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शुक्रवार, 9 जुलाई 2010

तहसील परिसर में सरेआम खेला जा रहा है कि गुंडागर्दी का खेल

-खबर प्रकाशित होने केञ् बाद प्रतिनिधियों को धमकाने का सिलसिला
-पुलिस मामले में बरत रही है ढिलापन, आरोपी गिरफ्त से बाहर 
बठिंडा। भ्रष्टाचार के दलदल में धसी बठिंडा तहसील परिसर का कोई बालो बारिस नजर नहीं आ रहा है। वर्तमान में तहसील परिसर के अंदर गुंडागर्दी का नंगा नाच सरेआम खेला जा रहा है लेकिन इसे रोकने के लिए किसी तरह का प्रयास नहीं किया जा रहा है। तहसील परिसर में दलाली का धंधा करने वाले कुञ्छ असामाजिक तत्वों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि गत दिवस उन्होंने तहसील परिसर में भ्रष्टाचार संबंधी सामाचार प्रकाशित होने के बाद वहां बनाए गए पंजाब का सच के अस्थायी उपकार्यालय में तोड़फोड़ की व वहां रखे सामान को चोरी कर लिया। यही नहीं इसमें बैठने वाले प्रतिनिधियों को जान से मारने की धमकी दी गई। इस बाबत तहसील चौकी में मामला दर्ज करवाया गया जिसमें पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए मुहिम चलाने की बात कर रही है लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था। 
जानकारी अनुसार तहसील परिसर में प्रशासकीय अधिकारियों की मिलीभगत से रजिस्ट्री करवाने के नाम पर गौरखधंधा चल रहा है। इसमें सरकार को लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही है जबकि मामले में सब कुछ जानकर भी किसी के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई नहीं की जा रही है। पंजाब का सच अखबार की तरफ से पिछले दो दिनों से तहसील परिसर में होने वाले घौटाले व भ्रष्टाचार को लेकर सामाचार प्रकाशित किया जा रहा है। इसके बाद परिसर में गौरखधंधा करने वाले लोगों में हड़कंप का माहौल बना हुआ है। तहसील में बिना जांच के नक्शा बनाने वाले कई लोग अपनी सीट से गायब है जबकि तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी इस गंभीर मामले में किसी तरह की जुबान खोलने को तैयार नहीं है। तहसील दफ्तर में कुछ लोगों ने लोगों की जेब काटने के लिए बकायदा एक गिरोह का निर्माण कर रखा है। इस गिरोह में शामिल लोग जहां बिना जांच पड़ताल के नक्शा पास करवाते है वही तहसील में पडे़ एक खाली प्लांट के सामने ही सभी रजिस्टरी करवाने वालों की फोटो खीचकर सरकारी दस्तावेज में लगा दिये जाते हैं। उक्त पूरा गौरखधंधा तहसीलदार व नायब तहसीलदार के सामने होता है लेकिन इसमें अभी तक किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की हिमायत नहीं की गई है। फिलहाल इस गौरखधंधे का खुलासा होने के बाद वहां तैनात कुछ तत्वों ने पंजाब का सच अखबार के अस्थायी दफ्तर को निशाना बनाया व वहां लगे बोर्ड को हटाने के साथ दफ्तर में तोड़फोड़ की गई। वही वहां काम करने वाले प्रतिनिधि को जान से मारने की धमकी दी गई है। इसमें तहसील परिसर केञ् एक दो वकील, नक्शा नवीस व रजिस्टरी लिखने वाला एक व्यक्ति प्रत्यक्ष तौर पर शामिल है। मामले में संबंधित थाना केञ् अधिकारी दावा कर रहे हैं कि दफ्तर में बोर्ड हटाने  व तोड़फोड करने वाले आरोपियों की तलाश के लिए जांच चल रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर मामले में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई आज तक नहीं की गई है।        

