Friday, December 25, 2020

जिंदगी से हारा शख्स: लुधियाना में दुकानदार ने जहर खाकर की आत्महत्या; सुसाइड नोट में लिया फाइनेंसरों का नाम, 5 पर केस दर्ज



पंजाब के लुधियाना में एक दुकानदार ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। उसने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जो पुलिस को मिला है। सुसाइड नोट में मृतक ने फाइनेंसरों द्वारा ठगी किए जाने की बात की लिखी है। इस आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

SHO सुखदेव सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान गांव रणियां निवासी कुलदीप सिंह (43) के रूप में हुई। उसकी पत्नी सरबजीत कौर की शिकायत पर केस दर्ज किया। आरोपियों में शिमला पुरी के गुरु गोबिंद सिंह नगर निवासी नरिंदर कौर, पालम विहार निवासी हरजीत सिंह, रमेश कुमार, औलख फाइनेंस का मालिक लाडी औलख तथा उनके अज्ञात साथी शामिल हैं।

पुलिस को दी शिकायत में सरबजीत कौर ने बताया कि उसके पति की गिल गांव में फुटवियर की दो दुकानें हैं। दुकान के साथ ही उनका एक प्लॉट भी है। आरोपियों का उनके साथ अच्छा मेल था। इसका फायदा उठाकर उस प्लॉट के नाम पर दो लाख का लोन दिया, लेकिन हस्ताक्षर 6 लाख के लोन पर करवा लिए। अब वे पैसे लौटाने के लिए कुलदीप पर दबाव बना रहे थे।

सरबजीत ने बताया कि कुलदीप मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। इसलिए उन्होंने जहर खाकर सुसाइड कर ली। लोगों ने उनका शव पड़ा देखकर पुलिस को और परिजनों को सूचित किया। SHO सुखदेव सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के दे दिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापा मारा जा रहा है। मृतक अपने पीछे पत्नी और 17 साल का बेटा लवप्रीत सिंह छोड़ गया है।

Bathinda-संदिग्ध परिस्थितियों में 11 माह के बच्चे की मौत, बच्चे की मां ने लगाया आरोप बेटे की गई हत्या, पुलिस कर रही मामले की जांच



बठिंडा. शहर में शुक्रवार को 11 माह के एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक बच्चे की मां का आरोप है कि उसके बेटे की हत्या की गई। महिला का आरोप है कि वह आरकेस्ट्रा ग्रुप में काम करती है, जबकि उसका पति किसी मामले में जेल बंद है, इसलिए जब भी वह प्रोग्राम में जाती थी, तो वह अपने बेटे को पड़ोस में रहते लोगों के पास छोड़कर जाती थी। गत बुधवार को भी वह अपने बच्चे को छोड़कर गई थी, लेकिन जब वह वीरवार को वापस आई, तो देखा कि उसके बच्चे की मौत हो चुकी है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस को शिकायत देकर नेहा शर्मा पत्नी संदीप शर्मा निवासी गुरु नानक पुरा मोहल्ला ने बताया कि गत बुधवार को उसका सभ्याचारक प्रोग्राम होने के कारण वह अपने 11 माह के बेटे खुशदीप शर्मा को पड़ोस में रहते दंपति के पास छोड़कर गई थी। वीरवार जब वह सुबह वापस आई, तो उसका बेटा पड़ोसियों के घर में झूले में बुसेध हालत में पड़ा हुआ था, जबकि उसका शरीर पर जख्म व जलने के निशाने थे। जिसके बाद उसने बच्चे को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पर डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। बच्चे की मां नेहा ने आरोप लगाया कि उसके बेटे की हत्या उसके पड़ोसियों ने ही की है। मामले के जांच अधिकार एएसआइ अमृतपाल सिंह ने अस्पताल पहुंच पीड़ित महिला के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

 


Bathinda Crime-पशु व्यापारी बताकर ली 26 भैंसे पर बनती 26.65 लाख की राशि दिए बिना ही हुए फरार



बठिंडा. भैस के व्यापारी से जालसाजों ने 26 भैस खरीद पैसे बाद में देने की बात कर 26.65 लाख रुपए की ठगी मार ली। इसमें पुलिस ने साल 2019 में मारी गई ठगी के केस में दो लोगों के खिलाफ अब मामला दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के पास गांव तुंगवाली निवासी करणदीप बांसल ने दी शिकायत में बताया कि वह कई सालों से भैंसों का व्यापार करता है। वह अपने गांव के नजदीकी गांवों व पशु मंडियों में भैंस खरीदता है और उन्हें आगे व्यापारी व डेयरी का काम करने वाले लोगों को बेचता है। वह कई बार भैंस नकद खरीदता था, तो कई बार उधार भी खरीदता था। जनवरी 2019 में आरोपित राजेश मलिक व वरिंदर सिंह उसके पास भैंस लेने के लिए आएं। वह पहले भी आसपास की मंडियों से पशु खरीद करने के लिए आते-जाते थे, जिसके चलते उसकी आरोपितों से जान पहचान होगी। 5 अगस्त 2019 को दोनों आरोपित उसके पास आएं और कहने लगे कि वह उन्हें भैंस दे और वह उसकी रकम बाद में दे देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उसके साथ लंबे समय से व्यापार करते आ रहे है, इसलिए वह उसके पैसे जल्द दे देगा। इस भरोसे के आधार पर उसने आरोपितों को कुल 26 भैंस बेची, जिसमें 12 भैंस उसने मंडी से खरीदकर दी, तो 14 भैंस उसने अलग-अलग व्यापारियों से खरीदकर आरोपितों को दी। जिनकी रकम 26.65 लाख रुपये बनती थी। भैंस लेने के बाद आरोपितों ने भरोसा दिया कि वह एक सप्ताह के बाद दोबारा उसके पास आएंगे और उसकी पूरी रकम उसे देकर चले जाएंगे। एक सप्ताह का समय बीतने के बाद जब उसने पैसे के लिए आरोपित वरिंदर कुमार से बातचीत हुई, तो उसने कहा कह वह उसके घर आकर उसके भाई दिलावर सिंह से पैसे लेकर चला जाएं। जब वह पैसे लेने के लिए आरोपित वरिंदर सिंह के घर पहुंचा और वहां पर उसका भाई दिलावर सिंह उसे मिला और उसने अपने पैसे मांगे, तो उसने देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद वह आराेपित राजेश मलिक के घर पहुंचा, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछताछ की, तो उसे पता चला कि उक्त लोग पहले भी कई लोगों से ठगी कर चुके है। उक्त लोगों ने एक सोची समझी साजिश के तहत उसके साथ 26.65 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति द्वारा दी गई लिखित शिकायत की जांच पड़ताल करने के बाद आरोपित राजेश मलिक, राकेश मालिक, वरिंदर सिंह व दिलावर सिंह निवासी सोनीपत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 


उधारी चुकाने के लिए दिए चैक के बाउंस होने पर जालसाजी का केस दर्ज  

बठिंडा. जिले में एक व्यक्ति ने उधार पैसे की वापसी के लिए दिए चैक के आधार पर ठगी मारी। पुलिस को शिकायत देकर भुच्चो मंडी निवासी अमर सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ मिलकर फाइनेंस का काम करता है। आरोपित जसवीर सिंह निवासी गली नंबर 9 प्रताप नगर बठिंडा ने अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे कुछ पैसे ब्याज पर लिए थे। आरोपित ने पैसे तय समय पर नहीं देने के कारण उसने 18 जून 2020 को उसे 2.74 लाख रुपये का एक चेक उसे दे दिया। जब उसने उक्त चेक कैश करवाने के लिए बैंक में लगाया, तो वह बाउंस हो गया। जिसके बाद उसने आरोपित जसवीर सिंह के साथ संपर्क किया, तो वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद जब उन्होंने उक्त चेक संबंधी बैंक अधिकारियों से पूछताछ की, तो उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया।। पीड़ित ने बताया कि आरोपित ने जाली चेक बनाकर उसे दे दिया और उसके साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर आरोपित जसवीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ल कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।


