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शनिवार, 19 जून 2010

बस स्टेंड के साथ बने होटल, रेस्ट्रोरेंट बने देह व्यापार के अड्डे

राकेश राही/संजय शर्मा
बठिंडा। बस स्टेंड के नजदीक बने रेस्टोरेंट व होटल इन दिनों युवाओं के लिए आशकी के सेंटर बन चुके हैं। हालत यह है कि इनमें एक होटल तो देह व्यापार का अड्डा बना हुआ है जहां दूर दराज से लड़कियों को बुलाकर इस गौरख धंधे में धकेला जाता है। इसमें होटल मालिकों के साथ काला धंधा करने वाले लोग जमकर चांदी कूट रहे हैं। पंजाब का सच अखबार की तरफ से एकत्रित की गई जानकारी में खुलासा हुआ कि इन स्थानों में ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने के लिए आने वाले लड़के लड़कियों की सर्वाधिक तदाद होती है जो किसी संस्थान में पढ़ने की बजाय कई घंटे इन सेफ स्थानों में बैठे रहते हैं। इसमें एक नियत समय तक बैठने के साथ कमरा बुक करवाने की एवज में मोटी राशि वसूल की जाती है। जानकार खुलासा करते हैं कि इस तरह के धंधे की जानकारी पुलिस के पास होती है लेकिन होटल प्रबंधकों की तरफ से एक मुश्त राशि का भुगतान करने के कारण इनके खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है। जिला प्रशासन के दफ्तरों वाले मिनी सचिवालय के सामने बने इन रेस्टोरेंटों में आम लोगों की बजाय लड़के व लड़कियों की सर्वाधिक तदाद सुबह नौ से सांय चार बजे तक सामान्य तौर पर देखने को मिल जाती है। उक्त जोड़ों के लिए विशेष तौर पर कमरे बने होने के साथ उनके ठहरने के लिए कमरों तक की व्यवस्था की गई है। इसमें बठिंडा जिले के इलावा मलोट, पटियाला, चंडीगढ़ जैसे शहरों से भी मांग पर लड़कियां पहुंचती है जो एक मुस्त राशि हासिल कर इन होटलों में रात को ठहरती है। सामान्य तौर पर बडे़ होटलों में बिना परिचयपत्र व दाखिला रजिस्टर के ठहरने की मनाही रहती है लेकिन इन होटलों के लिए प्रशासन की तरफ से पारित किसी भी नियम की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के साथ किसी तरह की आतंकी घटना को रोकने के लिए विभिन्न होटलों में ठहरने वाले लोगों का नाम, पता व पूरा विवरण रजिस्टर में लिखने के साथ उनके पहचान पत्र की फोटो कापी रखने का आदेश जारी कर रखा है। लेकिन उक्त होटल व रजिस्ट्रोरेंट संचालक इन तमाम नियमों को ताक पर रखकर लोगों को ठहरने की सुविधा प्रदान करते हैं। फिलहाल उक्त लापरवाही किसी भी तरह की अनहोनी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इससे पहले भी कुछ होटल संचालकों की लापरवाही के चलते पाकिस्तान के जासूस कई दिनों तक होटलों में ठहरने के साथ देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं। फिलहाल जिला प्रशासन को इन होटलों, रेस्ट्रोरेंटों के साथ आशकी के सेंटरों पर रोक लगाने के लिए पुख्ता कदम उठाने चाहिए ताकि समाज के साथ देश के लिए खतरा बनने वाली किसी तरह की अनहोनी को टाला जा सके।   

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