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मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

पंजाब के मंत्री का तुगलकी फरमान:सिद्धू बोले- 'कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे और उसके बाद बीमार होने पर छुट्‌टी लेंगे तो तनख्वाह काटी जाएगी'; कर्मचारियों ने कहा- माफी मांगें


मोगा।
पंजाब की सेहत मुलाजिम संघर्ष कमेटी राज्य सरकार के उनके प्रति अनदेखी के रवैये को लेकर रोष में हैं। वर्कर्स ने सीधे तौर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू पर निशाना साधा जिनका हाल ही में एक बयान आया है जिसके मुताबिक जो हेल्थ वर्कर्स कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे और उसके बाद यदि बीमार होने पर छुट्‌टी लेंगे तो उनकी तनख्वाह में से पैसे काट लिए जाएंगे। इसके अलावा अन्य मुद्दों को लेकर भी ये वर्कर्स गुस्से में हैं और अपनी अन्य मांगों को लेकर पूरे पंजाब में लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

मंगलवार काे भी पंजाब भर से आए मल्टीपल हेल्थ वर्कर्स ने सेक्टर 34 स्थित परिवार कल्याण भवन में धरना दिया और डायरेक्टर सेहत और परिवार भलाई पंजाब का घेराव किया और राज्य सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वर्कर्स का कहना था कि सिद्धू को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उनकी मांगों को जल्द पूरा न किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज कर देंगे। कमेटी की मुख्य मांगों में पिछले 10-15 साल से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना,2163 नवनियुक्त मल्टीपर्पज वर्कर्स के प्रोबेशन पीरियड की शर्त को खत्म करना,कोविड-19 के दौरान दी सेवाओं के लिए स्पेशल इंसेंटिव देना आदि शामिल है।

मोगा से सेहत मुलाजिम संघर्ष कमेटी के कंवीनर कुलवीर सिंह ढिल्लों ने बताया कि अपनी इन मांगों को पूरा करवाने के लिए जब हम बठिंडा जाते हैं तो हम पर झूठे केस दर्ज करवाए जाते हैं। बोले, 21 जनवरी को इन मांगों को लेकर हमारी भूख हड़ताल शुरू हुई थी जो आज अपने 34वें दिन पहुंच गई है। सरकार और उसके मंत्री हमें गीदड़ धमकियां दे रहे हैं कि हमने कोरोना का टीका नहीं लगवाया तो न मेडीकल क्लेम और मेडीकल छुट्‌टी नहीं मिलेगी।


ढिल्लो ने कहा कि हम किसी से भीख नहीं मांगते, ये हमारे संघर्षों की प्राप्तियां हैं। पर स्वास्थय मंत्री ने जो तुगलगी फरमान सुनाया है उसकी हम निंदा करते हैं। साथ ही ये भी कहते हैं कि जब तक स्वास्थय मंत्री अपने बयान के लिए माफी नहीं मागते तब तक न उन्हें और न ही उनसे संबंधित लोगों को पंजाब में कहीं भी घुसने नहीं देंगे और घुस भी गए तो उन्हें निकलने नहीं देंगे। संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक अपनी एक-एक मांग पूरी न करवा लें।

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