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बुधवार, 6 जनवरी 2021

Bathinda- तीन साल से नीले कार्ड नहीं बनाने के विरोध में फूटा लोगों का गुस्सा, डीसी को मांग पत्र देने के बाद किया प्रदर्शन



-राजनीतिक कारणों से राशन कार्ड काटने व मामले में किसी तरह की सुनवाई नहीं करने का लगाया आरोप 

बठिंडा. जिले के गांव अकलिया कला में रहने वाले सैकड़ों लोगों ने नीले कार्ड काटने व तीन साल से किसी तरह की सुविधा नहीं देने का आरोप लगाया है। इस बाबत स्थानीय लोगों ने ग्राम पंचायत के साथ मिलकर मांगपत्र डीसी बठिंडा को सौंपा। इसमें कुलविंदर सिंह, गुरमेल सिंह, दर्सन सिंह ने बताया कि वर्तमान में 785 के करीब परिवार ऐसे हैं जिनके तीन साल पहले हुई वैरिफिकेशन में नीले कार्ड काट दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने कई बार फूड सप्लाई विभाग के पास नीले कार्ड शुरू करवाने के लिए आवेदन दिया लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की व आज तक कार्ड फिर से नहीं बन सके हैं। इसमें राजनीतिक कारणों से कार्ड काटने का आरोप भी उक्त लोगों ने लगाया। वही चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने मामले मे दखल देकर जल्द उनकी समस्या का हल नहीं निकाला तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।


 उन्होंने आरोप लगाया कि वह जब भी राशन व कार्ड संबंधी इलाके के डिपो होल्डरों के पास जाते हैं तो उनके साथ पक्षपात किया जाता है व अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान प्रभावित लोगों ने मांग पत्र देने के बाद धरना प्रदर्शन भी किया व प्रशासन के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर उनकी समस्या हल कर काटे गए नीले राशन कार्ड फिर से शुरू करने की मांग रखी। गौरतलब है कि राज्य में अकाली-भाजपा सरकार के समय में हजारों लोगों के बने नीले कार्डों की कांग्रेस सरकार ने फिर से जांच करवाई थी। इसमें तय नियमों से उलट बने कार्डों को वैरिफिकेशन के बाद काट दिया गया था। इसी दौरान अकलिया गांव में भी सैकड़ों लोगों को संदिग्ध मानते उनके नीले कार्ड काट दिए गए थे व विभाग ने इस बाबत संदिग्ध लोगों को फिर से दावेदारी करने के लिए कहा था। इस गांव के लोगों की तरफ से प्रशासन के पास फिर से नीले कार्ड शुरू करवाने के लिए आवेदन किए थे लेकिन इसमें आज तक किसी तरह की सुनवाई नहीं हो सकी है जिसके चलते इलाके के सैकड़ों लोगों में प्रशासन व सरकार के खिलाफ गुस्सा है। 

फोटो -नीले कार्ड काटे जाने के विरोध में प्रदर्शन करते गांव अकलिया व आसपास के गांवों के लोग। 

 

 


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