नई दिल्ली : पूरे देश में चाहे जितना भी कांग्रेस विरोधी माहौल हो, लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार या पार्टी अ ध्यक्ष बनने की जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं। पार्टी के कहने पर कुछ भी जिम्मेदारी उठाने को राहुल ने जैसे ही खुद को तैयार बताया, वैसे ही राहुल की भूमिका बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। 117 जनवरी को कांग्रेस कार्यकारिणी में परदा उठेगा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष से पदोन्नत कर उनकी ताजपोशी कार्यकारी अध्यक्ष या अध्यक्ष के रूप में होगी या फिर प्रधानमंत्री के रूप में पेश किया जाएगा। हालांकि, भाजपा ने कांग्रेस के वंशवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि राहुल की बड़ी भूमिका से भी चुनावी नतीजों में कोई फर्क नहीं आने वाला है। जनवरी, 2013 में भी कांग्रेस महासचिव से कांग्रेस उपाध्यक्ष घोषित होने से पहले भी ठीक यही माहौल था। 1पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार कह रहे थे कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाद नंबर दो राहुल गांधी ही हैं। ऐसे में उन्हें किसी पद और अन्य किसी घोषणा की जरूरत नहीं है, लेकिन जयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान राहुल की ताजपोशी उपाध्यक्ष के पद पर हुई।1जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : पूरे देश में चाहे जितना भी कांग्रेस विरोधी माहौल हो, लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार या पार्टी अ ध्यक्ष बनने की जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं। पार्टी के कहने पर कुछ भी जिम्मेदारी उठाने को राहुल ने जैसे ही खुद को तैयार बताया, वैसे ही राहुल की भूमिका बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। 117 जनवरी को कांग्रेस कार्यकारिणी में परदा उठेगा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष से पदोन्नत कर उनकी ताजपोशी कार्यकारी अध्यक्ष या अध्यक्ष के रूप में होगी या फिर प्रधानमंत्री के रूप में पेश किया जाएगा। हालांकि, भाजपा ने कांग्रेस के वंशवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि राहुल की बड़ी भूमिका से भी चुनावी नतीजों में कोई फर्क नहीं आने वाला है। जनवरी, 2013 में भी कांग्रेस महासचिव से कांग्रेस उपाध्यक्ष घोषित होने से पहले भी ठीक यही माहौल था। 1पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार कह रहे थे कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाद नंबर दो राहुल गांधी ही हैं। ऐसे में उन्हें किसी पद और अन्य किसी घोषणा की जरूरत नहीं है, लेकिन जयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान राहुल की ताजपोशी उपाध्यक्ष के पद पर हुई।1 |
|
|
|
| ||
25 साल बाद BNP सरकार के आसार, लेकिन बहुमत नहीं:कट्टरपंथी जमात भी बहुत पीछे
नहीं; हिंदू वोटों के बिना सरकार नहीं
-
बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। इस बार 51 राजनीतिक पार्टियां
सत्ता हासिल करने के लिए मैदान में हैं। बांग्लादेश में करीब 12.7 करोड़
मतदाता आ...
1 घंटे पहले
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें