HOME PAGE

HOME PAGE

सोमवार, 8 मार्च 2021

बठिंडा जिले में कोरोना पोजटिव मरीजों की बढ़ने लगी तादाद, 20 नए पोजटिव केस आए सामने, ज्ञानी जैल सिंह इंजीनियरिंग कालेज में दो युवक मिले कोरोना पोजटिव


-वही जिले में अब तक शिक्षा संस्थानों में मिल चुके हैं 52 से अधिक केस

बठिंडा. लोगों की कोरोना वायरस के प्रति लापरवाही अब भारी पड़ने लगी है। सार्वजनिक स्थानों में जहां सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है वही लोग बिना मास्क के सरेआम घूम रहे हैं। इसी लापरवाही का नतीजा है कि कोरोना के जहां पहले पोजटिव केस कम हो रहे थे वही अब पिछले एक सप्ताह से बढ़ने शुरू हो गए है। सोमवार को फरीदकोट मेडिकल कालेज के कोविड सेंटर से मिली रिपोर्ट में 20 नए कोरोना पोजटिव केसों की पुष्टी हुई है। इसमें चिंताजनक बात यह है कि जिले में शिक्षा संस्थानों में पोजटिव केस लगातार आ रहे हैं। सोमवार को ज्ञानी जैल सिंह इंजीनियरिंग कालेज में दो मामले सामने आए इसमें एक 21 साल का छात्र है व दूसरा 16 साल का युवक है। वही जिले में गणेशा बस्ती में एक, अजीत रोड में दो, रंजीत सिंह कालोनी में एक, भट्टी रोड में एक, उषा मिशन अस्पताल में एक, भोला काटन वाली गली में दो, न्यू भारत नगर में एक, रामबाग रोड गली नंबर तीन में एक, अग्रवाल कालोनी में एक, आर्मी क्षेत्र में एक, ग्रीन एवन्यू में एक, बाबा फरीद नगर में दो, अंगद नगर में एक, एयरफोर्स स्टेशन में एकव रामा मंडी में एक व्यक्ति कोरोना पोजटिव मिला है। इसके इलावा जांच के लिए भेजे गए 48 सैंपल की रिपोर्ट नेगटिव व एक व्यक्ति की रिपोर्ट संदिग्ध मिली है। यहां बताते चले कि गत 21 दिनों में जिले के 13 से अधिक सरकारी स्कूलों, एक वेटनरी कालेज व एक प्राइवेट आईटीआई कालेज व इंजीनियरिंग कालेज समेत अब तक 52 से अधिक स्टाफ मेंबर व विद्यार्थी कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। अब तक सरकारी स्कूलों व कालेज में जितने कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, उनमें महिला स्टाफ मेंबरों की संख्या अधिक हैं।

वहीं गत दिवस 31 मरीज डिस्चार्ज किए गए। जबकि जिले में कोरोना संक्रमण से अब तक 231 मरीजों की इलाज दौरान मौत हो चुकी है। अब तक 150875 लोगों की सैंपलिंग की गई है। जिसमें 9863 पॉजिटिव मिले और 9501 स्वस्थ हुए हैं।

जिले में सोमवार तक एक्टिव मरीजों की संख्या 137 है। कोरोना की गाइडलाइन के हिसाब से जिस घर व संस्थान में कोई व्यक्ति पॉजिटिव मिलता है, उसका पूरा परिवार क्वारंटाइन होना चाहिए। सिविल सर्जन बठिंडा डा. तेजवंत सिंह ढिल्लो ने लोगों से अपील है कि लोग होम आइसोलेशन को गंभीरता से लें। वही दूसरी तरफ सेहत विभाग के लिए चिंता की बात यह है कि कई संस्थानों में सैंपल देने के बाद भी स्टाफ स्कूल आ रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्टाफ मेंबरों को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली। जबकि कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सैंपल देने के बाद कोरोना संदिग्ध को सेहत विभाग की निगरानी में होम क्वारंटाइन होना अनिवार्य है। ऐसे में कोरोना संक्रमित स्टाफ मेंबर स्कूल के विद्यार्थियों समेत परिजनों के सेहत से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें