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बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

सिविल अस्पताल बठिंडा में ओपीडी की पर्ची कटवाने वाले सभी मरीजों का लिखा जा रहा है एक ही मोबाइल नंबर-9000000000


बठिडा :
सिविल अस्पताल की ओपीडी में अपना इलाज करवाने के लिए आने वाले सभी मरीजों का एक ही मोबाइल नंबर 9000000000 दिया जाता है। सुनने में यह अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है।

ओपीडी सेक्शन के कंप्यूटर आपरेटरों की तरफ मरीजों की बनाई जा रही कंप्यूटराइज पर्ची पर मरीज का पूरा पता या सही मोबाइल नंबर लिखने की बजाए एक ही फोन नंबर 9000000000 दर्ज किया जा रहा है। पर्ची काटने के लिए बैठे कंप्यूटर आप्रेटर मरीज से केवल उनका नाम और उम्र पूछते हैं। इसके अलावा न तो उनका फोन नंबर पूछा जाता है और नहीं उनका पूरा पता। इसके चलते आधी अधूरी पर्ची बनाकर खानापूर्ति की जा रही है।

करीब एक साल पहले सेहत विभाग ने प्राइवेट अस्पताल की तर्ज पर सिविल अस्पताल को भी डिजिटल करने की शुरुआत की थी। इसमें अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को कंप्यूटर आधारित ओपीडी स्लिप बनाने का काम शुरू किया गया था। इसका मकसद था कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के नाम, नंबर और घर का पता एक बार कंप्यूटर पर अपलोड कर उसका रिकार्ड रखा जा सके, लेकिन इस नए सिस्टम का कोई फायदा असल में हो नहीं रहा है। सिविल अस्पताल में मोबाइल नंबर और एड्रेस पूरा न भरना पड़े। इसके लिए कंप्यूटर आप्ररेटरों द्वारा अपनी मर्जी से ही मोबाइल व फोन नंबर भर दिए जाते हैं। यहां तक कि स्पेलिग की गलती के साथ ही एड्रेस भी अधूरे ही रहते हैं। अब तो सभी मरीजों का एक ही नंबर भरा जा रहा है।

पहले रजिस्टर में लिखे जाते थे नाम

पहले रजिस्टर में सारे रिकार्ड लिखे जाते थे। इसमें कई बार जिन मरीजों ने नहीं भी दिखाया उनके भी नाम लिख दिए जाते थे या फिर कई बार नाम लिखे ही नहीं जाते थे। यूं ही स्लिप काट दी जाती थी। इसी धांधली को रोकने के लिए आनलाइन ओपीडी स्लिप का प्रयास शुरू किया गया, लेकिन उसमें भी अधूरी जानकारी दी जाती है। 

हेल्प के लिए कोई उपलब्ध नहीं

सिविल अस्पताल में अच्छी पहल शुरु करते हुए मरीजों को अस्पताल संबंधी हर तरह की जानकारी देने के लिए 'मे आई हेल्प यू' कार्नर खोला गया। इसमें कई तरह की अनाउंसमेंट भी करवाई जानी हैं, फ्लू कार्नर, नोवल कोरोना वायरस से बचाव के बारे में भी बताया गया। फ्लू कार्नर में दो माह पहले कुछ दिन अनाउंसमेंट द्वारा कोविड मरीजों का नाम पुकारा गया, लेकिन अचानक बंद हो गया। इन दिनों अस्पताल में किसी भी जगह हेल्प के लिए एक भी कर्मचारी दिखाई नहीं दे रहा। ओपीडी में हेल्प डेस्क पर कोई भी उपलब्ध नहीं रहता। 

रिकार्ड मेंटेन होना जरूरी, दी जाएगी सख्त हिदायत : एसएमओ

सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. मनिदर पाल सिंह ने कहा कि रिकार्ड मेंटेन होना जरूरी है। अगर स्टाफ द्वारा इस तरह से किया जा रहा है तो उनको सख्त हिदायत दी जाएगी कि मरीजों से जुड़ी सारी जानकारी सही तरीके से अपलोड करें। ताकि बाद में मरीजों को समस्या का सामना न करना पड़े। हेल्प डेस्क के कॉर्नर का मकसद ही मरीजों की मदद करना है। बाकायदा रोस्टर भी बनाए हैं। अगर किसी समय में मौके पर कोई मौजूद नहीं था तो उन्हें भी सख्त हिदायत दी जाएगी कि अपनी चेयर को छोड़ कर न जाएं। ताकि लोगों को परेशानी न हो।

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