बठिंडा इकाई ने दिया सुखबीर को अनूठा तोहफा

रक्तदान शिविर में सैंकड़ों ने किया रक्तदान
बठिंडा : स्थानीय बरनाला रोड़ पर स्थित एक पैलेस में आज शिअद की ओर से उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के जन्मदिन पर एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन कर अपने तेज तर्रार युवा नेता को एक अनूठा तोहफा दिया। इस मौके पर शिअद के शीर्ष पदस्थ नेताओं ने अपना रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया। पैलेस के एसी हाल में, जहां रक्तदान करने लिए कई बिस्तर लगाए गए थे, रक्तदान को लेकर युवाओं से अधेड़ उम्र के व्यक्तियों में गर्मजोशी देखने लायक थी। ज्ञात रहे कि आज बठिंडा के अलावा भी कुछ अन्य जिलों में सुखबीर सिंह बादल को जन्मदिन का अनूठा तोहफा देने के लिए शिअद कार्यकर्ताओं की ओर से रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया है। पार्टी वर्करों की इस पहल से रक्तदान अंदोलन को बहुत बड़ा फायदा पहुंचेगा।
इस शिविर में बाद दोपहर एक बजे तक लगभग 700 वर्करों ने स्वेच्छा से रक्तदान के लिए अपना नाम दर्ज करवाया दिया था। इस मौके पर रक्तदानियों में उत्साह देखने लायक था। रक्त एकत्र करने के लिए सिविल सर्जन डा. इंद्रदयाल गोयल की अगुवाई में पहुंची अलग अलग टीमों ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई जबकि जिला रेड क्रास बठिंडा की ओर से रक्तदानियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस मौके पर जानकारी देते हुए जिला प्रेस सचिव ओपी शर्मा ने बताया कि बठिंडा के अलावा मानसा व मुक्तसर में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर कार्यकर्ताओं ने अपने स्तर पर आयोजित किए हैं, इसके लिए पार्टी हाईकमान की ओर से कोई विशेष हिदायतें नहीं थी।
इस मौके पर जिला प्रधान सिकंदर सिंह मलूका, अमरजीत सिंह सिद्धू, गुरा सिंह तुंगवाली, दर्शन सिंह कोटफत्ता, सरूप सिंगला, जगदीप सिंह नकई, बलजीत सिंह बीड़ बह्मण, तरसेम गोयल आदि ने विशेष तौर से उपस्थित हो रक्तदानी कार्यकर्ताओं का हौसला अफजाई की।

शिअद ने किया रक्तदान संस्थाएं बनाने का एलान 
बठिंडा : रक्तदान की जरूरत को मद्देनजर रखते हुए शिरोमणि अकाली दल की ओर से जिले के हर गांव में संकटकालीन रक्तदानी संस्था की स्थापना की जाए। यह घोषणा आज स्थानीय एक पैलेस में शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के जन्मदिवस पर आयोजित एक रक्तदान शिविर को संबोधित करते हुए शिअद के जिला प्रधान सिकंदर सिंह मलूका ने की।
इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल जिला इकाई व यूथ विंग शिअद की ओर से जिले के हर गांव में एक संकटकालीन रक्तदानी संस्था की स्थापना की जाए, जो जरूरतमंद गरीब लोगों को जरूरत पड़ने पर रक्त मुहैया करवाएगी। श्री मलूका ने कहा कि यह फैसला आज के रक्तदान शिविर में पार्टी वर्करों के उत्साह को देखते हुए उनकी सलाह के बाद किया गया है।
इस मौके पर मास्टर हरमंदर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह मलूका, सुखदेव सिंह बाहिया, दलजीत सिंह बराड़, भुपेंद्र सिंह भुल्लर, राजेंद्र कुमार राजू, टेक सिंह खालसा, बलजीत सिंह सरां, राजेंद्र सिंह सिद्धू, मनजीत सिंह, निर्मल सिंह संधू आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

महानगरों में तेजी से फैल रहा है चोर गिरोह का आतंक

-वाहन चोरी करने वाले गिरोह पर पुलसिया शिकंजा भी नहीं दिला सका राहत
-घरों में सेधमारी कर लूट लिया जाता है नगदी व सोना  
बठिंडा। पिछले दो माह में राज्य भर में वाहन चोर गिरोह के ३६ के करीब लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, इसमें बठिंडा जिले में ही १६ के करीब गिरोह  सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इस बावजूद राज्य में प्रतिदिन एक सौ के करीब विभिन्न स्थानों से चोरी हो रहे हैं। चोरों के निशाने पर सार्वजनिक स्थानों के इलावा लोगों के घर होते हैं। आखिर पुलिस की संतर्कता के बावजूद गिरोह लोगों की नाक में दम कर रहा है। इससे यही साबित होता है कि पुलिस या तो फर्जी गिरोह पकड़ रही है या फिर जो लोग पकडे़ जा रहे हैं वह मात्र गिरोह के गुर्गे है व इनके आका अभी भी पीछे से गिरोह का संचालन कर रहे हैं। वर्तमान में चोरी रूपी रावण के जितने सिर पुलिस काटने का दावा कर रही है उसके मुकाबले उतने ही सिर फिर से निकल आते हैं। कुल मिलाकर राज्य में व्यापारियों के साथ आम लोगों की नाक में चोर गिरोह ने दम कर रखा है। इसमें लोग स्वंय को किसी भी स्थान पर सुरक्षित महूसस नहीं कर रहे हैं। 
पुलिस के आला अधिकारियों व राज्य के गृह विभाग को इस गंभीर मसले पर सोचने की जरूरत है। अगर पुलिस रिकार्ड पर ही गौर करे तो राज्य में  जितने भी अपराधिक मामले दर्ज हुए है उसमें चोरी के सर्वाधिक मामले हैं। कोई भी व्यक्ति अपना वाहन लेकर घर से बाहर निकलता है तो उसकी सबसे बड़ी चिंता उसे सुरक्षित स्थान में खड़ा करने की रहती है। कार, जीप, मोटरसाइकिल से लेकर सामान्य साइकिल मालिक के आंख झपकते ही चोरी हो जाती है। देखने वाला देखता रह जाता है। गिरोह के शातीर सदस्य इतने एक्सपर्ट है कि वह पलक झपकते ही किसी भी गाड़ी का ताला खोलने के साथ उसे स्टार्ट कर भागने में कुछ मिनट से भी कम का समय लगाते हैं। यही नहीं वाहनों को पलक झपकते ही शहर की सीमाओं से बाहर धकेल दिया जाता है व कुछ घंटों में ही गाडि़यों के नंबर व रंग तबदील कर गुप्त स्टोरों में भेज दिया जाता है। इसके बाद इन वाहनों को उसका मालिक भी नहीं पहचान सकता है। इसके बाद इन वाहनों को औने पौने दाम में खरीदने वाले लोगों की तलाश शुरू होती है। जिसमें दिल्ली, फरीदाबाद जैसे महानगरों में इनके खरीदार भी मिल जाते हैं।
पंजाब में पिछले दिनों पुलिस ने पांच स्थानों पर वाहन चोरी करने वाले गिरोह को दबोचा। इस गिरोह में शामिल ज्यादातर लोग नौजवान वर्ग से संबंधित थे। उक्त लोग अपने शौक पूरे करने के लिए इस तरह के गिरोह बनाते हैं। इसमें गिरोह का एक सरगना बनाया जाता है जो वाहन चोरी का पूरा हिसाब रखने के साथ इन्हे बेचने के लिए बाजार की तलाश करता है। बाजार में मंहगे वाहनों को ५० प्रतिशत से भी कम मूल्य में बेचकर मिलने वाले पैसे को आपस में बांट लिया जाता है।  गिरोह के सदस्यों के बारे में पुलिस के पास किसी तरह की पुख्ता जानकारी न होने व प्रमुख बाजारों में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों के पास इस बाबत किसी तरह का रिकार्ड न होने के कारण उक्त लोग सुगमता से अपनी कारगुजारी को अंजाम देते हैं। 
यही नहीं अगर वाहन चोरी होने वाले व्यक्ति की तरफ से पुलिस थानों में तत्काल रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी जाए तो पुलिस एक्शन लेने में ही कई घंटे लगा देती है जिससे चोरी का वाहन आसानी से शहर की सीमा से बाहर निकल जाता है। बाजारों में सरेआम घूमने वाले इन गिरोह के सदस्यों का पहरावा किसी जेंटलमैन से कम नहीं होता है चोरी करने वाली जगह पर ग्रुप में घूमते हैं। इसमें एक व्यक्ति वाहन के मालिक पर पूरी नजर रखता है तो दूसरा वाहन का ताला खोलने का काम करता है। इस दौरान थोड़ा से संदेह होने पर उक्त लोग सुगमता से गायब हो जाते हैं। फिलहाल राज्य में वाहन चोर गिरोह के साथ दुकानों व घरों में सेधमारी कर सामान चोरी करने वाले गिरोह ने भी लोगों को बेचैन कर रखा है। सूने घरों की जानकारी हासिल होते ही गिरोह के सदस्य वहां सेधमारी कर लेते हैं। उक्त लोगों के पास इससे पहले घर में रखे सामान न नगदी की भी पूरी जानकारी पहुंच जाती है। 
इस काम में घर के किसी नजदीकी व जानकार के साथ गिरोह के सदस्य दोस्ती करने के साथ पूरी जानकारी हासिल कर लेते हैं व मौका मिलते ही घर में रखी नगदी, गहने व अन्य कीमती सामान को चोरी कर लिया जाता है। घरों व दुकानों में चोरी की घटनाओं के पीछे अकेला गिरोह काम नहीं करता है बल्कि कई मामले तो ऐसे भी है जो इंश्योरेंस हासिल करने या फिर घर के किसी सदस्य की तरफ से सहयोगी से पैसे एठने के लिए अंजाम तक पहुंचाए गए है। पुलिस के आला अधिकारी भी स्वीकार करते हैं कि नशे की लत पूरी करने के साथ आलीशान गाडि़यों में घूमने व मंहगे शौक पूरा करने की लालसा नौजवानों को आपराधिक घटनाओं की तरफ खीच रही है।

