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गुरुवार, 3 फ़रवरी 2022

गाय और भैंसों का दूध बढ़ाने के लिए इस्तेमाल हो रहे आक्सीटोसिन इंजेक्शन की बड़ी खेप पकड़ी -रेलवे पार्सल के माध्यम से मंगवाकर बेचने का चल रहा था धंधा, पुलिस जांच में जुटी

 


बठिंडा, 3 फरवरी(जोशी). बठिंडा में कई स्थानों पर गाय और भैंसों का दूध बढ़ाने के लिए आक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल धडल्ले से किया जा रहा है। अधिक मुनाफे के फेर में डेयरी संचालक लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। शिकायतों के बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने इस बाबत बड़ी कारर्वाई करते रेलवे पार्सल के मार्फत दूसरे प्रदेशों से आक्सीटोसिन का टीका मंगवाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें पुलिस ने रेलवे पार्सल से भेजे गई करीब 15 पेटियों को जब्त किया है जिसमें करीब 3240 शीशी प्रतिबंधित टीके की बरामद की गई है। इस मामले में रेलवे के मार्फत टीके मंगवाने वाले लोगों की जांच करने के साथ टीके की जांच के लिए सैंपल लैब को भेजे गए है। जानकारी अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर रमनदीप गुप्ता, गुणदीप बांसल, ज्वाइंट लाइसेंस आथार्टी ड्रग अमनदीप वर्मा, एंटी नार्कों कंट्रोल ब्यूरो संदीप सोहाग, बजिंदर सिंह चौधरी ने गुप्त सूचना के आधार पर मामले की जानकारी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स बठिंडा को दी। इसके बाद पार्सल से बठिंडा पहुंचे टीकों की पेटियों को पार्सल आफिस में जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार मालवा के कई जिलों में दूध बिक्री व उत्पादन में जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गाय, भैंस का दूध बढ़ाने के लिए ऑक्सीटोसिन नामक इंजेक्शन धड़ल्ले से लगाया जा रहा है। इससे दूध गाढ़ा तो होता है लेकिन यह मनुष्य के लिए भी हानिकारक है। सूबे के अधिकांश जिलों में पशुपालक एवं डेयरी व्यवसायी इस इंजेक्शन का इस्तेमाल कर पशुओं पर अत्याचार कर रहे हैं। डेयरियों में या उनके आसपास इंजेक्शन की खाली शीशी स्पष्ट तौर पर नजर आती है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूध में वृद्धि करने के लिए व्यवसायी क्या-क्या कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि साल 2018 में बठिंडा के प्रताप नगर की गली नंबर 23 में एक कोठी से पंजाब पुलिस की ऑर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट ओकू की टीम ने दूध देने के के लिए पशुओं को लगाए जाने वाले प्रतिबंतिध ऑक्सीटोसिन के 4.60 लाख इंजेक्शन पकड़े थे। पशुओं को ये इंजेक्शन लगाने के बाद वे दूध तो दे देते हैं लेकिन वह दूध सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है। ऐसा दूध एक धीमे जहर के समान बन जाता है। इस मामले में मध्य प्रदेश के रहने वाले राज कुमार उर्फ राजू को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जो बठिंडा में खुद जरनल स्टोर चलाता था। प्रताप नगर में उसने किराये पर एक कोठी लेकर उसमें गोदाम बना रखा था। ऑक्सीटोसिन टीके के लगाने से हार्मोनल तवाजन बिगड़ जाता है। पशु भी बीमार हो जाते हैं। ऐसे पशु का दूध लगातार पीने से पुरुष नंपुस्क हो सकते हैं। ऐसा दूध एक धीमे जहर के समान होता है। सरकार ने इस इंजेक्शन को प्रतिबंध लगा दिया गया था।

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सरकार की ओर से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन दूध का उत्पादन बढ़ाने और सब्जियों का आकार बढ़ाने के लिए प्रयोग किए जाने के अलावा युवाओं की ओर से सिंथेटिक नशे के तौर पर भी प्रयोग किया जाने लगा। नशेड़ी 200 एमएल के उक्त इंजेक्शन को तब तक उबालते हैं जब तक उसकी मात्रा चौथा हिस्सा नहीं रह जाता। बचे हुए तरल हिस्से को धूप में सुखाने के लिए रख दिया जाता था और उसके बाद वह तरल पदार्थ पाउडर में तबदील हो जाता है। जो नशा करने वाले युवक स्मैक और हेरोइन की तरह प्रयोग करते हैं।









पूर्व विधायक का शहर निवासियों से वादा, कहा होगा विकास -अकाली बसपा सरकार में नशा स्मगलिंग और गुंडा राज से मुक्त होगा शहर बठिंडा: सरूप सिंगला

 


बठिंडा, 3फरवरी ()। शिरोमणी अकाली दल-बसपा गठबंधन के विधान सभा हलका बठिंडा शहरी सीट से उम्मीदवार और पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला ने शहर के विभिन्न हिस्सों में बैठकों को संबोधित किया और शहर के विकास करवाने के नाम पर वोटों की मांग की। इस मौके बैठकें रैलियों का रूप धारण करती हुई नजर आईं, शहर के व्यापारियों, दुकानदारों, नौजवानों, महिलाओं समेत हर वर्ग का समर्थन मिलता हुआ नजर आया। इस मौके दर्जनों परिवार कांग्रेस पार्टी और आप को छोड़कर शिरोमणी अकाली दल में शामिल हुए, जिनको पूर्व विधायक ने पार्टी का झंडा पहनाकर स्वागतम कहा। इस मौके प्रभावशाली समागमों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ने शहर निवासियों से वादा किया कि अकाली-बसपा गठबंधन की सरकार बना दो, हर इलाके का विकास होगा, हर सुविधा मुहैया होगी, सरकार की स्कीमों का जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलेगा। इस मौके सिंगला ने कहा कि उनका मुख्य मकसद नशा स्मगलिंग और गुंडा राज मुक्त बठिंडा शहर बनाने का होगा और किसी भी तरह का नशा नहीं बिकने दिया जायेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने बठिंडा शहर में दहशत का माहौल बनाया है, जिसको अकाली-बसपा सरकार बनने पर दहशत मुक्त बनाकर अमन शांति, भाईचारक सांझ कायम की जायेगी। इस मौके उनके साथ शिरोमणी अकाली दल की लीडरशिप, एमसी और वर्कर उपस्थित थे।

आप आदमी पार्टी में शामिल होने की लगी होड़, दूसरों पार्टियों के छूटे पसीने -अपनी इच्छा के साथ हो रहे लोग आम आदमी पार्टी में शामिल

 


बठिंडा:
आम आदमी पार्टी और जगरूप सिंह गिल की बढ़ रही लोकप्रिअता को देखते हुए लोगों का रुझान आप की तरफ बढ़ता नज़र आ रहा है, जिसके चलते अलग अलग वार्डों के शहर निवासी अपनी इच्छा अनुसार आम आदमी पार्टी में शामिल होने होड़ सी लग गई है I जिसके चलते हंस नगर में सैंकड़ें परिवार स्व इच्छा आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए I इस मौके वार्ड प्रधान मैडम अलका शर्मा की अध्यक्षीय मैं विनोद कुमार, सन्दीप कुमार, राम चंद्र, महेन्दर सिंह, प्रदीप कुमार, गौरव सिंह, मंगा सिंह, रोबिन, आकाश, माणिक, हंस राज, संतोष, सुखपाल कौर, प्यारा सिंह, अंग्रेज कौर, संतरों देवी, बिल्लू, शीतल, अमित कुमार, गुरदीप कुमार, संतोष रानी, सुखचै सिंह, संजय बत्रा, अमनदीप सिंह, भोला सिंह, सुरिन्दर सिंह, गायत्री देवी, संतोष, दिशा एडवोकेट समेत सैंकड़ें परिवार आम आदमी पार्टी में शामिल हो गया I इस मौके जगरूप सिंह गिल की तरफ से सभी वार्ड निवासियों को पार्टी झंडा बात में डाल कर पार्टी में शामिल किया गया और पार्टी की तरफ से मान और सम्मान देने का यकीन दिया गया ।



जगरूप गिल पर भारी पड़ रहे मनप्रीत बादल, गिल के अपने वार्ड के लोग कर रहे मनप्रीत का समर्थन -लोगों ने कहा-जिस कांग्रेस पार्टी ने सम्मान दिया, मेयर पद के लिए उससे गद्दारी कर गए गिल

 


-मनप्रीत बादल के पक्ष में रखी रैली में पहुंचा भारी जनसमूह, अपने वार्ड में ही हाशिए पर लुढ़क रहें हैं जगरूप सिंह गिल

-गिल के कई पुराने साथीयों को है मलाल गिल साहब ने पार्टी छोड़ने से पहले सलाह तक नहीं की

बठिंडा, 3 फरवरी. विधानसभा चुनावों की सियासी गर्मी लगातार बढ़ रही है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जगरूप सिंह गिल की सियासी पकड़ को कमजोर करने के लिए कांग्रेस ने प्लान बना उसे जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जगरूप गिल के वार्ड नंबर 48 में कांग्रेस ने जनसभाएं आयोजित कर गिल को मात देना शुरू कर दिया है। गत दिवस कांग्रेस के उम्मीदवार और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने गिल के वार्ड नंबर 48 में भारी जनसभा को संबोधित किया जहां उन्हें लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। मनप्रीत बादल की तरफ से गिल के वार्ड में आयोजित जनसभा में भारी तादाद में लोग पहुंच रहे हैं वही कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। इससे स्पष्ट हो रहा है कि गिल को उनके ही वार्ड के लोगों ने नकार दिया है। इलाके के लोगों ने कहा कि जगरुप सिंह गिल को पार्टी ने बनता सम्मान दिया। वरिष्ठ नेता होने के नाते वह नगर निगम सदन की रहनुमाई करते रहे। कांग्रेस ने उन्हें पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट व बाद में जिला प्लानिंग बोर्ड का चेयरमैन बनाया। इसके बावजूद वह पद की लालसा में कांग्रेस से ही दगा कर आप में चले गए। जनसभा में खुद लोगों वे मनप्रीत सिंह बादल के पास आकर बताया कि वह पूरी उम्र उनके साथ खड़े रहे लेकिन जब वह कांग्रेस छोड़डने लगे तो उन्होंने अपने साथियों से भी मश्वरा नहीं किया। वही आप में जाने के बारे में भी किसी से बात नहीं की। इसके चले लोग उनसे नाराज है व गिल से किनारा कर कांग्रेस की हिमायत करेंगे। मनप्रीत सिंह बादल ने जनसभा में कहा कि वो गिल साहब की वो बहुत इज्ज़त करते थे लेकिन जिस कांग्रेस ने उनको इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का चेयरमैन, ज़िला प्लानिंग बोर्ड का चेयरमैन, आधा दर्जन बार मियुनसपल कौंसलर बनाया। सिर्फ मेयर नहीं बनाने कारण गिल अपनी मां पार्टी से गद्दारी कर गए। मनप्रीत बादल के चुनावी दौरे दौरान जगरूप सिंह गिल के वार्ड के लोग भी मनप्रीत सिंह बादल से मिले, ये लोग गिल से नाराज़ हैं। यहां गिल के कई पुराने साथी भी मिले जिन्हें मलाल है कि गिल साहब ने उनसे सलाह तक नहीं की। बहरहाल जगरूप सिंह गिल अपने वार्ड में कमजोर दिख रहें हैं।