HOME PAGE

HOME PAGE

शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

बठिंडा में एसोसिएशन प्रधान डा. गुरमेल के तबादले से डाक्टरों का आंदोलन हुआ तेज, सड़कों पर निकलकर बंद रखी सभी सेहत सेवाएं


बठिंडा.
छठे वेतन आयोग की सिफारिशों और उसमें नान प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) घटाने के विरोध में सरकारी डाक्टरों का आंदोलन शुक्रवार को 12वें दिन भी जारी रहा। सेहत विभाग की तरफ से एसोसिएशन के जिला प्रधान गुरमेल सिंह की तबादला करने के विरोध में शहर भरमें डाक्टरों ने प्रदर्शन कर जहां वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर निशाना साधा वही तबादले के पीछे हो रही साजिश को बेनकाब करने की बात कही। गत दिवस डाक्टरों ने जहां वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का पुतला जलाया था वही बाद में उनके पुतले की अस्थियां उठाने की रस्म अदा की थी उसके बाद डाक्टरों व वित्त मंत्री के बीच तनातनी बढ़ गई थी। इसके बाद सेहत विभाग की तरफ से प्रधान डा. गुरमेल सिंह का तबादला कर दिया गया था व इसमें तबादले की सिफारिश वित्त मंत्री की तरफ से किए जाने की बात के बाद डाक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा व उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी देने के साथ सभी तरह की सेहत सुविधाएं बंद करने की घोषणा कर दी। इसके बाद सिविल अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले एक हजार से अधिक मरीजों व उनके परिजनों को पूरा दिन सेहत सुविधा लेने के लिए इधर उधर घूमना पड़ा।   

वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते डाक्टरों ने कहा कि राजनीतिक रंजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। गत दिवस पहली बार वित्तमंत्री के बजाय डाक्टरों का ही पुतला बनाकर उसे फंदे से लटकाकर रोष जताया कि कोरोना महामारी में अपनी जान की परवाह किए बिना काम करने वाले कोरोना योद्धाओं को वित्तमंत्री ने खुदकुशी करने के लिए मजबूर कर दिया है। एसोसिएशन के जिला प्रधान गुरमेल सिंह ने कहा कि वह चाहते थे कि कोरोना काल में काम के बदले सरकार हमें कोई आर्थिक लाभ देगी, पर यहां तो हमारी ही जेब टटोली जा रही है। वही अब रंजिशन तबादले किए जा रहे हैं जिससे डाक्टरों का आंदोलन कमजोर नहीं हेने दिया जाएगा बल्कि वह किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार है। डा. रविकांत गुप्ता, डा. उमेश गुप्ता, डा. सतीश जिदल, डा. खुशदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि सरकार के लिए बड़ी शर्म की बात है कि रा प्रदेश के समूह डाक्टर सड़कों पर उतरकर अपने हकों के लिए लड़ने को मजबूर हो रहे हैं। अगर उनकी मांग न मानी गई तो आंदोलन इससे भी तेज किया जाएगा। इस मौके पर डा. धीरज गोयल, डा. सतीश जिदल, डा. जगरूप सिंह, डा. अंजली, डा. अमित कंबोज, डा. गुरजीवन सिंह, डा. हरमीत सिंह, डा. साहिल गर्ग, डा. जोबन, डा. रूपिदर कौर, डा. पुनीत, एसएमओ डा. मनिदरपाल सिंह, डा. गुरिदर कौर, डा. विशेषभर चावला, डा. मनु गुप्ता, डा. प्रियका सिगला, डा. गगनदीप सिंह और डा सर्बजीत सिंह रंधावा आदि उपस्थित थे। 

सेहत सेवाएं ठप, मरीज हो रहे परेशान

डाक्टरों की हड़ताल के चलते सभी सरकारी अस्पतालों, सब डिवीजन अस्पतालों के अलावा अन्य सेवाओं केंद्रों पर ओपीडी समेत अन्य सेहत सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। इस कारण अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ओपीडी बंद रहने के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। साथ ही कई तरह के टेस्ट के लिए भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

फोटो - वेतन आयोग के साथ डाक्टर के तबादले का विरोध करते सरकारी डाक्टर। 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें