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रविवार, 21 फ़रवरी 2021

पंजाब के बजट सेशन में रहेगी 2022 चुनाव के बड़े वोट बैंक पर नजर- किसानों, युवाओं पर मेहरबान होगी कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार, कर सकती है कुछ बड़े ऐलान


चंडीगढ़। 
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को देखते हुए इस बार सबकी नजर पंजाब सरकार के बजट पर रहेगी। कैप्टन सरकार अपने आखिरी बजट में किसानों और युवाओं के लिए कुछ बड़े एलान कर सकती है। इनमें सबसे बड़ी घोषणा किसानों की कर्ज माफी से जुड़ी हो सकती है। माना जा रहा है कि आठ मार्च को पेश होने वाले बजट में सरकार 32 हजार किसानों को कर्ज माफी का तोहफा दे सकती है। पंजाब में 8 मार्च को बजट पेश किया जाएगा।

बड़े वोट बैंक पर नजर

कैप्टन सरकार की नजर किसानी वोट बैंक पर है। तीन कृषि कानूनों को लेकर राज्य सरकार ने सबसे पहले इन बिलों के खिलाफ अपने बिल पारित करके राज्यपाल को भेज रखे हैं। पिछले चुनाव में भी सरकार किसानों के कर्ज माफ करने का वादा करके सत्ता में आई थी।

बजट में ये हो सकता है खास

  • 3200 किसानों व कृषि मजदूरों की कर्ज माफी की खुलेगी राह
  • 1500 से 2000 करोड़ रुपये कर्ज माफी के लिए रखने की योजना
  • 1500 करोड़ रुपये की दरकार है खेतिहर मजदूरों की कर्ज माफी के लिए
कितने चरणों में कर्ज माफी

पहला चरण: ढाई एकड़ तक जमीन वाले किसानों के दो लाख रुपये के कर्ज माफ किए थे। ये कर्ज सरकारी, सहकारी बैंकों से लिए थे या प्राइवेट बैंकों से।
दूसरा चरण: पांच एकड़ तक जमीन वाले किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ किए। इसमें दो लाख रुपये तक का कर्ज को माफ हो गया,लेकिन जिनका कर्ज दो लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा है, उनका कर्ज माफ नहीं हुआ।
तीसरा चरण: दूसरे चरण में 32 हजार किसान वेरिफिकेशन से रह गए थे। नए बजट में इनको शामिल किया जा रहा है। इस वर्ग में 1.16 लाख किसानों ने अप्लाई किया था।
चौथा चरण: सरकार को खेतिहर मजदूरों का कर्ज भी माफ करना है। इस वर्ग के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपये की अलग से दरकार है।

ज्यादा भर्ती पर जोर


किसानों के अलावा युवाओं पर भी कैप्टन सरकार की नजर है। उन्हें स्मार्ट फोन दिए जाने की योजना लागू कर दी गई है, लेकिन रोजगार उनका मुख्य मुद्दा पिछले साल सरकार ने रिटायरमेंट एज को 60 से कम करके 58 इसी इरादे से किया था, ताकि इनमें ज्यादा से ज्यादा भर्ती की जा सके।

2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता विचाराधीन

सरकार नए सिरे से विभागों का पुनगर्ठन किया जा रहा है। पुराने व अप्रासंगिक हो चुके पदों को खत्म किया जा रहा है और उनमें नए पद सृजित करके नई भर्ती खोल दी गई है। बेरोजगारों के लिए 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देना भी सरकार के विचाराधीन है।

  • 1000 करोड़ रुपये बजट में रखने की मांग की है रोजगार सृजन विभाग ने
  • 1875 नए पद सृजित करने व पांच नए विभागों के पुनर्गठन को मंजूरी दे चुकी है सरकार

3000 प्राइवेट मिनी बसों के परमिट

युवाओं को मिनी प्राइवेट बसों के परमिट दिए जा रहे हैं। मार्च के पहले हफ्ते में ही सरकार ऐसे युवाओं को तीन हजार परमिट देने की घोषणा कर सकती है। राज्यपाल के अभिभाषण में इसकी घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा और भी कई बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है।

इस वर्ष अतिरिक्त कर्ज नहीं लेगी सरकार

सरकार कई अहम कार्यों अंजाम देने की तैयारी में है। बड़ी घोषणाओं के लिए वित्तीय इंतजाम कुल घरेलू सकल उत्पाद के दो फीसद अतिरिक्त कर्ज के जरिए किया जाएगा। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने नए साल में प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि सरकार चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त कर्ज नहीं लेगी, हम अगले साल यह राशि लेंगे।

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