नेशनल जरनल सेक्रेटरी डॉ. सुरिंदर पांडेय, नेशनल सेक्रेटरी डॉ. कैप्टन एमपीएस पुज्जी नई दिल्ली, नेशनल ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. रणधीर शर्मा, नेशनल कोषाध्यक्ष डॉ. बापूजी पाटिल, नेशनल मीडिया कोआर्डिनेटर डॉ. ऋतेश श्रीवास्तव, नेशनल वाइजर्स डॉ. आर पी शर्मा, डॉ. एस आर पंडित, डॉ. सुशांत पाधी, फाउंडर मेंबर डॉ. के के शर्मा, डॉ. एम एस हुसैन, डॉ. सुजा खान, डॉ. शशिकांत पाटील, नेशनल स्पोक्सपर्सन डॉ. अचला मोगरा, राजस्थान और डॉ. दविंदर अरोड़ा नेशनल एग्जीयूकेट मेंबर के तौर पर चुना गया है। नेशनल प्रेजिडेंट डॉ. पीएस पांडेय, महाराष्ट्र ने ईएचएफ की राष्ट्रीय टीम के सभी साथियों को उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा कि उन्हें पूरा श्वास है कि सभी साथी इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रचार प्रसार के लिए काम करेंगे। इसके अलावा ईएचएफ की ओर से सभी स्टेट में प्रदेश प्रधानों की नियुक्तियां जल्द फाइनल कर दी जाएंगी। उक्त नियुक्ति पर देश भर के इलैक्ट्रोहोम्योपैथी डाक्टरों ने पदाधिाकारियों को बधाई दी।
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सोमवार, 4 अप्रैल 2022
E.H.F. के सर्वसम्मति से हुए चुनावों में नेशनल प्रेजिडेंट के पद पर डॉ. पीएस पांडेय (महाराष्ट्र) को चुना गया, नेशनल वाईस प्रेजिडेंट के तौर पर पंजाब से डॉ. प्रो. हरविंदर सिंह और नेशनल जरनल सेक्रेटरी के तौर पर डॉ. सुरिंदर पांडेय का चयन
नियोनेटल मोटेलिटी रेट कम करने में सहायोगी होगें एनआरपी प्रोग्राम, -मालवा क्षेत्र में नवजात मृत्यु दर घटाने पर करेगे काम, प्रति वर्ष 1000 पर 20-21 नवजात शिशुओं की किसी कारणवंश मृत्यु हो जाती हैं : आईएपी प्रधान डा. कपिल बांसल

बठिंडा (Haridutt Joshi). M-9855285033.haridutt08@gmail.com. इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और एनआरपी(आईएपी) की ओर से ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) प्रोग्राम का आगाज किया गया। जिसमें बठिंडा के विजय किड्स अस्पताल केे डा. कपिल बांसल पीडियाट्रिक-नियोनेटालोजिस्ट व प्रधान आईएपी बठिंडा ब्रांच ने भाग लिया। इस मौके प्रधान आईएपी डा. कपिल बांसल ने टीओटी की ट्रेनिंग ली और नवजात मृत्यु दर को घटाने के लिए प्रयास का आश्वासन दिया। जिसमें बताया गया कि हाल में किए गए आंकलन में सामने आया कि प्रति वर्ष 1000 पर 20-21 नवजात शिशुओं की किसी कारणवंश मृत्यु हो जाती हैं। जिसे 2030 तक कम करके 10 से कम लेकर आना है। डा. कपिल ने बताया कि इस प्रकार के टीओटी प्रोग्राम से ट्रेंड नर्सेस और स्टॉफ को इस बाबत ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान डा. कपिल ने बताया कि आईओपी की ओर से भविष्य में ऐसे में कई कार्यक्रम किए जाएगें जिसमें पीडियाट्रिक्स और स्टॉफ को अपनी सर्विसेज़ में ओर सुधार करने और नई टैक्निक को अपनाने में सहयोग मिलेगा। इन सब ट्रेनिंग से आए दिन नवजात मृत्यु दर स्वाभिक प्रभावित होगी। डा. कपिल बांसल ने बताया कि टे्रनिंग दो भागों में करवाई जाएगी। जिसमें बेसिक और एडवांस दोनो प्रोग्राम होगें। जिससे आने वाले दिनों मेंं नियोनेटल मोटेलिटी रेट कम करने में सहायता प्राप्त होगी।
प्रोग्राम के अंत में एनआरपी आयोजकों डॉ विकास सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर एनआरपी, डॉ सोमशेखर सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर एनआरपी और अन्य सहायक डॉ संजीव, पायल और सारिका और सभी संकाय सदस्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बखूबी सेवा निभाई। डॉ. कपिल बांसल (विजय किड्स हॉस्पिटल, बठिंडा) ने कहा कि एनआरपी के क्षेत्र में मालवा क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करने का आश्वासन दिलाया।