चोर गिरोह ने साफ किया चार स्थानों से हाथ 

बठिंडा। जिले में चोर गिरोह ने अपना आतंक जारी रखते हुए चार स्थानों में हाथ साफ कर दिया। इसमें  घर के बाहर खड़ी एक महिंदरा गाड़ी के साथ एक मोटरसाइकिल चोरी कर लिया गया। इसी तरह खेत में खड़ी मोटरों में से ताबा चोरी करने का मामला भी सामने आया है, इसमें पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिले में भगता गांव में एक दुकान की दीवार तोड़कर ही साढे़ तीन लाख रुपये का सामान व नगदी उड़ा दी गई। इन मामलों में पुलिस जांच में जुटी है लेकिन अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
जानकारी अनुसार मान पैट्रोल पंप के पास स्थित घुमियारा वाली गली में प्रमोद कुमार ने अपनी महिंदरा पिकअप गाड़ी रात के समय खड़ी की जिसकी कीमत ढांई लाख रुपये के करीब थी। सुबह जब उन्होंने देखा तो गाड़ी घर के बाहर से चोरी हो चुकी थी। होटल बाहिया फोर्ट के पास स्थित माता रानी वाली गली के पास अनील कुमार ने अपना मोटरसाइकिल बजाज-१०० खड़ा किया, कुछ समय बाद उक्त वाहन को कोई चोरी करके ले गया। भगता गांव की निर्मला देवी की कोठा गुरुका रोड पर जरनल स्टोर खोल रखा था। इस दुकान की दीवार को रात के समय चोरों ने तोड़ दिया व दुकान के अंदर रखे एक लाख ५७ हजार रुपये के सामान के साथ गुलक में रखे  एक लाख ८० रुपये की नगदी चोरी कर ली। शुक्रवार की सुबह उक्त लोगों को इस चोरी का पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया।

लाठियों से पीटकर लूटा

बठिंडा। भगताभाईका गांव में रहने वाले जसविंदर सिंह अपने साथियों के साथ जब दुकान की तरफ जा रहा था तो दाना मंडी गांव गिदड़ के पास १६ के करीब लोगों ने लाठियों से लेस होकर जानलेवा हमला कर दिया। लूट की नियत से किए हमले में जसविंदर सिंह के साथ उसके साथी हरजिंदर सिंह व कमलजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उक्त लोगों को घायल कर दो मोबाइल, एक सोने की चैन छीनकर फरार हो गए। उक्त सामान की कीमत  ३६ हजार ५०० रुपये के करीब है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान पर नूरदीप, जसविंदर सिंह, सिकंदर सिंह, अमनदीप सिंह, कुञ्लदीप सिंह, जगतार सिंह, हरवंश सिंह, भिंदर सिंह, हैपी, हरजीत सिंह वीरा व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दायर कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मोटरों से ताबा चोरी करने वाले दो गिरफ्तार 

बठिंडा। पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के खेत में लगी मोटरों से ताबा चोरी कर बेचने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए लोगों के पास से २४ किलो ताबा मौके से बरामद किया गया है। जानकारी अनुसार कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि कोठा गुरु वासी  हरप्रीत सिंह व बल्लू सिंह गांव में किसानों की मोटर में लगे ताबा चोरी करने का धंधा कर रहे हैं। इसमें अब तक उक्त लोग सौ के करीब किसानों को निशाना बना चुके थे। पुलिस के एसआई अजैब सिंह ने सूचना के आधार पर  दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घर में रखे २४ किलोग्राम ताबा बरामद किया है।