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मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

Punjab /सर्वदलीय बैठक में अमरिंदर ने कहा- कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में दोबारा बिल लाएगी पंजाब सरकार


सर्वदलीय बैठक में अमरिंदर ने कहा- कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में दोबारा बिल लाएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़। All Party Meeting in punjab पंजाब में केंद्रीय कृषि कानूनों पर सर्व दलीय बैठक में मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्‍य विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ दोबारा बिल लाया जाएगा। यह बिल संशोधित रूप में होगा।केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर पंजाब के सर्वदलीय बैठक में मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने बड़ी घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि उनकी सरकार iपंजाब विधानसभा में तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक बार फिर से संशोधित विधेयक (Bill) लाएगी। राज्यपाल ने विधानसभा में पहले पारित विधेयकों को राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा है। बैठक में कैप्‍टन अमरिंदर ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन दिल्‍ली में हुई हिंसा के बाद पंजाब के 89 लोग लापता थे। इनमें से 84 लाेगों का पता लग गया है।

कैप्‍टन बोले- गणतंत्र दिवस के दिन हिंसा के बाद दिल्‍ली से पंजाब क‍े लापता 89 लोगों में 84 का पता चला

उन्होंने कहा कि हम यह बिल फिर से लाने जा रहे हैं क्योंकि संविधान में प्रावधान है कि यदि विधानसभा दो बार बिल को पास कर देती है तो राज्यपाल को इसे राष्ट्रपति को भेजना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास संविधान की धारा 254 दो में यह पावर है कि वह केंद्रीय कानूनों में अपनी जरूरत के अनुसार संशोधन कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ने पंजाब के नेताओं से मिलने से इस बात पर इन्‍कार कर दिया था कि पंजाब विधानसभा द्वारा पारित बिल उनके पास अभी नहीं आए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक पार्टियों को इस बात से अवगत करवाया की वह राष्ट्रपति से एक बार फिर से समय मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के दिल्‍ली में आंदोलन को लेकर वह केंद्रीय गृह मंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं।

बैठक में मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने बताया अब तक दिल्‍ली में गणतंत्र दिवस के दिन हुई घटना के बाद से पंजाब के 89 लाेगाें के लापता हाेने की रिपोर्ट थी। इनमें से 70 लाेग दिल्‍ली की जेलों में हैं और 14 लोग अन्‍य स्‍थानों पर मिले हैं, लेकिन पंजाब के पांच लोग अब भी लापता हैं। उनका पता लगाने की को‍शिश की जा रही है।

दिल्ली में हुई हिंसा को प्रायोजित बताते हुए सर्वदलीय बैठक में फैसला किया कि इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की जाएगी। इसके अलावा किसान संगठनों के अन्य मामलों को भी उनके समक्ष उठाया जाएगा। सभी दलों ने दिल्‍ली में किसानों की ट्रैक्‍टर परेड के दौरान हुई घटनाओं के मामले में न्यायिक जांच की भी मांग की। नेताओं ने कहा कि हिंसा के लिए जो भी लोग  दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस बैठक का भारतीय जनता पार्टी ने बहिष्कार किया था।

आप ने दिल्‍ली में किसानों की सुरक्षा में पंजाब पुलिस की तैनाती की मांग की

बैठक में आम आदमी पार्टी ने पंजाब पुलिस को दिल्ली में सुरक्षा के लिए लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा  हम राज्यों को अधिक अधिकार देने की मांग करते हुए फेडरल सिस्टम लागू करने को कह रहे हैं। ऐसे में वह कैसे अपनी पुलिस फोर्स को दूसरे राज्य में भेज सकते हैं । उन्होंने कहा कि कल को हिमाचल प्रदेश या हरियाणा सरकार भी अपनी पुलिस को पंजाब में भेज सकती है, तब  क्या करेंगे।

उन्होंने आप के नेताओं से कहा कि वह दिल्‍ली में अपनी पार्टी मुख्यमंत्री के जरिये केंद्रीय गृहमंत्री से वहां सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग कर सकते हैं लेकिन हम वहां अपने पुलिसकर्मी नहीं लगा सकते। इससे नाराज होकर आप के नेताओं ने बैठक से वाकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन को ऐतिहासिक और लासानी बताते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व इसे खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। लाल किले की उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों से बचने की जरूरत है। सर्वदलीय बैठक में एक प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार से कहा कि किसानों ,खेतिहर मजदूरों और पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए गए केसों को तुरंत वापस लिया जाए और जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन सभी को छोड़ा जाए। इसके अलावा 100 से ज्यादा लापता युवाओं का भी तुरंत पता लगाए जाने की मांग की गई। एक अन्य प्रस्ताव पास करके सर्वदलीय बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी मान्यता देने की भी मांग की गई। यह भी कहा गया कि भारत सरकार एफडीआई के जरिए खाद्यान्नों की खरीद को सुनिश्चित बनाएं।

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