HOME PAGE

HOME PAGE

शुक्रवार, 23 जुलाई 2010

बरसाती पानी की निकासी नहीं हुई तो रोक दिया रेल का चक्का

-आभा एक्सप्रेस को डेढ़ घंटे तक रोके रखा २४२ नंबर फाटक के पास
-सौकड़ों यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
-दिल्ली मंडल से अनुमति हासिल कर पानी की निकासी शुरू करवाई  
बठिंडा। बरसाती पानी की निकासी न होने से परेशान लाईन पार क्षेत्र के लोगों ने हावड़ा से श्री गंगानगर जाने वाली हावडा एक्सप्रेस रेलगाड़ी फाटक नंबर २४२ में डेढ़ घंटे तक रोककर रखा। इस दौरान तीन सौ के करीब लोगों ने रेल व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप था कि जिला व रेल प्रशासन बरसात के बाद उनके घर के बाहर खडे़ गंदे पानी की निकासी को लेकर गंभीर नहीं है जिससे लोगों को गंदगी में विचरण करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। डेढ़ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के कारण गाड़ी में बैठे यात्रियों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा वही अपने गतव्य स्थान पर भी वह देरी से पहुंचे। लोगों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन को भारी पुलिस फोर्स मंगवानी पड़ी वही नगर निगम, रेल प्रशासन के सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसमें दिल्ली रेल मंडल से फोन पर ही अनुमति हासिल कर गंदे पानी की निकासी को रेल क्षेत्र में करने की अनुमति प्रदान कर काम शुरू करवाया गया, इसके बाद लोगों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया। 
जानकारी अनुसार पिछले चार दिन से लगातार हो रही रुक-रुक कर बरसात के कारण अमरपुरा बस्ती, लाल सिंह बस्ती व साथ लगते क्षेत्र में गंदा पानी काफी मात्रा में इकट्ठा हो गया था। इसमें रेल लाईनों के साथ लगते क्षेत्र में ही आपातकाल में मोटरों से गंदा पानी निकासी का प्रबंध रहता है। इस बार रेल पटरी की सुरक्षा को देखते हुए रेल प्रशासन ने पानी अपने क्षेत्र में डालने पर रोक लगा दी। इससे गंदा पानी कई दिनों तक जमा रहने से लोगों को आवागमन करने में परेशानी हो रही थी वही इससे निकलने वाली बदबू से बीमारियां फैलने का अंदेशा बन रहा था। स्थानीय वासी राम कुञ्मार, जगदीश ने बताया कि बरसात के बाद गंदा पानी निकालने के लिए नगर निगम की तरफ से हर बार कोताही बरती जाती है। इस बाबत जब निगम अधिकारियों से बात की जाती है तो उनका कहना होता है कि रेल प्रशासन जब अनुमति प्रदान करेगा तो पानी साथ लगते छप्पर में छोड़ा जा सकेगा। यही नहीं जब रेल विभाग से बात करते हैं तो वह यह कहकर पल्लू झांड लेता है कि बठिंडा रेलवे स्टेशन अंबाला मंडल के अधीन आता है जबकि रेल लाईन दिल्ली मंडल की है, इसमें अनुमति दिल्ली मंडल के अधिकारी ही प्रदान कर सकते हैं। इसी परेशानी से जूझ रहे लोगों ने वीरवार की सुबह नौ बजे के करीब हावड़ा से श्री गंगानगर की तरफ जा रही उध्यान आभा हावड़ा एक्सप्रेस गाड़ी नंबर ३०७ को लोगों ने रोक लिया। इस दौरान तीन सौ के करीब लोग जिसमें भारी तादाद में महिलाएं भी शामिल थी रेल पटरी पर खड़ी हो गई। उन्होंने रेल प्रशासन के साथ जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर समस्या हल करवाने की मांग रखी। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक उनके क्षेत्र से बरसाती गंदा पानी निकालने का काम शुरू नहीं होता वह रेलगाड़ी को आगे नहीं जाने देंगे। इसके बाद रेल प्रशासन के सहायक यातायात नरीक्षक शेर सिंह, एईएन एमपी सिंह, नगर निगम कमिश्नर रवि भगत सहित पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी जिद्द पर अडे़ रहे। इसके बाद रेल विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली मंडल के अधिकारियों से बात कर पानी निकासी के लिए अनुमति मांगी व नगर निगम से पानी रेल क्षेत्र में डालने के लिए कह दिया। नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर ही मशीने मंगवाकर पानी की निकासी का काम शुरू कर दिया जिसके बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस घटना से श्री गंगानगर की तरफ जाने वाले सैकड़ों लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा। देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ के चलते पहले ही गाड़ी नियत समय से पांच घंटे देरी से जा रही थी, इसके बाद गाड़ी में बैठे पैसेजर अपने गतव्य स्थान पर साढे़ छह घंटे की देरी से पहुंचे।               


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें