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गुरुवार, 21 जनवरी 2021

बठिंडा-सुखबीर बादल ने राज्य व जिला चुनाव आयोग को लिया आड़े हाथ, कहा-आचार संहिता को लागू करवाकर लोकतंत्र को रखे बरकरार

 


-कांग्रेस पर लगाया चुनाव में धक्केशाही व गुंडागर्दी कर लोगों को डराने का आरोप, अकाली दल देगा कड़ा जबाव 

-कृर्षि बिलों पर केंद्र के प्रस्ताव पर किसानों को लेना चाहिए अपना फैसला, अकाली दल खड़ा रहेगा साथ    

बठिंडा. शिरोमणि अकाली के प्रधान व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते कहा कि वह राज्य के चुनाव आयोग की भूमिका निभाए न कि कांग्रेस आयोग बनकर काम करे। राज्य में होने वाले निकाय चुनावों से पहले लंबे समय से एक ही थाने व जिले में बैठे अधिकारियों के तबादले करने, शहरों में सत्ताधारी दलों के प्रचार बोर्ड हटाने और आंखों में धूल झोककर नए काम शुरू करवाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। सुखबीर बादल ने बठिंडा में अकाली दल के चुनाव दफ्तर का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बात करते अधिकारियों को भी सचेत किया व कहा कि वह इमानदारी से अपनी ड्यूटी का पालन करे। कांग्रेस के दबाव में आकर लोगों पर झूठे मामले दर्ज करने की प्रवृति पर रोक लगाए और चुनाव आंचार संहिता को लागू करवाने व लोकतंत्रीय प्रक्रिया को सुचारु ढंग  चलान में अपना योगदान डाले। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ताधारी होने का नाजायज फायदा उठा रही है। वार्डबंदी में मनमाने ढंग से काम किया गया जिसके चलते कई वार्डों में दो हजार तो कही 6 हजार से अधिक वोट रखी वही अब बठिंडा में एक ही घर में 60 से अधिक वोट बनाने जैसी शिकायते सामने आई है जो इस बात की तरफ संकेत करती है कि चुनाव में कांग्रेस माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है व पहली की तरह धक्केशाही करने, गोलियां चलाने व विपक्षी दलों को दबाने के लिए उन पर झूठे मामले दर्ज करवानेपर उतर आई है। अकाली दल जिन्हें अपना उम्मीदवार बनाने जा रही है उनके वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस ने चुनाव में धक्केशाही करने की कोशिश की तो अकाली दल इसका मुंह तोड़ जबाब देने के लिए तैयार है। 

चुनाव में अकाली दल की स्थिति पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि राज्य भर में अकाली दल के पक्ष में लहर चल रही है। कांग्रेस सरकार ने चार साल तक पंजाब की नगर निगमों, नगर कौंसिलों व नगर पंचायतों को कंगाल करके रख दिया, एक भी पैसा विकास काम के लिए जारी नहीं किया बल्कि जो काम उन्होंने चार साल पहले शरू किए वह आज भी वहीं खड़े हैं। नींवपत्थरों के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इसे लोग भलीभांति समझने लगे हैं व पंजाब के विकास व तरक्की के लिए अकाली दल को फिर से 2022 में सत्ता सौंपने जा रहे हैं व इसका आगाज नगर निकायों के चुनाव में देखने को मिलेगा।  

किसान आंदोलन में सरकार की तरफ से खेती कानूनों को डेढ़ साल तक होल्ड करने के प्रस्ताव पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि यह फैसला किसानों को लेना है इसमें वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। इसमें किसान जो भी फैसला लेंगे अकाली दल उनके साथ रहेगा। 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने के संबंध में सुखबीर बादल ने कहा कि किसान अब दिल्ली के बाहर तिरंगा मार्च शांतिपूर्वक निकालना चाहते हैं तो इसमें सरकार को किसी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए बल्कि उन्हें इसकी अनुमति दे देनी चाहिए। उन्होंने किसानों के ट्रैक्टर मार्च में अकाली दल के सभी वर्करों व पदाधिकारियों को शामिल होने व सहयोग करने के लिए कहा है। उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार से अलग होने पर कहा कि जब श्री दरबार साहिब में हमला हुआ तो देश के गृह मंत्री बूटा सिंह थे व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह थे। दोनों सिख थे लेकिन उन्होंने सरकार से मोह बरकरार रखा व त्यागपत्र नहीं दिया लेकिन अकाली दल ने जब किसानी पर हमला होता देखा तो बिना किसी देरी के सरकार से अलग ही नहीं हुए बल्कि तीन दशक से पुराने गठजोड़ का भी साथ छोड़ किसानों के साथ आकर खड़े हो गए। उन्होंने राहुल गांधी की तरफ से पिछले दिनों किसानों पर बुकलेट निकालने पर हमला बोलते कहा कि वह सबसे बड़ी ड्रामेबाजी कर रहे हैं जबकि चुनाव घोषणा पत्र के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किसान बिल में ठेका खेती का समर्थन किया व खुले बाजार की बकालत की। आज वही लोग इसका विरोध कर किसानों को गुमराह कर रहे हैं। हाल ही में किसानों व समर्थकों को नोटिस जारी करने पर सुखबीर बादल ने कहा कि सरकार को किसानों पर दबाव बनाने की बजाय इमानदारी से उनकी बातों को सुनना चाहिए व उसका सार्थक हल निकालना चाहिए। इस मौके पर विधानसभा हलका इंचार्ज व पूर्व विधायक सरुपचंद सिंगला, पूर्व मेयर बलजीत सिंह बीड़बहिमण, बलवंत राय नाथ व अकाली दल की लीडरशीप हाजिर रही। 

फोटो -अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल बठिंडा में पत्रकारों के साथ बात करते हुए। 



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