Bathinda-किसी दूसरे की गाड़ियों को गरंटी के तौर पर रखकर उधार लिए सात लाख, दर्ज किया जालसाजी का केस 


बठिंडा. थाना सिविल लाइन पुलिस को शिकायत देकर जुझार सिंह नगर निवासी बलजीत सिंह ने बताया कि वह फाइनेंस का काम करता है। साल 2019 में आरोपित अमित यादव निवासी सदर बाजार बठिंडा ने उसे अपनी जरूरत के लिए सात लाख रुपये उधार लिए थे। जिसकी गांरटी के तौर पर आरोपित ने अपनी चार गाड़ियां पीबी-11एक्यू-8261, पीबी-03एडब्लू-4952, यूपी-14ईटी-1523 व डीएल-1 जैड-5747 बतौर सिक्योरिटी उसके पास गिरीव रखी और उसके साथ अस्टाम पेपर पर लिखित में उसे सात लाख रुपये लेकर चला गया। लेकिन आरोपित ने तय समय पर उसके पैसे वापस नहीं किए। उसने कई बार आरोपित को संपर्क करने की कोशिश की और उसके पैसे वापस करने के लिए बोला, लेकिन वह टाल मटोल करता रहा। जब उसने आरोपित द्वारा उसके पास रखी गई गाड़ियों की जांच करवाई, तो पता चला कि उक्त गाड़ियां भी उसके नाम पर नहीं है। आरोपित ने एक सोची समझी साजिश के तहत उसके साथ सात लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने आरोपित अमित यादव पर केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। 

महिला से फोन झपटकर फरार होने वाले दो आरोपी नामजद एक गिरफ्तार

बठिडा. नई बस्ती से गणेशा बस्ती बठिंडा की तरफ जा रही एक महिला से फोन झपटकर भागने वाले दो युवकों पर पुलिस के केस दर्ज कर लिया है। उक्त युवकों में एक को पकड़कर लोगों मारपीट की थी व एक व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया था जबकि दूसरा भागने में सफल रहा था। सतिंदर कौर वासी बैकसाइड बस स्टेंड बठिंडा ने सिविल लाइन पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई कि वह अपने भाई नरिंदर सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर गणेशा बस्ती की तरफ जा रहे थे तो पीछे से अमरनाथ वासी शेरगढ़ बठिंडा अपने एक अन्य साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया व उसके हाथ में पकड़े फोन पर झपटा मारकर फरार होने लगा। इस दौरान झपटमारों में से एक युवक आगे एक कार से जा टकराया और गिर गया। उसे लोगों ने पकड़ लिया। इसके बाद पकड़े गए झपटमार के हाथ बांधकर उसकी डंडे से जमकर पिटाई की गई, जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए झपटमार को अपनी हिरासत में लेकर उसे पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फरार उसे दूसरे साथी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। बताया जा रहा है कि युवक नशा करने के लिए झपटमार की वारदातों को अंजाम देते थे। अब तक उन्होंने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है, इसका पता पुलिस पूछताछ के बाद ही चलेगा। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए झपटमार युवक से पूछताछ की जा रही है। 


लापरवाही से वाहन चलाकर दो लोगों की मौत के लिए जिम्मेवार दो लोगों पर केस

बठिंडा. सड़क हादसों में लापरवाह वाहन चालकों की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई। इसमें पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थर्मल पुलिस के पास रजिंदर सिंह वासी गुरुसर जिला फरीदकोट ने शिकायत दी कि गत दिवस उसका भाई सुखमंदर सिंह उम्र 47 साल अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर राधा स्वामी डेरा नजदीक गोनियाना रोड पर जा रहा था कि इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन चालक ने उसे टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया इसमें कुछ समय बाद सुखमंदर सिंह की मौत हो गई। वही वाहन चालक मौके से फरार हो गया। इसमें पुलिस मे आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकालकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। सदर बठिंडा पुलिस के पास चमकौर सिंह वासी नाथपुरा जिला बठिंडा ने शिकायत दी कि गत दिवस मोदन सिंह व बलजीत सिंह वासी नाथपुरा अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी जरूरी काम से जा रहे थे कि बाबा फरीद कालेज दियोण के नजदीक एक अज्ञात पीकअप वाहन चालक ने उन्हें टक्कर मार दी इसमें बलजीत सिंह उम्र 53 साल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा मोदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में सदर बठिंडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी की जानकारी नहीं लग सकी है। 

पैसों के लेनदेन में दुकान में घुसकर 8 लोगों ने की तोड़फोड़, केस दर्ज 

बठिंडा. पैसे के लेनदेन को लेकर दियालपुरा पुलिस के अधीन पड़ते भगता भाईका में 8 लोगों ने एक दुकान में दाखिल होकर जहां तोड़फोड़ की वही मालिक के साथ मारपीट की। दियालपुरा पुलिस के पास कृष्ण कुमार वासी भगताभाई का ने शिकायत दी कि उसका ऐंडी उर्फ मक्खन, सोनू व मनदीप सिंह वासी भगता भाईका के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में उक्त तीन लोगों ने पांच अन्य साथियों को साथ लेकर उसकी दुकान में धावा बोल दिया व वहां रखे साजों सामान के साथ तोड़फोड़ करने के साथ उसके साथ मारपीट की। उसके शोर मचाने व आसपास के दुकानदारों के इकट्ठा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में 8 लोगों पर केस दर्ज कर लिया है लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।  

लाहन व भुक्की की तस्करी करने वाले चार लोगों को किया पुलिस ने नामजद, तीन गिरफ्तार 

बठिंडा. नशा तस्करी के चार मामलों में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फूल पुलिस के सहायक थानेदार जसविंदर सिंह ने बताया कि विक्कर सिंह वासी गांव राइया से 40 लीटर लाहन बरामद की गई। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया है। फूल पुलिस के सहायक थानेदार सुरजीत सिंह ने बताया कि कर्म सिंह वासी बुर्जगिल के यहां छापामारी के दौरान 40 लीटर लाहन मिली है जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। संगत पुलिस के सहायक थानेदार गुरमेल सिंह ने बताया कि गुरलाब सिंह वासी धुन्निके को मोटरसाइकिल पर सवार होकर जस्सी बागवाली के पास सात किलोग्राम भुक्की सहित गिरफ्तार किया गया है। संगत पुलिस के एसआई बलतेज सिंह ने बताया कि बलदेव सिंह वासी जैय सिंह वाला को गांव से 100 किलो लाहन सहित गिरफ्तार किया गया है। 


महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित कर साजों सामान हड़पने वाले दो लोगों पर केस 

बठिंडा. महिला थाना बठिंडा ने दहेज प्रताड़ना के दो मामलों में दो लोगों को नामजद किया है। इसमें महिलाओं ने दहेज का साजों सामान खुर्दबुर्द करने व मारपीट कर घर से निकालने के आरोप लगाए है। पहले मामले में परमजीत कौर वासी परसराम नगर बठिंडा ने शिकायत दी कि मनदीप सिंह वासी रुडीवाला तरनतारन जिला अमृतसर के साथ उसकी शादी हुई थी व शादी के बाद उसे दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करने लगा व जब उन्होंने समर्थता नहीं होने की बात कही तो माता-पिता की तरफ से शादी में दिए गहने व घरेलु सामान हड़प कर उसे घर से निकाल दिया। इसी तरह दूसरे मामले में बेअंत कौर वासी सुच जिला बठिंडा ने बताया कि उसका विवाह कुलविंदर सिंह वासी गांव महिराज पत्तीकला जिला बठिंडा से हुई थी व शादी के बाद वह उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे व पहले दिया साजों सामान भी हड़प कर लिया। महिला थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है लेकिन इसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 




