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मंगलवार, 29 जून 2010

पंजाबी भाषा और कुछ बातें

अपने ही राज्य में बेगानी सी होती जा रही है पंजाबी भाषा, केवल बोलचाल की भाषा बनकर रह गई पंजाबी, कुछ ऐसा ही महसूस होता है, जब सरकारी स्कूलों के बाहर लिखे 'पंजाबी पढ़ो, पंजाबी लिखो, पंजाबी बोलो' संदेश को देखता हूँ। आजकल पंजाब के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के बाहर दीवार पर उक्त संदेश लिखा आम मिल जाएगा, जो अपने ही राज्य में कम होती पंजाबी की लोकप्रियता को उजागर कर रहा है, वरना किसी को प्रेरित करने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।

पंजाबी भाषा केवल बोलचाल की भाषा बनती जा रही है, हो सकता है कि कुछ लोगों को मेरे तर्क पर विश्वास न हो, लेकिन सत्य तो आखिर सत्य है, जिस से मुँह फेर कर खड़े हो जाना मूर्खता होगी, या फिर निरी मूढ़ता होगी। पिछले दिनों पटिआला के बस स्टॉप पर बस का इंतजार करते हुए मेरी निगाह वहाँ लगे कुछ बोर्डों पर पड़ी, जो पंजाबी भाषा की धज्जियाँ उड़ा रहे थे, उनको पढ़ने के बाद लग रहा था कि पंजाबी को धक्के से लागू करने से बेहतर है कि न किया जाए, जो चल रहा है उसको चलने दिया जाए।

अभी पिछले दिनों की ही तो बात है, जब एक समारोह में संबोधित कर रहे राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को अचानक अहसास हुआ कि पाकिस्तान व हिन्दुस्तान में संपर्क भाषा पंजाबी भी है, जिसके बाद उन्होंने अपना भाषण पंजाबी में दिया, चलो एक अच्छी बात है। लेकिन ऐसा भी तो हो सकता है कि किसी ने पीछे से कह दिया हो, साहेब! आप तीसरे देश की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। दोष बादल साहेब का नहीं, दोष तो हमारा है, जो खुद की भाषा में बात करने को अपनी बे-इज्जती समझते हैं। हमारे राज्य की तो छोड़ो देश के नेता भी हिन्दी में शपथ लेने से कतराते हैं, और कहते हैं कि हिन्दुस्तान की संपर्क भाषा हिन्दी बने। इससे कुछ दिन पहले ही, राज्य के एक पंजाबी समाचार पत्र में लेखिका डा.हरशिंदर कौर का लेख प्रकाशित हुआ था, जिसमें लेखिका ने अपने साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए पंजाबी सेवक का पट्टा पहनकर घूमने वालों पर जोरदार कटाक्ष किया था।

पंजाबी भाषा को अगर कायम रखना है, तो सरकार को कानून बनाने की नहीं बल्कि भाषा को लोकप्रिया बनाने की जरूरत है। पंजाबी गीत संगीत ने पंजाबी को विश्वव्यापी तो बना दिया, लेकिन केवल बोलचाल में, लेखन में नहीं। अगर लेखन में भी इसको लोकप्रियता दिलानी है तो सरकार को साहित्यकारों की तरफ ध्यान देना होगा। पंजाबी फिल्मों के साथ साथ फिर से पंजाबी रंगमंच को जिन्दा करना होगा, ताकि लोगों को एक बार फिर से पंजाबी लेखन की तरफ खिंचा जा सके।

पंजाबी फिल्म एकम में जब नायिका नायक को अपने शौक के बारे में बताते हुए कुछ विदेशी लेखकों का नाम लेती है, जिन्हें वे रूटीन में पढ़ती है, तो नायक उसकी इस बात पर कटाक्ष करते हुए कहता है कि कभी पंजाबी लेखकों को भी पढ़ लिया करो। स्टेट्स सिम्बल के चक्कर में पंजाबी अपने ही राज्य में हाशिए पर खड़ी नजर आ रही है। कॉलेजों से निकलते ही विद्यार्थी भूल जाते हैं कि उन्होंने कॉलेज में किन किन पंजाबी लेखकों को पढ़ा, और आगे किन किन को पढ़ना है, क्योंकि उनके लिए पढ़ाई का मतलब डिग्री हासिल करना, और उस डिग्री के बलबूते पर नौकरी हासिल करना। ऐसे में भाषा व संस्कृति को बचा पाना बेहद मुश्किल ही नहीं, असंभव भी है।

