HOME PAGE

HOME PAGE

मंगलवार, 27 अप्रैल 2021

सरकार की हिदायतों के बावजूद सीटी स्कैन के वसूले जा रहे दो हजार रुपए से अधिक, सेंटर संचालकों का दावा-कोविड पोजटिव मरीजों पर लागू होता है नियम न कि सभी मरीजों की जांच पर

बठिंडा. राज्य सरकार की तरफ से 19 नवंबर 2020 को एक पत्र जारी कर सभी प्राइवेट अस्पतालों को कोविड-19 महामारी को देखते हुए पंजाब सरकार की ओर से 19 नवम्बर 2020 को सी.टी. स्कैन सैंटरों को चैस्ट के सी.टी. स्कैन के मरीजों से मात्र 2 हजार रुपये फीस लेने के आदेश दिए थे लेकिन वर्तमान में सी.टी. स्कैन सैंटरों द्वारा इनकी पालना नहीं की जा रही हैं। हालांकि अस्पताल प्रबधकों का दावा है कि वह सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइनों का पालन कर रहे है। इसमें अगर कोई कोविड मरीज व उसके परिजन उनके पास रिपोर्ट पोजटिव देते हैं तो उसमें सरकारी हिदायतों के अनुसार ही फीस ली जा रही है। वर्तमान में उनके सेंटरों में अन्य इफेक्शन से ग्रस्त मरीज भी आते हैं जिनसे नार्म व खर्चे के अनुसार फीस लेकर बकायदा स्लिप दी जा रही है। इस संबंध में नौजवान वैल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने सोशल मीडिया में इस बाबत पोस्ट शेयर करते बताया कि पंजाब सरकार के सेहत व परिवार भलाई विभाग की ओर से कोरोना महामारी को देखते हुए नवम्बर 2020 के दौरान ही सभी सिविल सर्जनों, डिप्टी कमिश्नरों व अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र जारी करके छाती की सी.टी. स्कैनिग के 2000 रुपये निर्धारित करने व इसे यकीनी बनाने के निर्देश दिए थे।

इसमें कोविड पोजटिव होने या न होने संबंधी किसी तरह की पुष्टी बिना प्रमाणिक कोविड टेस्ट के नहीं करने के लिए भी कहा था लेकिन उक्त आदेशों को जिला प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लागू नहीं करवाया जा रहा है। अब भी लगभग सभी स्कैन सैंटरों द्वारा छाती की सी.टी. स्कैन के कम से कम 3500 रुपये तथा अधिक से अधिक 5500 रुपये लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके न केवल सरकार के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है बल्कि पहले से ही कोरोना की मार झेल रहे मरीजों व उनके परिजनों की लूट भी हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में उचित कदम उठाकर लोगों की लूट रुकवाई जा सके।


 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें