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शुक्रवार, 8 जनवरी 2021

Bathinda-कोरोना वैक्सीनेशन ड्राई रन ड्रिल में कई तरह की खामियां आई सामने, सुधारने पर रहेगा जोर



  • कर्मी समय से लेट पहुंचे तो ज्यादातर स्टाफ भी रहा नदारद, डीसी से कमियों को सुधारने की दी हिदायतें

बठिंडा. कोरोना वैक्सीनेशन ड्राई रन ड्रिल का शुक्रवार को जिले के 3 जगहों पर आयोजन किया गया। इस दौरान बेशक सेहत विभाग ने सुबह 9 से 11 बजे तक ड्रिल रखा गया था लेकिन इसमें समय का कोई ध्यान नहीं रखा गया बल्कि चीफ गेस्ट के इंतजार में डेढ़ घंटे की देरी से मुहिम शुरू हो सकी। वही ड्रिल के दौरान 30 फीसदी से भी कम स्टाफ मौके पर हाजिर रहा। यह स्थिति शहर में सिविल अस्पताल की थी जबकि इस ड्राई रन ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग के 100 से अधिक कर्मचारियों ने हिस्सा लेना था। ड्राई रन ड्रिल को लेकर वीरवार को सिविल सर्जन बठिंडा डा. तेजवंत सिंह ढिल्लो के निर्देशानुसार जिला टीकाकरण ऑफिसर डा. मीनाक्षी सिंगला की टीम द्वारा सिविल अस्पताल के फ्लू कार्नर के नजदीक बनाए गए वैक्सीनेशन रूम, गोनियाना सिविल अस्पताल व दिल्ली हार्ट अस्पताल में यह ड्रिल चलाई जानी थी। इसमें कर्मियों को शिकायत रही कि उक्त कार्यक्रम के संबंध में उन्हें सही ढंग से सूचित नहीं किया गया और न ही मैसेज दिया गया था। इस दौरान कर्मी व जिम्मेवार लोगों ने अपने साथ आई कार्ड व आईडी प्रूफ लेकर आना है या नहीं इसके लेकर भी स्थिति साफ नहीं की गई। यही कारण रहे कि अधिकतर कर्मी समय पर नहीं पहुंच सके व उनके पास ईडी प्रूफ तक नही थे। गत दिवस सात जनवरी को सिविल सर्जन डा. तेजवंत सिंह ढिल्लो ने बठिंडा सिविल अस्पताल परिसर में वैक्सीनेशन के लिए तैयार किए गए रूम का जायजा लिया था और जहां-जहां जो कमियां नजर आईं उसे तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने इस अहम कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते आने वाले दिनों खासकर अगले सप्ताह से शुरू होने वाली वैक्सीन मुहिम को लेकर कई खामियां सामने नजर आई। सिविल सर्जन ने ड्राई रन ड्रिल के लिए जिन कर्मचारियों का चयन किया गया था वह नियमानुसार अपने परिचय पत्र तक साथ लेकर नहीं आए थे। हालांकि गत दिवस सिविल अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें पूरी तैयारी के साथ समय पर पहुंचने के आदेश दिए थे।

शहरी क्षेत्र में बठिंडा सिविल अस्पताल और दिल्ली हार्ट अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्र के लिए गोनियाना मंडी सरकारी अस्पताल को वैक्सीन के ड्राई रन के लिए चुना गया था  यहां करीब दो घंटे तक चलने वाले ट्रायल के माध्यम से यह परखा जाना था कि वैक्सीन स्टोरेज प्वाइंट से किस तरह हेल्थ सेंटरों तक पहुंचेगी। वैक्सीनेशन बूथ पर 3 कमरे तैयार किए गए थे। फिलहाल सेहत विभाग ने वैक्सीनेशन के लिए सरकारी और प्राइवेट 12 टीकाकरण सेंटर बनाए है। उक्त सेंटरों पर 36 टीमों का गठन किया गया है। पहले चरण में चरण में 4359 सरकारी और 4798 निजी अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ को टीकाकरण के लिए शामिल किया गया है। सेहत विभाग द्वारा टीकाकरण संबंधी तैयारियां पूरी करने का दावा किया जा रहा है लेकिन आज जिस तरह से मोक ड्रिल के दौरान सेहत कर्मियों की तरफ से समय व व्यवस्था को लेकर लापरवाही दिखाई उससे इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सेहत विभाग व जिला प्रशासन को फिर से मत्थापेची करनी पड़ेगी वहीं इस व्यवस्था को फिर से दुरुस्त करने के लिए काम करने पड़ेगा

 


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