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सोमवार, 2 मार्च 2020

दलित मासूम बहन भाई की बली देने के मामले में आरोपियों पर कार्यवाही को लेकर दायर याचिका की सुनवाई 19 मार्च को


-अदालत में गवाहों को धमकी देने का मामला एस.एस.पी. के पास रखा, होगी जांच 

बठिंडा. नजदीक गांव कोटफत्ता में तीन साल पहले बली दिए गए दो दलित मासूम बहन व भाई के मामले में बठिंडा अदालत ने आरोपियों के खिलाफ कारर्वाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर 19 मार्च को सुनवाई तय कर दी है। इस मौके अदालत में गवाहों को जान से मारने की धमकी देने का मामला भी एसएसपी बठिंडा के पास रखा गया है। दलित बहन-भाई की बली को लेकर गठित एक्शन कमेटी की तरफ से जारी प्रैस नोट में बताया गया कि बच्चों की बुआ अमनदीप कौर ने औलाद की ख़ातिर 5 साल के मासूम रणजोध सिंह और उसकी तीन सालों की बहन अनामिका कौर की बली दे दी थी। बली देने के मामले में कोटफ़त्ता निवासी राम सिंह ने अपनी गवाही भुगताते कातिल आरोपियों की पहचान की थी। एडीशनल जिला एंड सैसन जज बठिंडा में अपनी गवाही के दौरान गवाह राम सिंह ने तांत्रिक लखविन्दर सिंह के खिलाफ बयान दर्ज करवाए थे कि किस तरह से उसने लोगों को गुमराह कर दो मासूम बच्चों की बली दी। गवाही देने के बाद अदालत में मुखत्यार सिंह ने गवाहों को धमकाते कहा था कि वह उन का कत्ल कर देगा। एक्शन कमेटी ने इस बाबत तुरंत बैठक करते इस बाबत लिखित रूप में एसएसपी बठिंडा डा. नानक सिंह को जानकारी दी। जिन्होंने मामलो की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन को आरोपी लोगों के खिलाफ कानूनी कारर्वाई करने की हिदायत दी है।

वही पंजाब ला फार्म की तरफ से प्रसिद्ध वकील चरनपाल सिंह बराड़ और टीम मैंबर गुरसेवक सिंह की तरफ से जिला अदालत में दी दरख़ास्त में कानूनी दायरे से बाहर रहे मुलजिम अमनदीप कौर, गगनदीप कौर, जसवीर सिंह आदि को तलब करने की माँग की है। एक्शन कमेटी की तरफ से अदालत में पहुँचे बाबा हरदीप सिंह महराज, भाई परनजीत सिंह कोट फ़त्ता, बलजिन्दर सिंह कोटभारा, किसान नेता सुरजीत सिंह भुच्चों, नछत्तर सिंह छत्ता, पंच गुरचरन सिंह कोटभारा आदि ने कहा कि वह दोषियों को फांसी की सजा दिलाने तक संघर्ष करते रहेंगे व कानूनी लड़ाई जारी रखेगें।


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