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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

बठिंडा नगर निगम चुनावों में पूर्व मेयर बलवंत राय का जलवा रहा बरकरार, अकाली दल की झोली में डाली 7 में से 3 सीटे


बठिंडा:
नगर निगम के चुनाव में बेशक कांग्रेस ने 43 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है और 53 साल से शिरोमणि अकाली दल के गढ़ के तौर पर जाने जाते इस शहर में अकालियों की भी बुरी हालत करके रख दी है। अकाली दल के दिग्गज नेताओं के पास भी अपनी इतनी बड़ी हार और कांग्रेस की जबरदस्त जीत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है। इस बीच ही नगर निगम के पूर्व मेयर व शिअद नेता बलवंत राय नाथ के अपने वार्ड और आसपास के इलाके में कराए गए विकास कार्यों के चलते उनका दबदबा पूरी तरह से कायम रहा है।

50 सदस्यीय नगर निगम में इस बार शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी केवल सात सीटें ही जीत सके हैं, जबकि अन्य सभी 43 सीटों पर कांग्रेस ने अपना परचम लहरा दिया है। लेकिन शिअद की ओर से जो सात सीटें जीती गई हैं, उनमें तीन वार्डों की सीटें पूर्व मेयर बलवंत राय नाथ के पुराने वार्ड नंबर 33 का ही हिस्सा हैं। इस बार स्थानीय निकाय विभाग की ओर से नगर निगम चुनाव के लिए नई हदबंदी की गई है। इस नई हदबंदी में लगभग तमाम वार्डों की तस्वीर ही बदलकर रख दी गई है। नाथ के पुराने वार्ड को तीन वार्डों में बांटा

नई हदबंदी में पुराने वार्ड नंबर 33 को तीन वार्डों में बांट दिया गया है, जिसमें वार्ड नंबर 19, 20 और 22 बनाए दिए गए हैं। नई वार्डबंदी के अनुसार पूर्व मेयर का निवास अब वार्ड नंबर 22 के अधीन आता है। चुनाव परिणाम जब घोषित हुए तो इन तीनों सीटों से ही शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी विजेता घोषित करार दिए गए। वार्ड नंबर 19 से शीला रानी ने कांग्रेस की परविदर कौर को 360 वोटर के अंतर से पराजित किया। इसी तरह वार्ड नंबर 20 से मक्खन सिंह ने कांग्रेस के प्रत्याशी हरमनदीप सिंह को 13 मतों के साथ व वार्ड नंबर 22 से सुरेश चौहान ने कांग्रेस प्रत्याशी नवीन वाल्मीकि को 201 वोटों के अंतर के साथ हराकर शिरोमणि अकाली दल का परचम लहराया है। अपने कार्यकाल में विकास पर विशेष जोर दिया

अपने पुराने वार्ड से संबंधित इन तीनों ही वार्डों में शिअद के विजय होने पर पूर्व मेयर बलवंत राय नाथ बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान स्लम एरिया में शामिल इन इलाकों के विकास पर विशेष जोर दिया गया था। इस इलाके के लोग पहले नरक जैसे इलाके में जिदगी व्यतीत कर रहे थे। यह नतीजे किए गए काम की बदौलत है।

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