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गुरुवार, 1 जुलाई 2010

बाजारवाद में ढलता सदी का महानायक

इसमें कोई शक नहीं कि रुपहले पर्दे पर अपने रौबदार एवं दमदार किरदारों के लिए हमेशा ही वाहवाही बटोरने वाला सदी का महानायक अमिताभ बच्चन अब बाजारवाद में ढलता जा रहा है, या कहूं वो पूरी तरह इसमें रमा चुका है। ऐसा लगता है कि या तो बाजार को अमिताभ की लत लग गई या फिर अमिताभ को बाजार की।

एक समय था जब अमिताभ की जुबां से निकले हुए शब्द लोगों के दिल-ओ-दिमाग में सीधे उतर जाते थे, उस वक्त के उतरे हुए शब्द आज भी उनकी जुबां पर बिल्कुल पहले की तरह तारोताजा हैं। उस समय कि दी यंग एंग्री मैन की छवि को आज का बिग बी टक्कर नहीं दे सकता। सत्य तो ये है कि आज का बिग बी तो उसके सामने बिल्कुल बौना नजर आता है।

सदी के इस महानायक का हाल एक शराबी जैसा हो गया है, जिसको देखकर कभी समझ नहीं आती कि शराब को वो पी रहा है या फिर शराब उसको पी रही है। आज बाजार अमिताभ को खा रहा है या अमिताभ बाजार को समझ नहीं आ रहा है, बस सिलसिला दिन प्रति दिन चल रहा है। असल बात तो यह है कि बीस तीस साल पुराना लम्बू और आज के बिग बी या अमिताभ बच्चन में बहुत बड़ा अंतर आ चुका है।

जहां बीस तीस साल पहले लम्बू बड़े पर्दे पर गरीबों दबे कुचले लोगों की आवाज बनता या उनका प्रतिनिधित्व करता हुआ एक दी यंग एंग्री मैन बन गया था, वहीं आज का अमिताभ बच्चन एक पूंजीवादी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए बाजार के लिए वस्तु बनकर रह गया या फिर टैग बनकर रह गया।

आज का बिग बी किसी को याद नहीं, अगर याद है तो सब को बीस तीस साल पुराना वो ऊर्जावान और शक्तिशाली अमिताभ बच्चन या फिर विजय दीना नाथ चौहान। जिसकी आवाज लोगों के कानों में आज भी गूंजती है, जिसके होने का आज भी अहसास होता है। वो कई साल पुराना हो चुका है, लेकिन आज भी तारोताजा है खेतों में लगी हुई सब्जियों की भांति। इस बात की पुष्टि तो पिछ्ले दिनों बिग बॉस के पहले दिन ही हो गई थी, जब बिग बी के सामने आने वाले बिग बॉस के मेहमान कल वाले अमित जी को याद कर रहे थे, जब अमिताभ उनकी उम्र का हुआ करता था। इन प्रतियोगियों को आज का अमित तो दिखाई ही नहीं देता। आज का बिग बी तो दी यंग एग्री मैन के कारण दौड़ रहा है।

अमिताभ बच्चन के 'दी यंग एंग्री मैन' से 'बिग बी' बनने के पीछे शायद '90 के दशक दौरान हुआ घाटा ही है, इसके बाद जब अमिताभ फिर से उदय हुआ तो उसका नया रूप था बिग बी। उसने विजय दीना नाथ चौहान का पल्लू छोड़ दिया, और खुद को बिग बी में ढाल लिया। जो अब पैसे की कीमत को समझने लगा था, उसको समझ आ गया था कि अब उसको बाजारवाद में ढलना होगा, नहीं तो वो खत्म हो जाएगा। किसी ने सत्य ही कहा है कि पैसा कुछ नहीं, अगर समझो तो खुदा से कम नहीं।

बीपीएल के विज्ञापन से विज्ञापन जगत में कदम रखने के बाद अमिताभ ने कई उत्पादों की बिक्री को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया, जिसके साथ अमिताभ का नाम जुड़ गया, उसका नसीबा खुल गया। इस दौर में अमिताभ पैसा खींच रहा है खुद के लिए और कुछ कारोबारी कंपनियों के लिए। शायद इस लिए लोगों के जेहन में दी यंग एंग्री मैन का नया रूप नहीं उतर रहा, बिग बी भा रहा है तो उसके पिछले युग के कारण, वैसे भी भारत में एक धारणा तो है कि आदमी अपने पिछले जन्मों का किया हुआ इस जन्म में खाता है, वैसे भी अमिताभ बच्चन का बिग बी दूसरा जन्म ही है।