बठिंडा में भाजपा के समागम में किसानों का हंगामा, लाठी-पत्थर चले व कुर्सियां तोड़ी गई

 




-पुलिस के सामने हुआ जमकर हंगामा, किसान व भाजपा वर्कर आमने-सामने, लगाया धरना
-भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की मिलीभगत से इस तरह के हंगामे करवाने का लगाया आरोप, हमलावरों पर केस दर्ज करने की मांग

बठिंडा. शहर में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आयोजित समागम में किसान संगठनों ने पहुंचकर जहां जमकर हंगामा किया वही भाजपा वर्करों के साथ हाथोंपाई कर समागम में रखी कुर्सियां तोड़ दी। यह पूरा हंगामा पुलिस फोर्स के सामने हुआ जबकि किसी भी पुलिस कर्मियों ने किसानों को रोकने की कोशिश नहीं की। भाजपा वर्करों ने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर कुछ लोग राजनीतिक संरक्षण में गुंडागर्दी पर उतर आए है। इसमें कुछ लोगों ने मिलकर जहां समागम स्थल पर बैठे लोगों पर ईट व पत्थर बरसाएं वही कुर्सी तोड़कर समागम को रुकवा दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक हित साधने के लिए कांग्रेस शहर का माहौल खराब कर रही है व गुंडागर्दी कर दूसरे दलों को दबाने की कोशिश कर रही है। इस घटना के बाद जहां किसानों ने धरना स्थल पर धरना लगाया वही इसके विरोध में भाजपा के वर्करों व नेताओं ने भी धरना लगा दिया। भाजपा के नेता प्रशासन से समागम स्थल पर हंगामा कर गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कानूनी कारर्वाई करने की मांग कर रहे थे। वही मामला गंभीर होने व हंगामा बढ़ता देख एसएसपी भुपिंदरजीत सिंह विर्क सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसमें दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश जारी है।


जानकारी अनुसार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंति पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अमरिक सिंह रोड पर उड़ाग पैलेस के सामने स्थित स्थान पर टैंट व कुर्सी लगाकर समागम का आयोजन किया जा रहा था। समागम भाजपा महिला मोर्चा की तरफ से आयोजित किया गया। इस समागम को दोपहर 12 बजे शुरू किया जाना था। प्रशासन ने किसानों की चेतावनी के मद्देनजर इलाके में पुलिस बल तैनात कर रखे थे लेकिन सी बीच सुरक्षा कर्मियों के सामने किसानों का झंडा लिए कुछ लोग समागम स्थल में पहुंचे व हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान मंच पर बैठे लोगों को नीचे उतारने के साथ वहा पड़ी कुर्सियों को उठाकर तोड़ना व इधर-उदर फैंकना शुरू कर दिया। हंगामे के बीच पुलिस पहले चुपचाप खड़ी देखती रही लेकिन जब भाजपा के वर्कर विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ खड़े हुए व सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू की तो पुलिस कर्मी किसानों को समझाने के लिए आगे आए। 


भाजपा के जिला शहरी प्रधान विनोद कुमार बिंटा ने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर सत्ताधारी दल के नेता गंदी राजनीति खेल रहे हैं। किसानों के नाम पर कुछ लोग वहां इकट्ठे हुए व आते ही उन्होंने समागम स्थल में हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने उन पर ईट व पत्थर भी फैंके व लाठियों से वर्करों पर वार करने शुरू कर दिए। गुंडागर्दी का यह खेल करीब आधा घंटा पुलिस के सामने चलता रहा जिससे स्पष्ट होता है कि सत्ताधारी कांग्रेस राज्य में दहश्त का माहौल बना रही है व शहर के व्यापारियों व आम लोगों को परेशान करने का काम कर रही है। 



उन्होंने कहा कि वह अपने घर में एक तरफ हाईकमान की तरफ से दिए प्रोग्राम को कर रहे थे व इस बात की जानकारी प्रशासन के पास भी दी गई लेकिन समागम शुरू होते ही पुलिस के सामने किसान नेता कहने वाले लोग वहां पहुंचे व उन्होंने गुंडागर्दी करना शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोकतंत्र व कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रही है। 


उनका समागम पूरी तरह से अटस बिहारी वाजपेयी जी को याद करने तक सीमित था व उन्होंने कभी किसानों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला इसके बावजूद शांतिपूर्वक चल रहे समागम में गुंडागर्दी कर हंगामा किया गया जिसे भाजपा किसी बी हालत में सहन नहीं करेगी। विनोद कुमार, आशुतोष तिवारी, संदीप अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस अगर इस तरह के दहश्त फैलाने वाले लोगों को आगे कर उन्हें डराने की कोशिश कर रही है तो वह उनकी गलत फहमी है। वह उनकी इस तरह की हरकतों से डरने वाले नहीं है व इसका डट कर विरोध किया जाएगा वही जरूरत पड़ने पर अदालत का सहारा भी लेंगे। मामले में भाजपा व किसानों ने एक दूसरे के खिलाफ आमने-सामने धरना लगा रखा है व खबर लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।

नगर निगम चुनाव से पहले बठिंडा में हुई बैठक में कई लोगों ने थामा भाजपा का दामन


 

बठिडा : नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा द्वारा सेंट्रल मंडल के वार्ड नंबर 27 मैहना चौक में मीटिग का आयोजन किया गया। युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप अग्रवाल ने बताया कि मोहल्लावासियों के साथ हुई। जहां पर पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा वार्ड नंबर 27 के कई लोगों को सिरोपा पहना कर पार्टी में शामिल किया गया।

प्रदेश सचिव सुखपाल सिंह सरां ने कहा की मौजूदा समय मे कांग्रेस सरकार हाशिये पर आ चुकी है। न ही कोई कानून व्यवस्था ठीक है और न ही बढ़ रहे अपराध पर किसी प्रकार का कंट्रोल है। पंजाब की कांग्रेस द्वारा किसी प्रकार का भी विकास पिछले 4 सालों में नहीं किया गया। विधायक मनप्रीत सिंह बादल विकास के लिए 26 वायदे करके मेनिफेस्टो जारी किया गया था, लेकिन कोई भी एक वादा अब तक पूरा नही किया गया। प्रदेश प्रवक्ता अशोक भारती ने बताया कि कांग्रेस सिर्फ विकास की बातें करती है जबकि असलियत बिल्कुल उलट है। उमेश शर्मा ने कहा कि भाजपा की और से हर वार्ड में मीटिगों का दौर जारी है व शहर के सभी वार्डों से बढ़ी संख्या में लोग भाजपा का दामन थाम रहे है। पार्टी में शामिल हुई पीएचडी की छात्रा सुरीना गोयल ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री देश के विकास के लिए पिछले 6 साल से लगातार खूब कार्य कर रहे हैं। इस बैठक में प्रदेश के सचिव सुखपाल सिंह सरां, प्रदेश प्रवक्ता अशोक भारती, युवा मोर्चा के सचिव आशुतोष तिवाड़ी व जिला महामंत्री उमेश शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए। इस मौके पर राजिदरा कालेज के पूर्व प्रोफेसर ऋषि राज, राजन शर्मा व अन्य परिवारों को सिरोपा देकर पार्टी से जोड़ा गया।


बैठक में काका गोयल, राजेश नोनी, मदन लाल गुप्ता, रविन्द्र गुप्ता, नरेश मेहता, विनोद मित्तल, रवि मौर्य, संजीव डागर, गगन गोयल, प्रतीक शर्मा, ऋषव जैन, रुपिदर सचदेवा, अनूप गर्ग, रोहित राणा, महिद्र राणा, पवन यादव आदि भी मौजूद थे।