कुलवंत हैप्पी
76967 13601

पानी की टैकियों पर लगा रहा पुलसिया पहरा

-बेरोजगार बीएड़ अध्यापकों ने निकाली महानगर में रैली
-ईटीटी अध्यापकों ने दिया यूनियन पदाधिकारियों को इस्तीफा
बठिंडा। बेरोजगार बीएड अध्यापक फ्रंट और ईटीटी अध्यापक यूनियन ने मंगलवार को पूरा दिन जिला प्रशासन को छकाकर रखा। सोमवार की रात से ही स्थानीय टीचर्स होम में बीएड बेरोजगार अध्यापक फ्रंट के राज्य भर से कार्यकर्ता इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। इसके चलते जिला प्रशासन ने जिले भर की सभी पानी की टैकियों की नाकाबंदी कर दी व पूरी फोर्स इन टैकियों के आसपास तैनात कर दी गई। इस दौरान प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी सुरक्षा के कडे़ इंतजाम करने पडे़। प्रशासन की सख्ती के चलते बेरोजगार बीएड अध्यापकों ने दोपहर बाद शहर में रैली निकालकर मांगपत्र सौंपा। दूसरी तरफ ईटीटी अध्यापक यूनियन के सैकड़ों अध्यापकों ने सरकार की नीतियों से खफा होकर अपनी नौकरी से इस्तीफे देने की घोषणा कर दी। इस बाबत सभी अध्यापकों ने यूनियन पदाधिकारियों को अपने इस्तीफे सौंपकर आगे सरकार व शिक्षा विभाग तक इन्हें भेजने का अधिकार दिया। वहीं कहा कि वह आगे से शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किसी भी आदेश की पालना करने के लिए बाध्य नहीं रहेंगे बल्कि बीडीपीओ के प्रति उनकी जबावदेही रहेगी। बोरोजगार बीएड अध्यापक फ्रंट की तरफ से राज्य स्तरीय रैली में प्रमुख हरजीत सिंह जींदा ने बताया कि सरकार उन्हें नौकरी देने का झूठा वायदा कर रही है लेकिन आज तक रोजगार प्रदान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी यूनियन ने सर्वसम्मति से फैस्ला लिया है कि टैंकियों पर चढक़र वह जान देने की बजाय सरकार की नाक में दम करने के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की हर रैली में विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। दूसरी तरफ ईटीटी अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान जगमेल सिंह ने कहा कि चुनाव से पहले अकाली दल ने उन्हें सर्व शिक्षा अभियान व पढ़ो पंजाब प्रोजेक्ट के अधीन जिला परिषदों से शिक्षा विभाग में तैनात करने का वायदा किया था लेकिन इसमें आज तक ईटीटी अध्यापकों को शिक्षा विभाग में शामिल नहीं किया गया है। इसी से खफा अध्यापकों ने अपने पदों से इस्तीफे देने का फैसला लिया है। यह इस्तीफे प्रत्यक्ष तौर पर शिक्षा विभाग को नहीं दिए जा रहे हैं क़्योंकि शिक्षा विभाग उन्हें अपना हिस्सा मानने को तैयार नहीं है, ऐसे में उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों को इस्तिफा देने का फैसला लिया है।

महिला से किया दुष्कर्म, एक व्यक्ति पर मामला दर्ज

बठिंडा। महिला को घर में अकेयल देख उसके ही पड़ोसी ने बलात्कार कर दिया। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पुलिस की ग्रिफ्त से बाहर है। जानकारी अनुसार पीडि़त महिला ने तलवंडी साबो पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में बताया कि गुरुसर जगा में उसके परिजन किसी काम से बाहर गए हुए थे। इसका फायदा उठाकर सोनवार की रात्रि अमनदीप सिंह दीवार उर्फ चांद कर उसके घर में दाखिल हुआ। उसने तेजधार हथियार से उसे डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर घटनास्थल से फरार हो गया। परिजनों के घर वापिस लौटने पर इसकी जानकारी दे पुलिस के पास केस दायर करवाया गया। पुलिस ने महिला का मेडिकल करवाने के बाद आरोपी के खिलाफ केस दायर कर लिया। इसमें आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार है। 

