रामपुराफूल, 14 मार्च (पुरूषोत्म मन्नू). जिले की हाट सीट में शुमार रामपुरा फूल सीट पर पूर्व गायक और समाजसेवी बलकार सिद्दू की जीत के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बलकार सिद्धू मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबियों में शामिल है। उन्होंने भगवंत मान के समकक्ष रंगमंच में काम किया है। अकाली दल के पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे गुरप्रीत सिंह कांगड़ को शिकस्त देने वाले बलकार सिद्धू ने जीत कर नया इतिहास रच दिया है। उनकी जीत के पीछे रामपुराफूल शहर के जेठी परिवार का हाथ रहा है। सिटी में जेठी परिवार ने बलकार को जीत तक पहुंचाने में महत्वापूर्ण भूमिका अदा की। राजेश राजू जेठी आढ़ती सब्जी मंडी रामपुरा फूल ने बलकार सिद्धू के हक में वोटिंग कराने के लिए एक-एक वोट पोलिंग बूथ तक पहुंचे में अपना पूरा जोर लगा दिया। इसी तरह रामस्वरूप जेठी पप्पी बताते हैं कि बलकार सिद्दू से उनका 25 साल से ज्यादा पुराना नाता है। वह टी सीरिज कंपनी में पंजाब देखते थे। बलकार की पहली कैसेट कल्ले-कल्ले होईए को लांच करने में पप्पी जेठी ने उनकी मदद की थी। आज जेठी परिवार के सदस्यों जन कल्याण सभा के प्रधान सीता राम दीपक, पुरूषोत्म मन्नू प्रधान खतरी सभा, रामस्वरूप जेठी पप्पी, राजेश राजू जेठी आढ़ती नेता आदि ने बलकार सिद्धू का मुंह मीठा कराते आगामी प्लानिंग पर चर्चा की। राजू जेठी ने कहा कि 10 हजार वोटों से बलकार की जीत पर उन्हें खुशी है, लेकिन यह वोटों का अंतर 50 हजार होना चाहिए था। राजू ने कहा कि जिस गांवों और बूथ में बलकार की वोट प्रतिशत कम रहा है, वहां पर वह और मेहनत करेंगे। ताकि लोगों को पता चल सके कि आम आदमी पार्टी की सरकार आम लोगों की सरकार है।
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सोमवार, 14 मार्च 2022
बलकार सिद्दू की जीत में जेठी परिवार का बड़ा हाथ ,गायक से विधायक बने बलकार सिद्धू मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबियों में हैं शामिल
रामपुराफूल, 14 मार्च (पुरूषोत्म मन्नू). जिले की हाट सीट में शुमार रामपुरा फूल सीट पर पूर्व गायक और समाजसेवी बलकार सिद्दू की जीत के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बलकार सिद्धू मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबियों में शामिल है। उन्होंने भगवंत मान के समकक्ष रंगमंच में काम किया है। अकाली दल के पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे गुरप्रीत सिंह कांगड़ को शिकस्त देने वाले बलकार सिद्धू ने जीत कर नया इतिहास रच दिया है। उनकी जीत के पीछे रामपुराफूल शहर के जेठी परिवार का हाथ रहा है। सिटी में जेठी परिवार ने बलकार को जीत तक पहुंचाने में महत्वापूर्ण भूमिका अदा की। राजेश राजू जेठी आढ़ती सब्जी मंडी रामपुरा फूल ने बलकार सिद्धू के हक में वोटिंग कराने के लिए एक-एक वोट पोलिंग बूथ तक पहुंचे में अपना पूरा जोर लगा दिया। इसी तरह रामस्वरूप जेठी पप्पी बताते हैं कि बलकार सिद्दू से उनका 25 साल से ज्यादा पुराना नाता है। वह टी सीरिज कंपनी में पंजाब देखते थे। बलकार की पहली कैसेट कल्ले-कल्ले होईए को लांच करने में पप्पी जेठी ने उनकी मदद की थी। आज जेठी परिवार के सदस्यों जन कल्याण सभा के प्रधान सीता राम दीपक, पुरूषोत्म मन्नू प्रधान खतरी सभा, रामस्वरूप जेठी पप्पी, राजेश राजू जेठी आढ़ती नेता आदि ने बलकार सिद्धू का मुंह मीठा कराते आगामी प्लानिंग पर चर्चा की। राजू जेठी ने कहा कि 10 हजार वोटों से बलकार की जीत पर उन्हें खुशी है, लेकिन यह वोटों का अंतर 50 हजार होना चाहिए था। राजू ने कहा कि जिस गांवों और बूथ में बलकार की वोट प्रतिशत कम रहा है, वहां पर वह और मेहनत करेंगे। ताकि लोगों को पता चल सके कि आम आदमी पार्टी की सरकार आम लोगों की सरकार है।
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केजीएमयू ने बताया कौन से हैं शुरुआती संकेत
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपकीः
1- आंखों और पैरों के आसपास सूजन
2- एनीमिया
3-कभी-कभी सिरदर्द
4-उल्टी जैसे लक्षण क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) के शुरूआती चेतावनी भरे संकेत हो सकते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
नेफ्रोलॉजी विभाग के कार्यवाहक प्रमुख प्रो विश्वजीत सिंह का कहना है कि क्रोनिक किडनी रोग का शुरुआत में पता लगाना हमेशा से मुश्किल है क्योंकि इसके पीछे ढेर सारे लक्षण छिपे हुए होते हैं। बता दें कि लगभग 60 प्रतिशत रोगी बीमारी के अंतिम चरण में जान पाते हैं कि उनके गुर्दे लगभग खराब हो चुके हैं। इस वक्त पर उनके पास डायलिसिस या अंग प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प बचता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा
प्रो. सिंह चेतावनी भरे शब्दों में कहते हैं कि अगर किसी को अंगों (विशेषकर आंखों और पैरों) में सूजन, कम हीमोग्लोबिन, कभी-कभी सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए, खासकर अगर उन्हें हाई ब्लड प्रेशर या फिर डायबिटीज की परेशानी है।
शुरुआती निदान बचा सकता है जिंदगी
प्रोफेसर सिंह ने ये भी कहा कि अगर किसी रोगी को शुरुआत में ही पता चल जाए तो दवाओं के जरिए उस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है और रोगी की जान बचाई जा सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर सबसे बड़ी परेशानी
नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ लक्ष्य कुमार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान क्रोनिक किडनी रोग के मामलों की संख्या बढ़ी है क्योंकि भारत में हर तीसरे व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की परेशानीहै। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक को ये पता ही नहीं होता है कि उन्हें यह बीमारी है। और अन्य जो जानते हैं, केवल 50 प्रतिशत ही अपनी दवाएं लेते हैं। इसलिए, लगातार हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति आपके गुर्दे की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा देती हैं और आपके गुर्दे खराब होने लगते हैं। डॉ कुमार ने कहा कि हालांकि, स्वस्थ आहार, तनाव प्रबंधन और नियमित व्यायाम का पालन करके लोग क्रोनिक किडनी रोग से बच सकते हैं। (सोर्स-आईएएनएस)