Bathinda-मोबाइल झपटकर भाग रहा युवक कार से टकराया, लोगों पर काबू कर पीटा


 

बठिडा : शहर की नई बस्ती में दो युवक पैदल जा रही एक युवती से मोबाइल फोन झपटकर भाग रहे थे। इसी दौरान झपटमारों में से एक युवक आगे एक कार से जा टकराया और गिर गया। उसे लोगों ने पकड़ लिया। इसके बाद पकड़े गए झपटमार के हाथ बांधकर उसकी डंडे से जमकर पिटाई की गई, जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर थाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए झपटमार को अपनी हिरासत में लेकर उसे पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं फरार उसे दूसरे साथी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। बताया जा रहा है कि युवक नशा करने के लिए झपटमार की वारदातों को अंजाम देते थे। अब तक उन्होंने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है, इसका पता पुलिस पूछताछ के बाद ही चलेगा। कोतवाली पुलिस का कहना है कि पकड़े गए झपटमार युवक से पूछताछ की जा रही है। रेहड़ियों व कारों को खड़े कर शराब पीने वालों लोगों पर चला पुलिस का डंडा : शहर में आवारागर्दी करने वाले और सड़क किनारे रेहड़ियों व कारों को खड़े कर शराब पीने वालों के खिलाफ पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। इसी के तहत बुधवार की रात पुलिस ने शहर के अलग-अलग जगहों पर खुले में शराब पी रहे लोगों को हिरासत में लिया और बुलेट के पटाखे फोड़ने वालों के चालान काटकर सबक सिखाया। कोतवाली पुलिस के एसएचओ दविदर सिंह ने अपनी टीम के साथ तिकोनी के पास खुले में शराब पी रहे लोगों को हिरासत में लिया और उनको बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। एसएचओ ने कहा कि अवैध तौर पर शराब पीने वाले और आवारागर्दी करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेंगे।

Thursday, December 24, 2020

बठिंडा नगर निगम हदबंदी को लेकर कोर्ट ने मांगी वार्डवाइज मैपिंग, 4 जनवरी को होगी विस्तार से सुनवाई

 


बठिंडा. नगर निगम बठिंडा की कांग्रेस सरकार के दौरान की गई हदबंदी को लेकर हाईकोर्ट ने शहर की अधिकारिक मैपिंग देने के लिए कहा है। यह दस्तावेज तय करेंगा कि नगर निगम बठिंडा के वार्डों को तोड़कर सही बनाया या फिर राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसमें जोड़तोड़ किया गया है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में नगर निगम क्षेत्र की हदबंदी को लेकर अकाली दल की तरफ से दायर की गई याचिका पर सुनवाई चल रही है। पहले जहां अदालत ने सुनवाई के लिए तीन माह का समय डाला था वही इस मामले में अब 10 से 5 दिन के बीच में सुनवाई हो रही है। हाईकोर्ट ने पहले सात दिन का समय 15 दिसंबर को दिया था जबकि इसमें अगली सुनवाई के लिए 22 दिसंबर का समय रख दिया वही अब कोर्ट में ठंड की छुट्टियों के चलते सुनवाई 4 जनवरी को निर्धारित की गई है। खंडपीठ ने कहा कि नगर निगम बठिंडा में हदबंदी को नियमों के विपरित किया गया है तो प्रभावित पक्ष इसमें तथ्य लेकर अगली पेशी में आए जिसमें हंदबदी को दर्शाने वाले मैप के साथ वार्डबंदी की स्थिति को बताते मैपिंग को भी पेश किया जाए।

इसमें कोर्ट उठाए गए सवालों पर विचार करेगी। राज्य में सरकार की तरफ से फरवरी माह के पहले सप्ताह में चुनाव करवाने की संभावना के चलते कोर्ट इस मामले में सभी दस्तावेजों व पक्षों के बयान दर्ज कर फैसला लेना चाहता है ताकि पंजाब में दूसरे निगम व काउंसिलों के साथ बठिंडा में भी चुनाव संभव हो सके। वही दोनों पक्षों के वकीलों का तर्क है कि अगर मामले में कोर्ट को लगता है कि केस में अभी अन्य तथ्य व सबूतों की जरूरत है तो सुनवाई लंबी भी चल सकती है व इस स्थिति में नगर निगम चुनाव अन्य निगमों न काउंसिलों के साथ न करवाकर सरकार को केस की सुनवाई पूरी होने के बाद वार्डबंदी को लेकर अदालत के नए निर्देशों की पालना करते अलग से नोटिफिकेशन जारी करना पड़ेगा।

स्पष्ट नहीं है कि बठिंडा नगर निगम के चुनाव दूसरे निगमों के साथ होगे या फिर बाद में

फिलहाल अभी स्पष्ट नहीं है कि बठिंडा नगर निगम के चुनाव दूसरे निगमों के साथ होगे या फिर बाद में। अदालत में याचिका दायर करने वाले अकाली दल का कहना है कि कांग्रेस ने सत्ता का लाभ हासिल कर अपने स्तर पर वार्डों को तोड़कर नए इलाकों को जोड़ दिया है। कांग्रेस ने इस वार्डबंदी में ऐसे वार्डों की तोड़फोड़ की है जहां वह कमजोर थी व वहां अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए जनसंख्या, इलाके की स्थिति, पुलिस थाना, जातिगत समीकरण व अन्य जरुरी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। इसमें अब कई वार्ड ऐसे बना दिए हैं जहां सामान्य वर्ग की अधिकता है है पर वह पिछड़े वर्ग के लिए आरंक्षित कर दिया गया है वही बहुल दलित वर्ग वाले इलाकों को तोड़कर दूसरे वार्डों में जोड़ दिया गया। कांग्रेस ने हदबंदी के बाद वाडों कों इस तरह से डिजाइन किया है कि उसे समझना आसान नहीं है वही इससे वहां रह रहे लोगों को भी दिक्कत होगी व जनप्रतिनिधि भी लोगों के काम करवाने में परेशानी का सामना करेगे।

स्थानीय निकाय विभाग की ओर से सितंबर में शहर की नई हदबंदी जारी की गई

गौरतलब है कि नगर निगम के चुनाव के लिए स्थानीय निकाय विभाग की ओर से सितंबर में शहर की नई हदबंदी जारी की गई थी। इसको लेकर शिरोमणि अकाली दल के शहरी अध्यक्ष और पूर्व पार्षद एडवोकेट राजबिदर सिंह सिद्धू की रिव्यू पिटीशन पर मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इससे पहले इस केस पर 15 दिसंबर को सुनवाई हुई थी, जिसकी तारीख 22 दिसंबर निर्धारित कर दी गई थी। वही अब 4 जनवरी 2021 को अगली सुनवाई होगी।
इससे पहले बठिडा के इस केस के अलावा मोहाली के भी डीलिमिटेशन संबंधी केस की सुनवाई की गई। जस्टिस राज कुमार गुप्ता और जस्टिस कर्म सिंह ने सुनवाई की। अदालत की ओर से मोहाली के केस को डिसमिस कर दिया गया था। इस पर स्थानीय निकाय विभाग के सरकारी वकील ने भी बठिडा के केस डिसमिस करने की मांग की लेकिन याचिकाकर्ता राजबिदर सिंह सिद्धू के वकील केएस डबवाल ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि बठिडा का यह केस मोहाली के केस से बिलकुल अलग है। इसलिए इस पर और बहस की जरूरत है। इस पर बैंच ने इस केस को जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस अशोक के बैंच को भेज दिया। एडवोकेट केएस डडवाल ने बताया कि अब नई बैंच की ओर से इस केस की सुनवाई हो रही है।

राजबिदर सिंह सिद्धू ने बीते दिनों यह रिव्यू पिटीशन दायर करते हुए कहा था कि नई वार्डबंदी पूरी तरह से गलत

