अपनों के खून से सने हाथ, आदम से इंसान तक का सफर अभी अधूरा है को दर्शाते हैं। झूठे सम्मान की खातिर अपनों को ही मौत के घाट उतार देता है आज का आदमी। पैसे एवं झूठे सम्मान की दौड़ में उलझे व्यक्तियों ने दिल में पनपने वाले भावनाओं एवं जज्बातों के अमृत को जहर बनाकर रख दिया है, और वो जहर कई जिन्दगियों को एक साथ खत्म कर देता है।
पाकिस्तान की तरह हिन्दुस्तान में भी ऑनर किलिंग के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं, ऐसा नहीं कि भारत में ऑनर किलिंग का रुझान आज के दौर का है, ऑनर किलिंग हो तो सालों से रही है, लेकिन सुर्खियों में अब आने लगी है, शायद अब पाकिस्तान की तरह हिन्दुस्तानी हुक्मरानों को भी चाहिए कि वो भी मर्दों के लिए ऐसे कानून बनाए, जो उनको ऐसे शर्मनाक कृत्य करने की आजादी मुहैया करवाए। पाकिस्तानी मर्दों की तरह हिन्दुस्तानी मर्द भी औरतों को बड़ी आसानी से मौत की नींद सुला सके, वो अपना पुरुष एकाधिकार कायम कर सकें।
वोट का चारा खाने में मशगूल सरकारें मूक हैं और खाप पंचायतें अपनी दादागिरी कर रही हैं। इन्हीं पंचायतों के दबाव में आकर माँ बाप अपने बच्चों को मौत की नींद सुला देते हैं, जिनको जन्म देने एवं पालने के लिए हजारों सितम झेले होते हैं।
इसको एक सभ्य समाज कैसे कहा जा सकता है, जहाँ खुद पेड़ लगाकर खुद उखड़ा फेंकने का प्रचलन हो। जब मानव ऐसे शर्मनाक कृत्य करता है तो क्या फर्क रह जाता है आदम और पशु में। जब जब ऐसे ऑनर किलिंग के मामले सामने आते हैं तो सच में एक बात तो समझ में आने लगती है कि हमारी शिक्षा प्रणाली एवं हमारी धार्मिकता कितनी कमजोर है।
हमारे धार्मिक गुरू, ग्रंथ हमको अहिंसक होने का पाठ पढ़ाते हैं, प्रेम करने का पाठ पढ़ाते हैं, हमारी शिक्षा प्रणाली हमको गंवार से पढ़ा लिखा बनाती है ताकि हम अच्छे बुरे की पहचान कर सके, लेकिन हम इन चीजों को त्याग मूड़ लोगों की भीड़ खुद को खड़ा कर लेते हैं, जो वो भीड़ कर रही है, उसको ही सही मान रहे हैं।
भीड़ में सब अनजान होते हैं एक दूसरे से, किसी को कुछ अंदाजा नहीं होता वो क्या कर रहे हैं, वो सब सोच रहे होते हैं, बस जो कर रहे हैं अच्छा ही होगा, लेकिन जब कोई खुद को भीड़ से अलग कर एकांत में सोचता है तो उसकी हिम्मत नहीं पड़ती कि वो खुद से सामना भी कर सके, वो भीतर ही भीतर टूटकर बिखर जाता है। जब तलक मानव सोच शैतानी बचपने से उभरेगी नहीं, तब तक फगवाड़ा के गांव महेड़ू में हुए प्रवासी दम्पति की हत्या (ऑनर किलिंग) जैसे शर्मनाक कृत्य घटित होते रहेंगे।
कुलवंत हैप्पी-76967-13601
Kako hitro dvigniti denar z Vavade po igranju slotov
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Kako hitro dvigniti denar z Vavade po igranju slotov Pri Vavada hitrost
dviga denarja po igranju slotov ni odvisna od sreče, temveč od treh
preverljivih de...
2 हफ़्ते पहले
1 टिप्पणी:
अच्छा आलेख
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