कुलवंत हैप्पी
76967-13601

जेल गार्द एसो. ने किया रोष प्रदर्शन

जेल गार्द एसो. ने किया रोष प्रदर्शन
बठिंडा : पिछले छह माह से जेल गार्द के लांगरियों को वेतन न मिलने, पिछले दो सालों से वर्दी न मिलने व कर्मचारियों की अवैध बदली करने को लेकर विभाग से खफा पंजाब जेल गार्द एसोसिएशन ने स्थानीय केंद्रीय जेल में रोष प्रदर्शन किया। गौर तलब है कि विगत 18 जून को एसोसिएशन की ओर से फिरोजपुर सर्कल में धरना देकर चेतावनी दी गई थी, अगर सरकार व विभाग ने उनकी मांगों पर गौर न किया तो फिर से एक जुलाई को रोष प्रदर्शन किया जाएगा। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे अपने साथियों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार व विभाग उनकी मांगों को नहीं मानता तो संघर्ष को तेज किया जाए। वक्ताओं ने अपने हकों की रक्षा के लिए अपने साथियों को प्रेरित किया। इस मौके पर जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रधान लखवीर सिंह ने बताया कि उनकी मांगों में जेल गार्द की भर्ती की योग्यता 12वीं की जाए, जो आठवीं है, जेल गार्द को पंजाब पुलिस की तरह गजटिड छुट्टियों की एवज में 13वां वेतन दिया जाए। इसके अलावा जेल गार्द के लांगरियों को पिछले छह माह से जो वेतन नहीं दिया गया, वो दिया जाए व पिछले दो साल से नहीं दी गई वर्दियां दी जाएं। इस मौके पर बलदेव सिंह मेहराज, कर्म सिंह व गुरनैब सिंह आदि साथी उपस्थित थे।

तीन दिवसीय भूख हड़ताल शुरू
बठिंडा : आज स्थानीय मिनी सचिवालय के बाहर जंगलात विभाग फील्ड वर्कर्स यूनियन बठिंडा की ओर से अपनी मांगों को लेकर तीन दिवसीय भूख हड़ताल की शुरूआत की गई। इस मौके पर जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष ने बताया कि वन विभाग बठिंडा की ओर से कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं दिया गया, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद पतली होती जा रही है। यूनियन नेताओं ने वन विभाग बठिंडा के आला अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के उक्त अधिकारी दिन के उजाले में लूट रहे हैं और सरकार को आए दिन लाखों का चूना लगा रहे हैं। यूनियन के राज्याध्यक्ष जसवीर सिंह जंगीराणा ने बताया कि यहाँ हो रही लूटमार के बाबत विजिलेंस को भी जानकारी है, लेकिन अभी तक आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस कारवाई नहीं हुई, जिसके कारण अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं।

माइक्रोटेक की डीलर मीट
बठिंडा : स्थानीय बरनाला रोड़ स्थित एक रिजोर्ट में बिजली यंत्र बनाने वाली कंपनी माइक्रोटेक की ओर से एक डीलर मीट का आयोजन किया गया, जिसमें बठिंडा व आस पास के क्षेत्र से संबंधित डीलरों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर कुबेर का खजाना स्कीम के तहत लक्की ड्रा निकाले गए। मीट डीलरों का मनोरंजन करने के लिए रंगारंग प्रोग्राम का आयोजन भी किया गया, जिसमें पंजाबी हासरास कलाकार भजना अमली व उसकी साथी कलाकार ने खूब रंग बांधा। इस मौके पर बठिंडा के राजेंद्र कोहली व दवेंद्र कोहली को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।


सड़क हादसे में चार घायल
बठिंडा : पिछले 24 घंटों के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में करीबन चार लोगों के घायल होने की सूचना मिली है, जिनको उपचार के लिए सहारा जन सेवा द्वारा स्थानीय सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार संस्था को सूचना मिली कि स्थानीय थर्मल फाटक के समीप एक नौजवान घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही संस्था के कार्यकर्ताओं ने घायल युवक आजाद सिंह को स्थानीय सिविल अस्पताल में भरती करवाया। वहीं स्थानीय चंदसर बस्ती में एक मोटर साइकिल की टक्कर से रिक्षा चालक सुखदेव सिंह घायल हो गया, जिसको उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके अलावा बीवी वाला चौंक के समीप एक स्कूटर चालक को बचाने के चक्कर में कार सड़क डिवाईडर के साथ टकरा गई, जिसके कारण कार चालक सुखदेव सिंह सिद्धू बुरी तरह घायल हो गया। उधर, स्थानीय बादल रोड़ पर दो मोटर साइकिलों की आपसी भिंड़त में एक मोटर साइकिल चालक गिरधारी लाल बुरी तरह घायल हो गया, जिसको इलाज हेतु अस्पताल में दाखिल करवाया गया।

आसरा को दान किया शव सुरक्षा फ्रिज
बठिंडा : बठिंडा शहर की समाज सेवी संस्था आसरा वेलफेयर सोसायटी बठिंडा की सेवा भावना को देखते हुए बठिंडा के समाज सेवक बनवारी लाल बांसल ने संस्था को समाज सेवा हेतु शव सुरक्षा फ्रिज भेंट किया। संस्था प्रमुख रमेश मेहता ने बताया कि उक्त शव सुरक्षा फ्रिज को स्थानीय बीवी वाला रोड़ स्थित रामबाग में रख दिया गया। इस मौके पर संस्था के देवराज बांसल, विनोद गोयल, गोरा बांसल, हनीष मेहता, बसंत भट्ट, संदीप उपस्थित थे।