बता दें कि याचिककर्ता राजबिदर सिंह सिद्धू ने बीते दिनों यह रिव्यू पिटीशन दायर करते हुए कहा था कि नई वार्डबंदी पूरी तरह से गलत है। इससे पहले सितंबर में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सभी एतराज ध्यानपूर्वक सुने जाएं लेकिन निर्देश के बावजूद निकाय विभाग ने उनके एतराजों की सुनवाई नहीं की। वार्डबंदी में अनेक खामियां है। उनके वकील केएस डडवाल का कहना है कि नई वार्डबंदी पंजाब म्यूनिसिपल आर्डिनेंस के क्लाज 95 का उल्लंघन है। नई वार्डबंदी में न तो एकरूपता है और न ही एक-दूसरे से मिलते हैं।
नगर निगम पर काबिज होने को लेकर कांग्रेस की हदबंदी प्लानिंग ने जहां कांग्रेस सहित शिअद व भाजपा को इस स्कीम को समझने के लिए सिर खुजलाने को मजबूर कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के लिए एक नई मुसीबत पैदा हो गई है तथा वह है वार्डबंदी बदले जाने से पुराने उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर नियमानुसार रोक लग जाना। ऐसे में अब जहां राजनीतिक दल वार्डबंदी को सेट करवाने को पूरे जोर लगा रहे हैं, वहीं इन वार्डों के लिए नए चेहरों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। हालांकि शिअद कांग्रेस द्वारा करवाई गई इस हदबंदी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है, लेकिन कांग्रेस नेता, जिनके चुनाव लड़ने के सपने पर ब्रेक लग चुकी है, भी अपने सीनियर्स की इस प्लानिंग से बेहद नाराज व निराश हैं, ऐसे में वह भी अपने एतराज देने को इंतजार कर रहे हैं।
नए एरिया बनने से अब नए चेहरों की तलाश
नगर निगम की नई हदबंदी की तैयारियों के बीच जहां शिअद कांग्रेस से इसकी खुलकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं तथा हदबंदी को लेकर कांग्रेस पर उन्होंने बिना चुनाव ही निगम की कुर्सी संभालने की बात तक कह दी है। हदबंदी में सारे ही वार्डों की सीमाएं बदलने के बाद पुराने उम्मीदवार में अधिकतर वार्डों की संरचना ही बदल गई है तथा दूसरे वार्ड में जनाधार नहीं होने के चलते उनके पास चुनाव लड़ने की कोई आप्शन ही बाकी नहीं बच रही है। यह हाल अकेले शिअद या भाजपा में ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के भी करीब-करीब ऐसे ही हाल हैं। विशेषकर महिला या जाति आरक्षित वार्ड में सभी दलों को उम्मीदवार तलाशने को बेहद माथा-पच्ची करनी पड़ेगी जिसे सभी दलों के नेता स्वीकार करते हैं। महिला कैडर की बात करें तो करीब-करीब सभी राजनीतिक दलों में महिलाओं को दोयम स्तर का दर्जा हासिल है यानी की किसी भी पार्टी में शहर में एक भी महिला नेता पहली कतार में खड़ी नजर नहीं आती है जिससे गांवों की भांति शहरों में भी पुरुष ही पीछे से सिस्टम को कंट्रोल करेंगे।

कांग्रेस के भीतर नाराजगी, कई विपक्षी उम्मीदवारों में खुशी भी

कांग्रेस ही हदबंदी योजना का पूरा मकसद शिअद को चुनाव से पहले ऐसी बिसात बिछना है ताकि चुनाव से पहले ही उन्हें मात दी जा सके, लेकिन इस टारगेट को हासिल करने को कांग्रेस ने अपने ही घर में कई नेताओं के सपनों को तिलांजलि दे दी है जिससे उनमें निराशा का आलम है, लेकिन दूसरी तरफ शहर में हाल ही में घटित कुछ घटनाक्रमों के बाद कई शिअद नेताओं ने चुनाव से दूर रहने का भी मन बना लिया है तथा वार्डबंदी का ढांचा बदलने से उनके मन की मुराद पूरी हो गई है। हालांकि बाहर वह इस बात को जाहिर करने को तैयार नहीं हैं, लेकिन किसी तरह का पंगा मोल लेने की बजाए हदबंदी के ऊपर सारा दोष डालना उनके लिए आसान हो गया है।

बठिंडा कोर्ट ने ब्लड बैंक में संक्रमित रक्त चढ़ाने पर टिप्पणी करते कहा कि कर्मियों का काम गंभीर अपराध के साथ अमानवीय, इसलिए नहीं देंगे कोई राहत


 

बठिंडा. ब्लड बैंक में जुलाई से नवंबर के मध्य थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एड्स संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में कानूनी कारर्वाई का सामना कर रहे दो कर्मचारियों की तरफ से पिछले दिनों जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इसमें पूर्व बीटीओ बलदेव सिंह रोमाणा ने जहां गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए आवेदन किया था वही पुलिस की तरफ से पिछले दिनों एक अन्य पूर्व कर्मी रुचि गोयल के खिलाफ केस दर्ज किया था व उक्त कर्मी ने अग्रीम जमानत के लिए एडीशनल सेशन जज के पास अर्जी दाखिल की थी।

इसमें कोर्ट की तरफ से दोनों की अर्जी पर विचार करते टिप्पणी की कि आप लोगों ने अमानवीय काम किया जिसमें लापरवाही की हद करते पहले से थेलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को एचआईवी पोजटिव बनाने की कोशिश की जो गहन अपराध की श्रेणी में आता है व इसमें वह जमानत नहीं दे सकते हैं। इसके बाद अब दोनों आरोपियों के पास जमानत के लिए ऊपरी अदालत में जाने का विकल्प ही बचा है। गौरतलब है कि सिविल अस्पताल में एक महिला व चार बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का काम वहां स्थित ब्लड बैक में किया गया।

इस दौरान दोनों आरोपी बैंक में तैनात थे जबकि उक्त लोगों के साथ एक अन्य कर्मी को भी मामले में आरोपी ठहराते सेहत विभाग के मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पहली जांच में निलंबित कर दिया था। इसमें तीसरे आरोपी पर अभी पुलिस की तरफ से किसी तरह की कारर्वाई नहीं की गई है। वही अक्तूबर व नवंबर माह में फिर से तीन बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले सामने आए थे जिसमें  जांच के बाद सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बठिंडा ब्लड बैंक में कार्यरत चार कांट्रेक्ट लैब टेक्नीशियनों को जांच के बाद दोषी पाए जाने पर नौकरी से डिसमिस कर दिया था। सेहत विभाग की अक्टूबर माह के बाद यह दूसरी बड़ी कार्रवाई थी जबकि 3 अक्टूबर के केस में जहां एक एमएलटी बलदेव रोमाणा जेल में है तो कांट्रेक्ट पर बीटीओ डा. करिश्मा व एलटी रिचा गोयल को सस्पेंड किया जा चुका है। इसमें रिचा गोयल पर पिछले माह बाल सुरक्षा आयोग की सख्ती के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उक्त मामले में 8 से 12 साल के मध्य बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाया गया जिसकी ब्लड बैंक में जांच नहीं हुई थी।


लगातार एचआईवी संक्रमित खून लगने के पीछे साजिश होने की आशंका के बाद विजिलेंस जांच

बठिंडा के सरकारी सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक से एक महिला के अलावा तीन थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव डोनरों का बिना जांच खून चढ़ने के मामले में जहां सेहत विभाग चार एलटी को डिसमिस करने की कार्रवाई कर चुका है, वहीं लगातार ब्लड बैंक में ही इस तरह की घटनाएं घटित होने को संयोग नहीं माना जा सकता तथा इसी बात ने सेहत विभाग को बुरी तरह उलझा दिया है। रक्त की जांच नहीं होना तथा उनके थैलेसीमिया मरीजों को चढ़ने के अलावा अन्य कई केस, जिनका अभी रिकार्ड सेहत विभाग को मालूम नहीं है, को लेकर आशंकित सेहत विभाग इसकी विजिलेंस जांच करवा रहा है ताकि इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके। इसमें विजिलेंस विभाग की तरफ से ब्लड बैंक का रिकार्ड व अब तक हुई जांच की पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है लेकिन इसमें अभी किसी के बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। अक्टूबर 2020 में पहले केस के सामने आने तथा लोकल टीम द्वारा की गई जांच में ब्लड बैंक के सारे स्टाफ का रोल शक के दायरे में आने तथा अपना काम ईमानदारी से पूरा नहीं करने के चलते ब्लड बैंक के सभी लोकल कर्मियों का नाम सामने आने के बाद भले ही एक्शन हो गया हो, लेकिन सेहत विभाग एक के बाद एक एचआईवी संक्रमित केसों के सामने आने के बाद इसे सामान्य नहीं मान रहा है। सेहत विभाग की मानें तो एक ही ब्लड बैंक से इतने एचआईवी संक्रमण के केस नहीं हो सकते तथा इसमें किसी तरह की शरारत हो सकती है, इसलिए विभाग भविष्य में किसी तरह का कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता, क्योंकि टीम के होते हुए भी संक्रमित खून अगर ब्लड बैंक में पहुंच सकता है तो विभाग इसकी गंभीरता को समझ रहा है। विजिलेंस इंक्वायरी के माध्यम से सेहत विभाग इस मामले में छिपे तथ्यों को सामने लाकर संक्रमण फैलने व फैलाने वालों पर लगाम कसना चाहता है।

पंजाब के गुरदासपुर में फिर घुसे पा‍क ड्रोन, बीएसएफ जवानों ने सीमा पार से आए दो ड्रोन पर की फायरिंग


 

पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पााकिस्‍तान बार्डर पर बीती रात दो पाकस्‍तानी ड्रोन घुस आए। इसके बाद बीएसएफ के जवानों ने उन पर फायरिंग की। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले भी बार्डर क्षेत्र में पाकिस्‍तान ड्रोन दिख चुके हैं।

कलानौर (गुरदासपुर)। पंजाब के गुरदासपुर में एक बार फिर पाकिस्‍तानी ड्रोन घुस आया। जिले के कलानौर क्षेत्र में भारत-पाक सरहद पर देर रात दाे ड्रोन घुस आए। एक ड्रोन रोसा बार्डर निगरानी पोस्‍ट (BOP)  पर दिखाई दिया और दूसरा ड्राेन चंदू वडाला बीओपी के पास पाकिस्‍तान की ओर से घुसा। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने दोनों पाकिस्तानी ड्रोन पर फायरिंग की। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।


बता दें कि गुरदासपुर के बार्डर क्षेत्र में 19 दिसंबर को भी पाकिस्‍तान की ओर से ड्रोन घुसा था। इस पर बीएसएफ के जवानों ने फा‍यरिंग की थी और इसके बाद ड्रोन से हथियार और हेरोइन के पैकेट गिरे थे। तलाशी अभियान में क्षेत्र से पांच किलो हेरोइन और 11 ग्रेनेड मिले थे। बाद में एक एके-47 राइफल, 30 कारतूस और मैगजीन बरामद की गई।


इसके बाद बीत रात कलानौर क्षेत्र में पाकिस्‍तान की ओर से दो ड्रोन घुस आए। प्राप्त जानकारी अनुसार, बीएसएफ के रोसा बीओपी के पास दर रात करीब 12.35 बजे एक पाकिस्‍तानी ड्रोन दिखाई दिख। इसके बाद बीएसएफ के जवानों ने उस पर फायरिंग की। जवानों की फायरिंग के बाद यह ड्रोन पाकिस्‍तान की ओर भाग गया।

इसके बाद रात करीब  1.07 बजे चंदू वडाला बीओपी पर एक और पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। यहां भी बीएसएफ जवानों ने ड्रोन पर गोलियां चलाईं और ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर  भाग गया। बीएसएफ के डीआइजी का कहना है कि दोनों जगह पर ड्रोन करीब दो मिनट के  लिए दिखे। बीएसएफ के जवानों ने उन पर फायरिंग की। बताया जाता है कि उक्त दोनों पोस्ट के पास कुछ दिन पहले भी पाकिस्तानी ड्राेन देखे गए थे और बीएसएफ जवानों ने गोलियां चलाकर उनको भगा दिया था।

 

मोगा में कार्रवाई : खाद्य आपूर्ति विभाग से माल ढोने का टेंंडर लेते समय ठेकेदार ने ट्रकों की बजाय दे दी स्कूटर, मोटरसाइकिल, कारों व बसों के नंबरों की लिस्ट

 


  • रिपोर्ट तैयार कर चंड़ीगढ़ विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भेजने पर हुई कार्रवाई, जांच में आरोप साबित होने पर केस दर्ज, आरोपी फरार

    मोगा। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से गेहूं व धान की फसल की लिफ्टिंग के लिए टेंडर अलाट करते समय ठेकेदार द्वारा जालसाजी करने का मामला सामने आया है। टेंडर भरने वाले ठेकेदार को टेंडरों के साथ-साथ ट्रकों के आरसी की कापी साथ लगाने के लिए विभाग द्वारा कहा गया था। ऐसे में ठेकेदार ने ट्रकों के नंबरों की जगह स्कूटर, मोटरसाइकिल, कारों व बसों के नंबरों की लिस्ट दे दी थी।

    विभाग को मामले की भनक लगते ही ठेकेदार का टेंडर रद करके दूसरे ठेकेदार को दे दिया गया था। साथ ही आरोपी के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को सिफारिश की गई थी। इसके चलते पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    जालसाजी... टेंडर लेने के समय लगाए दस्तावेज फर्जी निकले, आरोपी की तलाश में पुलिस कर रही रेड

    डीएसपी (डी) जंगजीत सिंह ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग के जिला कंट्रोलर ने 15 मार्च 2020 को एसएसपी को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि फरीदकोट निवासी संदीप कपूर ने साल 2019-20 के लिए जिला मोगा का टेंडर लेने के लिए गेहूं व धान की लिफ्टिंग व अन्य सरकारी सामान ढोने के लिए टेंडर लगाया था। लेकिन सरकारी नियमों के अनुसार ठेकेदार द्वारा टेंडर के साथ ट्रकों की आरसी व नंबरों की लिस्ट मांगी थी, जबकि संदीप कपूर ने सरकारी नियमों के साथ टेंडर व जो ट्रक माल ढोने के लिए इस्तेमाल होने थे, उनके दस्तावेज साथ लगा दिए थे।

    इसके चलते संदीप कपूर को टेंडर अलाट हो गया था। बाद में विभाग को जानकारी मिली कि संदीप ने जो दस्तावेज टेंडर लेने समय लगाए थे, वह फर्जी है। इस पर विभाग द्वारा गुप्त ढंग से जांच करने के बाद पता चला कि ट्रकों के नंबरों के स्थान पर स्कूटर, मोटरसाइकिल, कारों व बसों के नंबरों की लिस्ट दी गई थी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करके चंड़ीगढ़ विभाग के प्रिंसीपल सेक्रेटरी केईपी सिन्हा को भेजी गई थी। इसके बाद

    संदीप कपूर का टेंडर रद करके अन्य ठेकेदार राम सरूप को अलाट कर दिया गया। बाद में सीनियर अधिकारियों के आदेश पर एसएसपी को शिकायत देते हुए ठेकेदार संदीप कपूर के खिलाफ बनती कार्रवाई करने की सिफारिश की गई थी। एसएसपी ने मामले की जांच डीएसपी (डी) जंगजीत सिंह को सौंप दी थी। जांच अधिकारी द्वारा सात महीने की लंबी जांच के बाद संदीप कपूर निवासी फरीदकोट के खिलाफ धारा 420 व 177 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश में रेड कर रही है। लेकिन आरोपी फरार है।


