HOME PAGE

HOME PAGE

सोमवार, 4 अप्रैल 2022

नियोनेटल मोटेलिटी रेट कम करने में सहायोगी होगें एनआरपी प्रोग्राम, -मालवा क्षेत्र में नवजात मृत्यु दर घटाने पर करेगे काम, प्रति वर्ष 1000 पर 20-21 नवजात शिशुओं की किसी कारणवंश मृत्यु हो जाती हैं : आईएपी प्रधान डा. कपिल बांसल

 

बठिंडा (Haridutt Joshi). M-9855285033.haridutt08@gmail.com. इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और एनआरपी(आईएपी) की ओर से ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) प्रोग्राम का आगाज किया गया। जिसमें बठिंडा के विजय किड्स अस्पताल केे डा. कपिल बांसल पीडियाट्रिक-नियोनेटालोजिस्ट व प्रधान आईएपी बठिंडा ब्रांच ने भाग लिया। इस मौके प्रधान आईएपी डा. कपिल बांसल ने टीओटी की ट्रेनिंग ली और नवजात मृत्यु दर को घटाने के लिए प्रयास का आश्वासन दिया। जिसमें बताया गया कि हाल में किए गए आंकलन में सामने आया कि प्रति वर्ष 1000 पर 20-21 नवजात शिशुओं की किसी कारणवंश मृत्यु हो जाती हैं। जिसे 2030 तक कम करके 10 से कम लेकर आना है। डा. कपिल ने बताया कि इस प्रकार के टीओटी प्रोग्राम से ट्रेंड नर्सेस और स्टॉफ को इस बाबत ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान डा. कपिल ने बताया कि आईओपी की ओर से भविष्य में ऐसे में कई कार्यक्रम किए जाएगें जिसमें पीडियाट्रिक्स और स्टॉफ को अपनी सर्विसेज़ में ओर सुधार करने और नई टैक्निक को अपनाने में सहयोग मिलेगा। इन सब ट्रेनिंग से आए दिन नवजात मृत्यु दर स्वाभिक प्रभावित होगी। डा. कपिल बांसल ने बताया कि टे्रनिंग दो भागों में करवाई जाएगी। जिसमें बेसिक और एडवांस दोनो प्रोग्राम होगें। जिससे आने वाले दिनों मेंं नियोनेटल मोटेलिटी रेट कम करने में सहायता प्राप्त होगी। 

प्रोग्राम के अंत में एनआरपी आयोजकों  डॉ विकास सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर एनआरपी, डॉ सोमशेखर  सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर एनआरपी और अन्य सहायक डॉ संजीव, पायल और सारिका और सभी संकाय सदस्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बखूबी सेवा निभाई। डॉ. कपिल बांसल (विजय किड्स हॉस्पिटल, बठिंडा) ने कहा कि एनआरपी के क्षेत्र में मालवा क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करने का आश्वासन दिलाया। 




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें