्मक रुख अख्तियार करने को मजबूर हुए। प्रशासन ने इस दौरान मौके पर किसी तरह की एबूलेंस का इंतजाम नहीं किया वही पानी की टैंकी पर चढे़ प्रदर्शनकारियों को नीचे उतारने व आपात स्थिति में किसी तरह की सहायता देने का इंतजाम भी प्रशासन के पास नहीं था। इस तरह की लापरवाही का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि जब दो अध्यापकों ने पानी की डिग्गी में छलांग लगाई तो 20 मिनट तक कोई भी व्यक्ति उन्हें बाहार निकालने के लिए मौजूद नहीं था जिससे दोनों की हालत खराब हुई। इस घटना के बाद प्रशासन थोड़ा हरकत में आया और उसने मौके पर प्राइवेट सामाजिक संस्थाओं की एबूलेंस मंगवाई वही आपात स्थिति के लिए जाल व तैराक मंगवाए गए। एआईई यूनियन की प्रदेश प्रधान स्वर्णा रानी का कहना है कि जिला प्रशासन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, पिछले दो दिन से प्रशासन उनकी कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है। सो रही सरकार व प्रशासन को जगाने के लिए उन्हें इस तरह के कदम उठाने पड़ रहे हैं। डीसी गुरकृतकृपाल सिंह का कहना है कि अध्यापकों की मांगों को लेकर वह सरकार को अवगत करवा चुके हैं इसमें अधिसूचना सरकार ने जारी करनी है। जरूरत अनुसार घटनास्थल पर सुरक्षा के लिहाज से व्यवस्था पुलिस देख रही है।