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गुरुवार, 5 मार्च 2020

हादसा / सीमेंट से ओवरलोड ट्रक रेलवे ट्रैक पर फंसा, 2 घंटे रुकी रही डीएमयू व जींद एक्सप्रेस

  • रामपुरा फूल के ट्रक चालक को गिरफ्तार कर रेलवे एक्ट की धारा 160/2 174बी के तहत केस दर्ज किया आरपीएफ ने


मोगा. मोगा में बुधवार को सीमेंट से भरा एक ट्रक रेलवे ट्रैक पर फंस गया। इसके चलते खुले फाटक का पाइप टूट गया। इस दौरान से लुधियाना से फिरोजपुर जाने वाली डीएमयू और फिरोजपुर से लुधियाना जाने वाली जींद एक्सप्रेस गाड़ियों को फाटकों के पास रोक दिया गया, जो दो घंटे वहीं अटकी रहीं। रेलवे कर्मियों ने लोगों की मदद से 2 घंटे के मशक्कत के बाद ट्रक को ट्रैक से हटाया तो रेल मार्ग चालू हो सका। उधर,आरपीएफ ने लापरवाही बरतने के आरोप में ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
आरपीएफ के हवलदार प्रमजीत सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे उन्हें बरनाला रोड पर स्थित बुग्गीपुरा बाईपास के रेलवे ट्रैक पर सीमेंट से भरा ट्रक फंस जाने की सूचना मिली। विभागीय मुलाजिम घटनास्थल पर पहुंचे तो पता चला कि बरनाला की तरफ से आ रहा सीमेंट से ओवरलोडेड ट्रक ट्रैक में बुरी तरफ फंस गया और ट्रक तिरछा होकर रेलवे फाटकों से टकरा गया। इससे खुले फाटक का पाइप टूट गया।
इस दौरान से लुधियाना से फिरोजपुर जाने वाली डीएमयू और फिरोजपुर से लुधियाना जाने वाली जींद एक्सप्रेस गाड़ियों को फाटकों के पास रोक दिया गया, जो दो घंटे वहीं अटकी रहीं। इस दौरान रेलवे कर्मियों ने लोगों की मदद से 2 घंटे के मशक्कत के बाद ट्रक को ट्रैक से हटाया तो रेल मार्ग चालू हो सका।
 
रेलवे पुलिस ने ट्रक चालक को किया गिरफ्तार
आरपीएफ के हवलदार प्रमजीत सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने वाले आरोपी ट्रक चालक भगवंत सिंह निवासी रामपुरा फूल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 160/2 174बी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, फाटक पर ट्रक के फंसे होने से फाटक के दोनों तरफ ट्रैफिक भी जाम हो गया।

निर्भया के दुष्कर्मियों का चौथा डेथ वॉरंट / चारों दोषियों की मौत की नई तारीख: 20 मार्च, वक्त: सुबह 5:30 बजे, जगह: तिहाड़ जेल

  • इससे पहले तीन बार 22 जनवरी, 1 फरवरी और 3 मार्च के लिए डेथ वॉरंट जारी किया गया था, लेकिन फांसी नहीं हो पाई
  • दोषी पवन की दया याचिका राष्ट्रपति ने बुधवार को खारिज कर दी, तीन दोषियों मुकेश, विनय और अक्षय के पास अब कोई विकल्प नहीं


नई दिल्ली. निर्भया के चारों दोषियों की फांसी की नई तारीख तय हो गई है। दिल्ली कोर्ट ने चारों को 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे फांसी देने के आदेश दिए हैं। इससे पहले कानूनी पैंतरे चलकर दो महीने से फांसी से बच रहे निर्भया केस के चारों दोषियों के सभी कानूनी विकल्प अब खत्म हो चुके हैं। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका खारिज की थी। इसके बाद दिल्ली सरकार नया डेथ वारंट जारी करवाने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट पहुंची थी। एडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा ने चारों दोषियों को नोटिस जारी कर गुरुवार तक जवाब मांगा था। 
अदालत के फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा- मुझे उम्मीद है कि यह आखिरी तारीख होगी और दोषियों को 20 मार्च को फांसी दे दी जाएगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के तुरंत बाद पवन ने राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी थी। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट ने दोषियों की फांसी तीसरी बार टाल दी थी।
बेंच ने कहा था कि सजा पर पुनर्विचार का सवाल नहीं उठता
दोषी पवन की क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज करते हुए जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने कहा था कि सजा पर पुनर्विचार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। इससे पहले राष्ट्रपति निर्भया मामले में तीन अन्य दोषियों अक्षय, विनय और मुकेश की दया याचिका पहले ही खारिज कर चुके हैं।
तीन बार खारिज हो चुका है डेथ वॉरंट
  • पहली बार- 22 जनवरी को सुबह 6 बजे फांसी होनी थी, लेकिन टल गई।
  • दूसरी बार- 1 फरवरी को फांसी देने का डेथ वॉरंट जारी किया गया, लेकिन फांसी नहीं हुई।
  • तीसरी बार- 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी होनी थी, लेकिन दोषी पवन के पास कानूनी विकल्प बचे होने के चलते फांसी टली।
16 दिसंबर 2012: 6 दोषियों ने निर्भया से दरिंदगी की थी
दिल्ली में पैरामेडिकल छात्रा से 16 दिसंबर, 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दरिंदगी की थी। गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी। ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है।