महिला का अश्लील एमएमएस बनाकर कर रहे थे ब्लैकमेल
बठिंडा। महिला को नशीली दवा पिलाकर अश्लील एमएमएस बना ब्लैकमेल करने वाली दो महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दायर किया है। दयालपुरा पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी जानपहचान वाली महिला मनजीत कौर वासी भगता भाई, रमन कौर पत्नी जसकरण सिंह व फूलां पंडित पुत्र बलविंद्र शर्मा ने धोखे से उसे पानी के गिलास में नशीली दवाई पीलाकर बेहोश कर दिया। बहोशी की हालत में उक्त आरोपियों ने उसकी अश्लील फिल्म तैयार कर उसे ब्लैकमेल करना शुरु कर दिया। महिला ने बताया कि उक्त आरोपी उसे फोन कर धमकी दे रहे है कि उन्होंने उसका अश्लील एमएमएस बनाया है अगर उसने उन्हें बीस हजार रुपये नहीं दिए तो वह इसे सार्वजनिक कर देंगे। पुलिस ने दो महिला सहित तीन लोगों पर मामला दर्ज कर रमन व फूलां पंडित को गिरफ्तार कर लिया है। 

पूहली में लगाया रक्तदान शिविर

बठिंडा- यूनाईटेड वेलफेयर सोसायटी की ओर से चलाए जा रहे अभियान गांव गांव रक्तदान शिविर के तहत निकटवर्ती गांव पूहली में बाबा जीवन सिंह हैल्पर वेलफेयर क्लब की ओर से स्वेच्छा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें एक महिला रक्तदानी गुरजीत कौर के समेत 19 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

गांव की धर्मशाला में क्लब प्रधान जसमीत सिंह, उप प्रधान चमकौर सिंह व गुरसेवक सिंह के यत्नों से आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ डा. हरजिंदर कौर बीटीओ बरनाला ने रक्तदानियों के बैच लगाकर किया।

इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डा.कौर ने लोगों को रक्तदान की लहर में बढ़ चढ़कर योगदान देने के लिए प्रेरित किया और उनके मनों में रक्तदान को लेकर पैदा हुई गलत फहमियों को दूर किया। रक्तदान शिविर में विशेष तौर पर पहुंचे संस्था प्रधान विजय भट्ट ने आए हुए रक्तदानियों का आभार प्रकट किया व उनको रक्तदान के प्रति अन्य लोगों को प्रेरित किया। कैंप के दौरान राजकुमार और कृष्ण कोटशमीर ने अपनी अपनी जिम्मेदारियां बाखूबी निभाई।

कैंप के दौरान सबसे दिलचस्प बात थी बरनाला ब्लड बैंक की चुस्त दुरुस्त टीम, जो रक्तदानियों के साथ बड़े ही सलीके से पेश आ रही थी और मौके पर ही रक्तदान प्रमाण पत्र तैयार कर दे रही थी। इसके अलावा टीम का हर वर्कर हर रक्तदानी के साथ वार्तालाप करते हुए उसको रक्तदान के प्रति जागरूक कर रहा था।

सर्टिफिकेट वितरण समारोह 
बठिंडा : स्थानीय इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की ओर से अवार्ड ऑफ सर्टिफिकेट समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर गुरकृत कृपाल सिंह डिप्टी कमिश्नर बठिंडा पहुंचे।

इस मौके पर बोलते हुए श्री सिंह ने कहा कि आने वाले समय में होटल प्रबंधन कारोबार में रोजगार की बेहद संभावनाएं हैं। उन्होंने इस मौके पर सर्टिफिकेट हासिल करने वाले विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

समारोह के अतिरिक्त बातचीत में इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल श्री पियूश ने बताया कि जल्द से जल्द विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार उनको नौकरियां मुहैया करवाई जाएंगी और इसके लिए बड़े बड़े होटलों रेस्टोरेंटों से बातचीत चल रही है।

इस समारोह में अन्य लोगों के अलावा इंस्टीट्यूट प्रिंसिपल कमल पियूश, नगर निगम मेयर बलजीत बीड़ बह्मण, अशोक धुन्नीके, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन अशोक भारती आदि उपस्थित थे।

रहा आकर्षण का केंद्र भुच्चो का जसवंत : सबेसियाह को दिन में बदल नहीं सकते, जो दीपक तेज हवाओं में जल नहीं सकते मशहूर शायर अजीज अंसारी की उक्त पंक्ति उस समय एकाएक जुबान पर आ गई, जब विद्यार्थी जसवंत सिंह निवासी भुच्चो खुर्द अपना डिप्लोमा सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए अपनी एक वैसाखी के साथ स्टेज की तरफ बढ़ा। उसके चेहरे पर गर्व का जोश साफ झलक रहा था, वो भले ही जिन्दगी भर एक वैसाखी के सहारे से चले, लेकिन आजीविका के लिए वो किसी और के सहारे का इंतजार नहीं करेगा।