HOME PAGE

HOME PAGE

मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

नगर निगम ने साल भर से नहीं लिए यूजर्स चार्जेज, अब इकट्ठे करेगा वसूल



 बठिडा : नगर निगम की ओर से घरों और व्यापारिक संस्थानों से डोर टू डोर की जाती कचरा कलेक्शन के यूजर्स चार्जेस देने के लिए उपभोक्ता तैयार हो जाएं। नगर निगम यह चार्जेस एक माह के नहीं, बल्कि पिछले करीब एक साल के इकट्ठे ही वसूल करने जा रहा है। शहर में करीब 55 हजार रिहायशी और 10 हजार व्यापारिक यूनिट हैं। नगर निगम लगभग एक साल से 50 किलो से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थानों से ही यूजर्स चार्जेस की वसूली कर रहा है। इसके अलावा अन्य किसी भी घर, दुकान या व्यापारिक संस्थान से चार्जेस नहीं ले रहा है। फिलहाल में मुफ्त में ही निगम की ओर से कचरा कलेक्शन की सेवा की जा रही है। जबकि तमाम घरों, दुकानों व व्यापारिक संस्थानों के रेट निगम हाउस की तरफ से निर्धारित हैं। लेकिन अब सबसे वसूली होने जा रही है। इसकी तैयारी कर ली गई है। यह वसूली भी निगम की ओर से खुद नहीं, बल्कि ठेकेदार की ओर से की जाएगी। चार्जेस वसूली के लिए नगर निगम ने टेंडर लगा दिया है। जोकि 11 जनवरी को खुलने जा रहा है। वसूली की प्रक्रिया शुरू होने पर निगम को प्रति माह 55 लाख रुपये की आमदन होने का अनुमान है।

पिछले करीब एक साल से ठप पड़ी है चार्जेस वसूली

नगर निगम की ओर से करीब दो साल पहले जब करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 46 मिन्नी टिप्पर खरीदे गए थे, तो उस समय यही योजना बनाई गई थी कि प्रत्येक माह यूजर्स चार्जेज की वसूली की जाएगी। इस यूजर्स चार्जेस से न केवल मिन्नी टिप्परों की मेंटीनेंस और तेल का खर्चा निकलेगा, बल्कि मिन्नी टिप्परों के लिए ठेके पर रखे 300 ड्राइवरों और हेल्परों का वेतन भी निकलेगा। निगम की यह योजना कुछ हद तक वर्ष 2019 तक तक तो चलती रही, लेकिन उसके बाद उचित योजना के अभाव में बंद होकर रह गई। लेकिन अब यह वसूली फिर से शुरू की जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता के साथ भी यूजर्स चार्जेज की वसूली का नाता है। प्रतियोगिता में इसके बाकायदा अंक है और इसकी वसूली अनिवार्य है। पिछले बकाया समेत इकट्ठी

वसूली की योजना: एसई

नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर हरपाल सिंह भुल्लर ने कहा कि यूजर्स चार्जेस की वसूली के लिए टेंडर लगा दिया गया है। जोकि जल्दी ही खुलने वाला है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जबसे वसूली बंद है, तबसे इकट्ठी ही की जाने की योजना है।

  • नगर निगम हाउस की ओर से पारित रेट
  1. रिहायशी प्रति घर मासिक
  2. 60 गज तक घर 20 रुपये
  3. 180 गज तक घर 30 रुपये
  4. 181 गज से ज्यादा घर 50 रुपये कमर्शियल
  5. दुकान अप टू 100 फीट 50 रुपये
  6. दुकान 100 से 200 फीट 100 रुपये
  7. दुकान 200 से 300 फीट 150 रुपये
  8. दुकान 300 से 500 फीट 200 रुपये
  9. दुकान 500 से 1000 फीट 250 रुपये
  10. दुकान 1000 फीट से ऊपर 500 रुपये
  11. पेट्रोल पंप 500 रुपये
  12. बैंक व वित्तीय संस्थान 1000 रुपये अस्पताल सिर्फ नान मेडिकल वेस्ट:
  13. अपटू 15 बेड 1000 रुपये
  14. 16 से 30 बेड 2000 रुपये
  15. 30 से 50 बेड 5000 रुपये
  16. 50 बेड से ऊपर 10000 रुपये होटल
  17. अपटू 10 कमरे 500 रुपये
  18. 11 से 20 कमरे 1000 रुपये
  19. 21 से ज्यादा कमरे 2000 रुपये
  20. बैंक्वेट हाल व रेस्टोरेंट का 1500 रुपये मिठाई की दुकानें
  21. एसी 1000 रुपये
  22. नान एसी 500 रुपये ढाबा
  23. एसी 1000 रुपये
  24. नान एसी 500 रुपये फैक्ट्री 50 रुपये प्रति गज
  25. शापिग माल 200 रुपये प्रति दुकान
  26. मल्टीपलेक्स, सिनेमा 1000 रुपये प्रति स्क्रीन
  27. प्राइवेट कालेज 1000 रुपये
  28. अन्य शैक्षणिक संस्थान 1000 रुपये
  29. यूनिवर्सिटी 5000 रुपये
  30. पेइंग गेस्ट हाउस 30 रुपये प्रति कमरा
  31. रेहड़ी, खोखा 30 रुपये
  32. सर्विस स्टेशन 150 रुपये मैरिज पैलेस अपटू 500 गज 1000 रुपये महीना
  33. 501 से 1000 गज 2000 रुपये महीना
  34. 1001 से ज्याद गज 3000 रुपये महीना
  35. शराब की दुकान 300 रुपये नोट: सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को यूजर्स चर्जेस से मुक्त रखा गया है।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें