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गुरुवार, 28 जनवरी 2021

दिल्ली दंगे : तरनतारन का है लाल किले पर केसरिया झंडा फहराने वाला युवक, परिजन बोले- जुगराज सिंह को उकसाया गया


अमृतसर।
 किसान आंदोलन के नाम पर 26 जनवरी को दिल्ली में हुए घटनाक्रम से पूरा देश शर्मसार है। इसी दौरान के एक वीडियो में एक युवक लाल किले पर केसरिया झंडा फहराता नजर आ रहा है। इसकी पहचान हो गई है। 22 साल का जुगराज सिंह नाम का यह युवक पंजाब के सीमांत जिले तरनतारन के गांव वां तारा सिंह का रहने वाला है। परिवार और ग्रामीणों ने वीडियो से उसकी पहचान कर ली, वहीं पुलिस भी घर तक पहुंच गई। हालांकि इसके मां-बाप और बहन फिलहाल अंडरग्राउंड हैं।

वां तारा सिंह गांव पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है। कंटीली तार के पास 2 एकड़ जमीन पर जुगराज सिंह का परिवार खेती करता है। तीन भैंसें और एक गाय भी रखी है। परिवार पर 5 लाख रुपए का कर्ज है। परिवार में उसके मां-बाप, दादा-दादी के अलावा तीन बहनें हैं, जिनमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है। मैट्रिक पास जुगराज सिंह ढाई साल पहले चेन्नई स्थित निजी कंपनी में काम करने गया था, लेकिन पांच महीने बाद ही लौट आया था। अब मजदूरी करता है। जानकारी के अनुसार गांव से 24 जनवरी को दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। जुगराज भी इनके साथ गया था।

लाल किले पर केसरिया झंडा फहराए जाने की घटना के बाद 26 जनवरी की रात 10 बजे पुलिस की टीम जुगराज सिंह के घर पहुंची। पूछताछ में जुगराज सिंह के पिता बलदेव सिंह ने सिर्फ यह बताया था कि उसका बेटा किसान आंदोलन में शामिल होने लिए दिल्ली गया है। इसके बाद से जुगराज के पिता बलदेव सिंह, मां भगवंत कौर और एक बहन भूमिगत हैं।

मीडिया से बात करते जुगराज सिंह के दादा महल सिंह।
मीडिया से बात करते जुगराज सिंह के दादा महल सिंह।

दादा महल सिंह और दादी गुरचरण कौर ने कहा कि परिवार का कोई भी सदस्य कभी किसी गैर सामाजिक गतिविधि में शामिल नहीं रहा है। दादी गुरचरण कौर ने कहा कि गांव में छह गुरुद्वारे हैं। जुगराज इन गुरुद्वारों में निशान साहिब पर चोला चढ़ाने की सेवा करता था। उन्होंने कहा कि दूसरे साथियों के नाकाम रहने और उकसाने पर जोश में आकर जुगराज ने लाल किले पर झंडा चढ़ा दिया होगा। अब जुगराज से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

जुगराज सिंह के घर पर जुटे पड़ोसी।
जुगराज सिंह के घर पर जुटे पड़ोसी।

उधर, ग्रामीण साधा सिंह, प्रेम सिंह, गुरसेवक सिंह और महिदर सिंह का कहना है कि कुछ शरारती लोगों ने यह गलत हरकत की है। परिवार और ग्रामीणों ने जुगराज के किसी भी खालिस्तानी मूवमेंट के साथ संबंध होने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें TV देखकर ही इस घटना का पता चला। दूसरी ओर एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच की जा रही है कि मामला खालिस्तान आंदोलन से तो नहीं जुड़ा है।

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