बठिंडा में पीएनजी गैस:आठ महीने में शहर के हर घर तक पहुंचेगी गैस पाइपलाइन

 



ट्रायल सफल रहने के बाद अब शहर के 1500 घरों में इस्तेमाल हो रही पीएनजी गैस

    बठिंडा के निवासियों को जल्द ही गैस सिलेंडर की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। न ही सिलेंडर की बुकिंग और न ही सप्लाई के लिए इंतजार करना होगा। शहर के अधिकांश इलाकों के लिए सर्वे मुकम्मल हो चुका है, नगर निगम से गैस पाइपलाइन डालने का मंजूरी लेकर काम जोर-शोर से चल रहा है जिससे उम्मीद


    है कि आगामी 8 महीने तक शहर के तमाम इलाकों में हरेक घर तक गैस पाइपलाइन उपलब्ध होगी। फिलहाल शहर के 1500 से ज्यादा घरों को गैस पाइपलाइन का लाभ मिल रहा है। गेल इंडिया लिमिटेड की ओर से गैस पाइपलाइन सेवा शुरू कर दी गई है।

    सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट के तहत बठिंडा में काम कर रही जीएसपीएल (गुजरात स्टेट पेट्रो नेट लिमिटेड) की शहर के एक चौथाई हिस्से में गैस पाइप लाइन बिछा दी गई जबकि लोगों की मांग पर गैस कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। नगर निगम की हिदायतों के अनुसार जीपीआर (ग्राउंड पेनेट्रेटिव राडार सिस्टम) का काम शुरू किया गया है, जिसके साथ देखा जा रहा है कि कहां पर सीवरेज की लाइन है और कहां पर पानी की लाइन। आदर्श नगर से शुरू हुए प्रोजेक्ट के तहत शहर में प्रवेश करते हुए माता जीवी नगर, हजूरा कपूरा कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, सुच्चा सिंह नगर, बल्लाराम नगर, गुरु गोबिंद सिंह नगर, माहेश्वरी कॉलोनी, माॅडल टाउन फेज 1 के अलावा नई बसी कॉलोनी ग्रीन सिटी, मॉडल टाउन फेज 4-5 व पार्क पनोरमा में भी गैस पाइप लाइन बिछा दी गई है।

    वहीं पश्चिम दिशा की ओर से मुल्तानिया पुल डीडी मित्तल टावर तक पाइप लाइन बिछाई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी कवायद शुरू हो गई है, गोनियाना की तरफ भी पाइप लाइन बिछाने का काम जोरों पर है। हरेक छोटी-बड़ी गली में पाइप लाइन बिछाने के साथ ही घरों में गैस कनेक्शन का प्रावधान रखा जा रहा है, डिमांड के साथ ही घर की रसोई में कनेक्शन दिया जाएगा।

    रुपये 25 प्रति मीटर क्यूब के हिसाब से चुकाना होगा बिल

    उपभोक्ता को पाइपलाइन से घर में दी जाने वाली नेचुरल गैस में ट्रांसपोर्टेशन तथा फिलिंग का काम खत्म होने के बाद सिलेंडर में लिक्विड पैट्रोलियम गैस (एलपीजी) के मुकाबले पाइप्ड नेचुरल गैस लगभग 20 प्रतिशत यानी लगभग 200 रुपए तक सस्ती पड़ेगी। पाइपलाइन पर लगाए मीटर से खपत की रीडिंग के आधार पर 25 रुपये प्रति मीटर क्यूब के हिसाब से मासिक बिल उपभोक्ता को चुकाना होगा और सिलेंडर में गैस कम होने की शिकायत नहीं रहेगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि गैस खत्म होने का झंझट नहीं रहेगा, जितना प्रयोग किया, बिल जमा किया जाएगा। वहीं सिलेंडर से अधिक सुरक्षा पीएनजी में हैं। सिलेंडर फटने पर अधिक नुकसान होता है। पीएनजी में आग लगने की संभावना न के बराबर है। रेग्युलेटर से अधिक सुरक्षित वाल्व सिलेंडर में गैस प्रवाह को रोकने के लिए रेग्युलेटर का प्रयोग होता है। जबकि पीएनजी गैस पाइपलाइन में सुरक्षा के लिए तीन वाल्व लगे हैं, जहां से बंद किया जा सकता है।

    सीएनजी स्टेशन से हो रही गैस की सप्लाई

    पेट्रोलियम व नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने गुजरात स्टेट पेट्रो नेट लिमिटेड (जीएसपीएल) को पाइपलाइन बिछाने का जिम्मा सौंपा है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सप्लाई करने के लिए केंद्र सरकार के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट के तहत रेडक्रास से मेन रोड पर 1 लाख 80 हजार रुपए प्रति वर्ष लीज पर ली गई जगह पर सीएनजी स्टेशन स्थापित किया गया है। सीएनजी स्टेशन से पाइपलाइन के जरिए गैस की सप्लाई दी जा रही है।

लुधियाना-फौज में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा:रिटायर अफसरों की मोहरें लगा बनाए जाॅइनिंग लेटर, पूर्व कैप्टन समेत 9 से रुपये 34 लाख ठगे


 

लुधियाना। फौज में भर्ती के नाम फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। इसमें आर्मी से रिटायर्ड जवानों ने गैंग बनाकर रिटायर कैप्टन समेत 9 लोगों से 34 लाख की ठगी मार डाली। शातिर ठगों ने आर्मी के ही अधिकारियों की फर्जी मोहरें बनाकर जाॅइनिंग लेटर तक जारी कर दिए, लेकिन नौकरी की बजाय लोगों को मिला धोखा। थाना सदर रायकोट की पुलिस ने गांव बरमी निवासी सुखदीप सिंह, अवध बिहारी उपाध्याय और बनारस निवासी मनी भूषण पांडे के खिलाफ धोखाधड़ी का पर्चा दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की तलाश में रेड जारी है। पुलिस को दिए बयान में विसाखा सिंह ने बताया कि वो आर्मी से कैप्टन रिटायर हैं।

उनका एक बेटा है। गांव में एक चाय की दुकान पर आरोपी सुखदीप आया करता था, जोकि पास के ही गांव का है। उसने कहा कि वो बीएसएफ से रिटायर है, लेकिन उसकी वहां अच्छी-खासी पहचान है। अगर किसी को एमईएस (मिल्ट्री इंजीनियर सर्विस) में नौकरी पर लगाना हो तो उसके लिए मिनटों का खेल है। तभी वहीं होशियार सिंह आया जोकि उसी गांव का है।

उसने कहा कि सुखदीप ने उनके बेटा-बेटी को भी भर्ती करवाने का काम करवा दिया है। उसने जाॅइनिंग लेटर भी दिखा दिया। इससे विसाखा को यकीन हो गया। आरोपी ने कहा कि उसका एक साथी अवध बिहारी उपाध्याय है। इसके जरिए वो सारा काम करता है, वो भी बीएसएफ से रिटायर है। इतना बताने के बाद आरोपी ने सभी से 3.50 लाख रुपए कुछ-कुछ दिनों के गैप के बाद लेने लगा। कुछ कैश अवध और मनी भूषण के

अकाउंट में डलवाने लगा। इस तरह से करीब 9 लोगों को आरोपियों ने अपने झांसे में ले लिया। पैसे लेने के एक महीने बाद भी किसी को भी जाॅब नहीं मिली। थाना सदर रायकोट के जांच अधिकारी सईद शकील ने बताया कि आरोपियों के घरों पर रेड की थी, लेकिन वो सभी फरार हैं और उनके नंबर भी बंद आ रहे हैं, लेकिन उन्हें काबू कर लिया जाएगा।

एक-एक से लिए भर्ती के नाम पर 3.50 लाख, फिर 4 बार नासिक ले जाकर होटलों में भी कराया खर्च

आरोपी 2018 में 9 पीड़ितों के बच्चों के अलावा कुछ अन्य को भी ट्रेन से नासिक ले गया। इस दौरान ट्रेन की टिकट का खर्च उनसे लिया। फिर उन्हें होटल में ठहरा दिया, जहां उन्हें एक हफ्ते रखा और कहा कि अभी काम नहीं हो पाएगा। फिर उन्हें भेज दिया। इसी तरह से दो बार और आरोपी उन्हें नासिक ले गया, जहां एक फर्जी लिस्ट निकलवा दिखाई कि अभी लिस्ट में नाम नहीं आया। अगली बार जरूर होगा। अंत में चौथी बार कैप्टन विसाखा सिंह बच्चों के साथ खुद गया। जहां उसने कहा कि अधिकारी एक हफ्ते की छुट्टी पर हैं, लेकिन विसाखा को शक हुआ, वो वहां अधिकारियों के आॅफिस में पहुंच गए और उन्हें सारी बात बता जाॅइनिंग लेटर दिखाया। इसे देखने के बाद उक्त अधिकारी ने कहा कि ये फर्जी है। जिस अफसर की लेटर पर मोहरें लगी हैं, अफसर रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने गांव लौट पुलिस को शिकायत दी। फिर आरोपी सभी के पैसे लौटाने की बात कहने लगा और समझौता हो गया, लेकिन 2 साल तक न पैसे दिए और न ही जाॅब लगवाई।

लाखों की ठगी मामले के साथ लिंक कर रही पुलिस

लाखों की ठगी मामले के साथ लिंक कर रही पुलिस छह माह पहले लाडोवाल में भी आर्मी से निकाले हुए प्रदीप सिंह उर्फ स्वर्ण सिंह ने 100 से ज्यादा लोगों से भर्ती के नाम पर करोड़ों की ठगी मारी थी। फिलहाल रायकोट व लुधियाना दोनों की पुलिस आरोपी का लिंक भी चेक कर रही है कि कहीं उसका इन आरोपियों से कोई लिंक तो नहीं। फिलहाल आरोपी जेल में बंद है।


Wednesday, December 23, 2020

दिल्ली के कोटला स्टेडियम में जेटली की मूर्ति पर विवाद, बेदी ने DDCA से दिया इस्तीफा, स्टैंड्स से नाम हटाने की मांग


 

नई दिल्ली. फिरोजशाह कोटला मैदान पर डीडीसीए के दिवंगत अध्यक्ष अरुण जेटली की प्रतिमा लगाने के फैसले से खफा महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने क्रिकेट संघ से उनका नाम दर्शक दीर्घा से हटाने के लिए कहा है। उनके नाम पर दीर्घा 2017 में बनाई गई थी। इसके विरोध में डीडीसीए से भी इस्तीफा भी दे दिया है। एक टीवी चैनल से बातचीत में बेदी ने कहा कि मेरे जमीर ने जो कहा, मैंने कर दिया। एक क्रिकेट ग्राउंड में एक नेता का बुत बनाना शोभा नहीं देता है। यह बात मेरे जेहन में उतर नहीं रही है। मैंने उन्हें बुत लगाने से रोक नहीं रहा हूं। मेरा कहना है कि मेरा नाम बस वहां से हटा दीजिए।


दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) पर बरसते हुए बेदी ने भाई भतीजावाद और ‘क्रिकेटरों से ऊपर प्रशासकों को रखने’ का आरोप लगाते हुए संघ की सदस्यता भी छोड़ दी। उन्होंने डीडीसीए के मौजूदा अध्यक्ष और अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली को लिखे पत्र में कहा , ‘मैं काफी सहनशील इंसान हूं लेकिन अब मेरे सब्र का बांध टूट रहा है । डीडीसीए ने मेरे सब्र की परीक्षा ली है और मुझे यह कठोर कदम उठाने के लिये मजबूर किया।’

बेदी ने कहा ,‘तो अध्यक्ष महोदय मैं आपसे मेरा नाम उस स्टैंड से हटाने का अनुरोध कर रहा हूं जो मेरे नाम पर है और यह तुरंत प्रभाव से किया जाए। मैं डीडीसीए की सदस्यता भी छोड़ रहा हूं।’

जेटली 1999 से 2013 के बीच 14 साल तक डीडीसीए अध्यक्ष रहे। क्रिकेट संघ उनकी याद में कोटला पर छह फुट की प्रतिमा लगाने की सोच रहा है। डीडीसीए ने 2017 में मोहिंदर अमरनाथ और बेदी के नाम पर स्टैंड्स का नामकरण किया था। बेदी ने कहा, ‘मैने काफी सोच समझकर यह फैसला लिया है। मैं सम्मान का अपमान करने इवालों में से नहीं हूं। लेकिन हमें पता है कि सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी आती है। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए सम्मान वापस कर रहा हूं कि जिन मूल्यों के साथ मैने क्रिकेट खेली है, वे मेरे संन्यास लेने के चार दशक बाद भी जस के तस हैं।’


उन्होंने कहा कि वह कभी जेटली की कार्यशैली के मुरीद नहीं रहे और हमेशा उन फैसलों का विरोध किया जो उन्हें सही नहीं लगे। उन्होंने कहा,‘ डीडीसीए का कामकाज चलाने के लिए जिस तरह से वह लोगों को चुनते थे, उसे लेकर मेरा ऐतराज सभी को पता है। मैं एक बार उनके घर पर हुई एक बैठक से बाहर निकल आया था क्योंकि वह बदतमीजी कर रहे एक शख्स को बाहर का रास्ता नहीं दिखा सके थे।’

बेदी ने कहा, ‘मैं इस मामले में बहुत सख्त हूं। शायद काफी पुराने ख्याल का। लेकिन मैं भारतीय क्रिकेटर होने पर इतना फख्र रखता हूं कि चापलूसों से भरे अरुण जेटली के दरबार में हाजिरी लगाना जरूरी नहीं समझता था।’ उन्होंने कहा,‘फिरोजशाह कोटला मैदान का नाम आनन फानन में दिवंगत अरुण जेटली के नाम पर रख दिया गया जो गलत था लेकिन मुझे लगा कि कभी तो सदबुद्धि आएगी। लेकिन मैं गलत था। अब मैने सुना कि कोटला पर अरुण जेटली की मूर्ति लगा रहे हैं। मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता।’

उन्होंने कहा कि दिवंगत जेटली मूल रूप से नेता थे और संसद को उनकी यादों को संजोना चाहिए। उन्होंने कहा,‘ नाकामी का जश्न स्मृति चिन्हों और पुतलों से नहीं मनाते। उन्हें भूल जाना होता है।’

बेदी ने कहा, ‘आपके आसपास घिरे लोग आपको नहीं बताएंगे कि लॉडर्स पर डब्ल्यू जी ग्रेस, ओवल पर सर जैक हॉब्स, सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर सर डॉन ब्रेडमैन, बारबाडोस में सर गैरी सोबर्स और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शेन वॉर्न की प्रतिमाएं लगी हैं।' उन्होंने कहा,‘खेल के मैदान पर खेलों से जुड़े रोल मॉडल रहने चाहिए। प्रशासकों की जगह शीशे के उनके केबिन में ही है। डीडीसीए यह वैश्विक संस्कृति को नहीं समझता तो मैं इससे परे रहना ही ठीक समझता हूं। मैं ऐसे स्टेडियम का हिस्सा नहीं रहना चाहता जिसकी प्राथमिकताएं ही गलत हो। जहां प्रशासकों को क्रिकेटरों से ऊपर रखा जाता हो। कृपया मेरा नाम तुरंत प्रभाव से हटा दें।’

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