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बुधवार, 15 दिसंबर 2021

टोल प्लाज़ा पर पुराने रेट की बहाली तक मोर्चे रहेंगे जारी, बैस्ट प्राईज़ भुचोमंडी, रिलायंस माल बठिंडा और रिलायंस पंप रामपुरा से मोर्चे समाप्त

चुनावी वायदों, नरमे के मुआवज़े, रोज़गार व अन्य मसले हल करवाने के लिए 17 दिसंबर को सूबा समिति की मीटिंग


बठिंडा, 15 दिसंबर (जसप्रीत): भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां ज़िला बठिंडा की तरफ से आज टोल प्लाज़ा लहरा बेगा और जीदा में विजेता जश्न और सवागती रैली की गई जिस में हज़ारों किसानों, मज़दूरों, महिलाओं और कर्मचारी वर्ग के लोगों ने पहुँच कर जश्न मनाए। स्टेज की कार्यवाही शुरू करने से पहले मोर्चे में शहीद हुए किसानों को दो मिनट का मौन धारन कर श्रद्धाँजलि देने के बाद पंडाल में उपस्थित लोगों पर फूलों की वर्षा की गई। जलसे को संबोधन करते सूबा सीनियर सह प्रधान झंडा सिंह जेठूके और ज़िला प्रधान शिंगारा सिंह मान ने सभी को बधाई देते इस संघर्ष से प्रेरणा लेने की बात कही। ज़िला सीनियर सह प्रधान मोठू सिंह कोटड़ा और बसंत सिंह कोठा गुरू तथा महिला संगठन की नेता परमजीत कौर पित्थो ने ऐतिहासिक संघर्ष की जीत की बधाई दी व बाकी रहती मांगे हल करवाने का न्योता दिया। ज़िला जनरल हरजिन्दर सिंह बग्घी ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे के फ़ैसले मुताबिक आज ज़िले में से बैस्ट प्राईज़ भुचोमंडी, रिलायंस माल बठिंडा और रिलायंस पंप रामपुरा से मोर्चे समाप्त कर दिए हैं। तथा जब तक टोल
प्लाज़ा पुराने रेट बहाल नहीं करते यह मोर्चे जारी रहेंगे। इस के इलावा पंजाब सरकार की तरफ से मतदान समय पर किये वायदे, नरमे के मुआवज़े, रोज़गार आदि के मसले हल करवाने के लिए 17 दिसंबर को सूबा समिति की तरफ से मीटिंग कर अगले एक्शन का ऐलान किया जायेगा। इस मौके मानसा में बेरोज़गार अध्यापकों पर अंधाधुन्ध लाठीचार्ज करने वाले डीऐसपी को बरख़ास्त कर पर्चा दर्ज करने की माँग की। आखिर में किसान संघर्ष के साथ सम्बन्धित गीतों के साथ पंडाल में भांगड़ा और गिद्दा डाल कर जश्न मनाया गया।

बठिंडा के पीएयू कैंपस के विज्ञानियों की तरफ से पंजाब सरकार ख़िलाफ़ धरना 23वें दिन भी रहा जारी

आने वाले दिनों में बठिंडा के समूचे कालेज और यूनिवर्सिटी अध्यापक वर्ग की तरफ से बड़े स्तर का रोष प्रदर्शन का प्रोगराम

बठिंडा, 15 दिसंबर (जसप्रीत): पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के खोज और पसार विज्ञानी पिछले तीन हफ़्तों से अपनी बुनियादी माँगों की पूर्ति के लिए लगातार हड़ताल और रोश मुजाहरे कर रहे हैं, जिससे पंजाब प्रांत के किसानों को मुहैया करवाया जाता कृषि साहित्य, भूमि परख, बीज और खेती ज्ञान -विज्ञान के साथ-साथ पेशे के साथ जुड़े खोज, पसार और शिक्षा कार्य बुरी तरह प्रभावित होंगे और इसका सीधा प्रभाव कृषि अर्थचारे पर पड़ेगा, जिस के लिए ज़िम्मेदार, सिर्फ़ पंजाब सरकार और इसका वित्त विभाग ही होगा। यह बातें डा अवतार सिंह ने बताते हुए कहा कि पंजाब फेडरेशन आफ यूनिवर्सिटी एंड कालजिज टीचर्ज आर्गेनाइजेशन के बुलावे पर पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी टीचर्ज एसोसिएशन के बैनर तले बठिंडा स्थित क्षेत्रीय खोज केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र और फार्म सलाहकार सेवा केंद्र के समूह विज्ञानियों की तरफ से मुकम्मल हड़ताल की जा रही है। यह प्रदर्शन और धरना पंजाब सरकार की तरफ से यूनिवर्सिटी और कालेज अध्यापकों के लिए तनख़्वाह स्केल यूनिवर्सिटी ग्रांटस कमीशन की तरफ से निर्धारित तनख़्वाह सकेल से डीलिंक कर, नये भरती हो रहे विज्ञानियों के लिए सिर्फ़ प्राथमिक तनख़्वाह, नयी पैंशन सकीम और नव -नियुक्त विज्ञानियों को पिछले एक साल से तनख़्वाह देने से की जा रही टाल -मटोल के ख़िलाफ़ दिया जा रहा है। धरने को संबोधन करते प्रमुख विज्ञानी डा ए. ऐस. संधू ने बताया कि यूजीसी की तरफ से दिया पे स्केल पड़ोसी राज्यों में 1.1.2016 से लागू हो चुका है प्रंत पंजाब सरकार की तरफ से एक अलग तनख़्वाह स्केल, जो कि राष्ट्र स्तर के सकेलों के मुकाबले बहुत ही कम है, लागू करने की योजना दी गई है जो कि राज्य कि उच्च शिक्षा के लिए तबाही करने वाला फैसला है। यह यूनिवर्सिटी और कालेज अध्यापक वर्ग के लिए आगे बढ़ने के बराबर मौकों के संवैधानिक हक के ऊपर हमला है।

उन्होंने कहा कि अगले दिनों में पंजाब फेडरेशन आफ यूनिवर्सिटी एंड कालजिज टीचर्ज आर्गेनाइजेशन के बैनर तले बठिंडा में पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी समेत बठिंडा के समूचे कालेज और यूनिवर्सिटी अध्यापक वर्ग की तरफ से बड़े स्तर का रोष प्रदर्शन का प्रोगराम बनाया जायेगा। इस मौके बठिंडा कैंपस के विज्ञानी डा. गुरमीत  सिंह ढिल्लों, डा. सुदीप सिंह, डा.रुपेश अरोड़ा और डा विनय की तरफ से धारावाहिक भूख हड़ताल की गई। धरने को डा गुरजिन्दर सिंह रोमाना, डा करमजीत सिंह सेखों, डा. गोमती ग्रोवर, डा प्रितपाल सिंह, डा सर्वपिया सिंह और डा.चेतक बिशनोयी ने संबोधन किया।